कन्नड़, पंजाबी लेखकों ने 'साहित्य सम्मान' लौटाया

नयनतारा सहगल
इमेज कैप्शन, लेखिका नयनतारा सहगल के विरोध के स्वरों के बाद कई लेखकों ने सत्ता-शासन-व्यवस्था के प्रति नाराज़गी ज़ाहिर की.
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भारत में हाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा के संकीर्ण होते दायरे के ख़िलाफ़ विरोध जताने वाले लेखकों-कलाकारों की लिस्ट बढ़ती जा रही है.

नयनतारा सहगल, अशोक वाजपेयी, शशि देशपांडे, सारा जोज़ेफ़, सच्चिदानंदन और कुछ अन्य साहित्यकारों के बाद, रविवार को कन्नड़ साहित्यकार अरविंद मालागट्टी और कुम वीरभद्रप्पा ने साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस करने की घोषणा की है. दो पंजाबी लेखकों ने भी साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा दिए हैं.

अरविंद मालागट्टी

मालागट्टी ने स्थानीय पत्रकार इमरान क़ुरैशी को बताया, ''डॉक्टर कलबुर्गी की हत्या की वजह हम जानते हैं. हम इंतज़ार करते रहे कि अकादमी इस बारे में कुछ करेगी लेकिन उसके इस बारे में उसने कोई रुख़ अख़्तियार नहीं किया.''

STY40286478कलबुर्गी हत्याकांड: सीबीआई जांच की सिफ़ारिशकलबुर्गी हत्याकांड: सीबीआई जांच की सिफ़ारिशकर्नाटक सरकार अब विद्वान कलबुर्गी की हत्या के मामले में सीबीआई की जांच की सिफ़ारिश कर रही है. उनकी हत्या के बाद, एक अन्य लेखक को धमकी देने के आरोप में बंजरंग दल के नेता गिरफ़्तार हुए हैं.2015-08-31T14:10:40+05:302015-08-31T16:13:27+05:302015-08-31T18:21:59+05:302015-08-31T18:21:57+05:30PUBLISHEDhitopcat2

मालागट्टी का कहना है, ''दादरी की घटना और कलबुर्गी हत्याकांड इस बात का संकेत हैं कि न केवल संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है बल्कि देश के सामाजिक तानेबाने को भी तोड़ा जा रहा है.''

वीरभद्रप्पा ने भी दादरी हत्याकांड और साहित्य अकादमी की कथित विफलता पर अपना विरोध दर्ज कराया है.

पंजाबी साहित्यकारों का विरोध

आतमजीत सिंह

इसी तरह पंजाबी के नाटककार आतमजीत सिंह और साहित्यकार गुरबचन भुल्लर ने भी साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा दिए हैं.

आतमजीत सिंह पंजाबी के जानेमाने नाटककार, निर्देशक और रंगकर्मी हैं जिन्हें वर्ष 2009 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

वजह पूछे जाने पर उन्होंने बीबीसी के निखिल रंजन को बताया, ''मेरे देश में जो कुछ हो रहा है, मुझे बहुत बुरा लग रहा है. हमारी सरकार एक्शन लेती हुई नज़र नहीं आ रही है. प्रधानमंत्री भी 9 दिन के बाद बोलते हैं."

उन्होंने कहा, "हम बहुसंस्कृति वाले देश में रहते हैं जहां सब किस्म के लोग हैं. हमें एक-दूसरे के धर्म और संस्कृति की कद्र करना आना चाहिए. कोई अपनी सीमा लांघता भी है तो इसका मतलब उसे मारना नहीं होता है. भारतीय संस्कृति में किसी को जान से नहीं मारा जाता.''

अख़लाक
इमेज कैप्शन, दिल्ली से सटे दादरी में गोमांस की अफ़वाह के बाद अख़लाक की हत्या कर दी गई थी.

STY40840462बीफ़ खाने से रोक नहीं सकते: इंजीनियर रशीद बीफ़ खाने से रोक नहीं सकते: इंजीनियर रशीद जम्मू कश्मीर के विधायक इंजीनियर रशीद अपने साथ मारपीट की तुलना दादरी हत्याकांड से करते हैं.2015-10-10T19:50:48+05:302015-10-10T20:33:52+05:302015-10-10T20:43:13+05:302015-10-10T20:43:12+05:30PUBLISHEDhitopcat2

आतमजीत सिंह कहते हैं, ''सबसे ज़्यादा दुख मुझे इस बात से हुआ कि अकादमी के अध्यक्ष कहते हैं कि लेखक इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं. इससे मुझे कष्ट हुआ है. मेरा संबंध किसी राजनीतिक दल से नहीं है.''

STY40775653'दादरी हमला अफ़सोसनाक और निंदनीय''दादरी हमला अफ़सोसनाक और निंदनीय'अरुण जेटली ने कहा कि इन हमलों से देश में नीति की दिशा भी बदल सकती है.2015-10-06T07:17:28+05:302015-10-06T07:49:29+05:302015-10-06T07:49:29+05:302015-10-06T09:20:46+05:30PUBLISHEDhitopcat2'

गुरबचन सिंह भुल्लर

पंजाबी के ही दूसरे साहित्यकार गुरबचन सिंह भुल्लर ने बीबीसी संवाददाता संदीप सोनी को बताया, ''हाल के दिनों में समाज, साहित्य और संस्कृति पर हमले हुए हैं, जिन्होंने मुझे व्यथित कर दिया है.''

उनका कहना है, ''यह कहा जा सकता है कि ये जो कुछ हो रहा है, कोई नई बात नहीं है और ऐसा पहले भी होता रहा है, लेकिन ये सच है कि हाल के दशकों में इस मामले में कोई सरकार पाक-साफ नहीं रही है.''

हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई है कि समाज इन हमलों से उबर आएगा और पहले से अधिक मज़बूत होगा.

<bold><link type="page"><caption> दो और लेखकों ने साहित्य अकादमी से नाता तोड़ा </caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151010_sarah_joseph_satchidanandan_sdp.shtml" platform="highweb"/></link></bold>

के. सच्चिदानंदन

इससे पहले भारत में सांप्रदायिक हिंसा की हालिया घटनाओं पर अपना विरोध जताते हुए मलयामल और अँग्रेज़ी भाषा के कवि के. सच्चिदानंदन ने साहित्य अकादमी से नाता तोड़ लिया था.

सच्चिदानंदन साहित्य अकादमी की विभिन्न समितियों के सदस्य थे जिनसे उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया.

इसी तरह जानी-मानी उपन्यासकार सारा जोसेफ़ ने भी अपना साहित्य अकादमी सम्मान केंद्र सरकार को लौटाने का फैसला किया.

<bold><link type="page"><caption> शशि देशपांडे ने विरोध दर्ज कराया</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151009_shashi_deshpande_resigned_sdp" platform="highweb"/></link></bold>

शशि देशपांडे

जानी-मानी उपन्यासकार शशि देशपांडे ने साहित्य अकादमी की गवर्निंग काउंसिल से इस्तीफ़ा दे दिया था.

डॉक्टर एमएम कलबुर्गी

उन्हें शिकायत थी कि 'अकादमी ने कन्नड़ विद्वान डॉक्टर एमएम कलबुर्गी के निधन पर खेद तक ज़ाहिर नहीं किया.'

<bold><link type="page"><caption> अशोक वाजपेयी ने लौटाया साहित्य अकादमी सम्मान</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151007_ashok_vajpeyi_returns_sahitya_akademi_award_aa" platform="highweb"/></link></bold>

अशोक वाजपेयी

हिंदी कवि और आलोचक अशोक वाजपेयी ने दादरी में बीफ़ की अफ़वाह को लेकर हुई हिंसा और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की हत्याओं से जुड़ी घटनाओं पर 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी' पर सवाल उठाया था.

अशोक वाजपेयी का कहना था कि उन्होंने 'जीवन और अभिव्यक्ति, दोनों की स्वतंत्रता के अधिकार पर हो रहे हमलों को देखते हुए' पुरस्कार लौटाने का फैसला किया.

<bold><link type="page"><caption> नयनतारा सहगल ने लौटाया साहित्य अकादमी</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151006_nayantara_returns_sahitya_akademi_pkp" platform="highweb"/></link> </bold>

मशहूर लेखिका नयनतारा सहगल ने भी अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने का फ़ैसला किया था.

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की भांजी नयनतारा ने एक बयान जारी करके कहा था, "सरकार, भारत की सांस्कृतिक विविधता की हिफ़ाज़त करने में नाकाम रही है. इस वजह से मैंने ये सम्मान लौटाने का फ़ैसला किया है."

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