शादी करनी है तो लेना होगा 'एनओसी'

जालोर में गांव सभा की मीटिंग
    • Author, आभा शर्मा
    • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

राजस्थान के जालोर जिले के कुछ गांवों में अब घर में शादी से पहले नो ऑबजेक्शन सर्टिफ़िकेट या 'एनओसी' लेना ज़रूरी है.

यदि घर में शौचालय नहीं है तो अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना शादी नहीं हो सकती.

यह किसी खाप पंचायत का फरमान नहीं है.

जालोर की मीटिंग में पास हुआ प्रस्ताव

आंवलोज ग्राम पंचायत के एसडीएम संजय कुमार वासु ने बीबीसी को बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत रतुन्जा, वासन, थलुंडा और आंवलोज में भी पूरे गांव को शत प्रतिशत 'ओडीएफ' करने की मुहिम चल रही है.

इस अभियान के तहत हाल ही में आंवलोज में आयोजित निगरानी समिति के अध्यक्षों और सदस्यों की बैठक में एक लिखित प्रस्ताव पारित किया गया. इसमें यह निर्णय लिया गया कि "हमारी बेटी की शादी उसी घर में होगी जिस घर में शौचालय बना हुआ होगा."

घर में टॉयलेट नहीं है तो गांव में शादी के लिए इजाज़त नहीं मिलेगी. ऐसी स्थिति में एनओसी लेना होगा.

भरोसा

जालोर में शौचलाय निर्माण में जुटे लोग

वैसे समिति के अध्यक्ष नरपत सिंह को पूरा विश्वास है कि इसकी नौबत ही नहीं आएगी.

वो कहते हैं, "सभी गांव वालों ने ठान लिया है कि जल्दी से जल्दी ग्राम पंचायत के लिए 'खुले में शौच से पूर्ण मुक्त' गांव का दर्जा प्राप्त करना है."

आंवलोज की सरपंच ममता वैष्णव को भी भरोसा है कि जल्द ही उनकी ग्राम पंचायत की 5,000 जनसंख्या यह लक्ष्य प्राप्त कर लेगी.

नरपत सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले ही वासन के शंकराराम के बेटे और थलुंड के अमराराम की बेटी की शादी थी.

लेकिन दोनों ही परिवारों को 'एनओसी' की ज़रूरत नहीं पड़ी. दोनों ही परिवारों ने अपनी बेटी और बहू दोनों के ही लिए शौचालय बना लिया था.

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