असहिष्णुता के विरूद्ध साहित्यकारों की रैली

साहित्यकारों का प्रदर्शन
प्रकाशित

साहित्यकारों की पुरस्कार वापसी के मुद्दे पर जहां साहित्य अकादमी बैठक कर रही है वहीं लेखकों ने शुक्रवार को दिल्ली में मौन जुलूस निकाला.

देश में बढ़ रही असहिष्णुता के मुद्दे पर अब तक चालीस से ज़्यादा साहित्कार अपने साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा चुके हैं. कुछ ने अपने अहम सरकारी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है.

साहित्यकारों का प्रदर्शन

साहित्यकारों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर दिल्ली के श्रीराम सेंटर तक मौन जुलूस निकाला.

उनका कहना था कि भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले हो रहे हैं.

साहित्यकारों का प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुरस्कार लौटाना पहला क़दम था, अब मौन जुलूस निकाल रहे हैं यदि अब भी हालात नहीं बदले तो प्रदर्शन और मुखर और तेज़ होंगे.

दूसरी ओर पुरस्कार लौटाने वालों के ख़िलाफ़ भी एक प्रदर्शन हुआ जिसमें लेखकों के लिए 'गेट वेल सून' वाले पोस्टर दिखाए गए.

साहित्यकारों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन
साहित्यकारों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

लेखकों का विरोध करने वालों का कहना है कि जो साहित्याकर पुरस्कार लौटा रहे हैं उनका साहित्य भारतीय संस्कृति और दर्शन का रूप नहीं है.

साहित्यकारों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन
साहित्यकारों का प्रदर्शन
साहित्यकारों का प्रदर्शन
साहित्यकारों का प्रदर्शन
साहित्यकारों का प्रदर्शन
साहित्यकारों का प्रदर्शन
साहित्यकारों का प्रदर्शन
साहित्यकारों का प्रदर्शन

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