आज़मगढ़ का गाँव गोद लेंगे ओवैसी

असदउद्दीन औवैसी, हैदराबाद सांसद, एमआईएम
    • Author, ज़ुबैर अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
  • प्रकाशित

आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एमआईएम) के अध्यक्ष और सांसद असदउद्दीन ओवैसी आज़मगढ़ का एक गाँव गोद लेंगे.

औवेसी ने बीबीसी को दिए एक <link type="page"><caption> विशेष इंटरव्यू</caption><url href="http://youtu.be/yYLVgvS86JY?list=UUN7B-QD0Qgn2boVH5Q0pOWg" platform="highweb"/></link> में ये बात कही.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी क्षेत्र बनारस के जयापुर गाँव को गोद लिया है. प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों के एक गाँव को गोद लेने की योजना भी बनाई है.

ओवैसी ने कहा, "मैंने तय किया है कि मैं आज़मगढ़ में एक गाँव गोद लूंगा, तीन-चार गाँवों के नाम है, एक-दो दिन में तय कर लूँगा."

ओवैसी के इस फ़ैसले से कई लोगों के कान खड़े हो सकते हैं. आज़मगढ़ ही क्यों हैदराबाद क्यों नहीं जहां से वो सांसद हैं?

इसपर उन्होंने कहा कि वो इस देश के नागरिक हैं और लोकतंत्र में उन्हें इस बात का अधिकार है कि वो देश के किसी गाँव को गोद ले सकते हैं

<link type="page"><caption> ओवैसी के साथ बीबीसी हैंगआउट देखें</caption><url href="http://youtu.be/yYLVgvS86JY?list=UUN7B-QD0Qgn2boVH5Q0pOWg" platform="highweb"/></link>

चुनाव की तैयारी

असदुद्दीन ओवैसी

आज़मगढ़ हाल के सालों में चरमपंथी गतिविधियों के इल्ज़ाम के लिए सुर्ख़ियों में रहा है.

बीजेपी के एक नेता ने इसे हाल में चरमपँथियों का गढ़ भी कहा जिससे काफ़ी विवाद खड़ा हो गया था.

इस पर ओवैसी ने कहा कि वो इसीलिए ही आज़मगढ़ के गाँव को गोद लेना चाहते हैं.

वो लोगों को ये बताना चाहते हैं कि आज़मगढ़ पर लगा ये इल्ज़ाम ग़लत है.

नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री
इमेज कैप्शन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के जयापुर गाँव को गोद लिया है.

असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम उत्तर प्रदेश में अगले विधान सभा चुनाव में भाग लेने की तयारी में जुटी है.

इसकी पुष्टि खुद ओवैसी ने की. शायद आज़मगढ़ के गाँव को गोद लेने का फैसला इसकी एक कड़ी हो.

हाल में महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में दो सीटें जीतने के बाद पार्टी का हौसला बुलंद है.

ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में भी चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है. उनकी पार्टी दिल्ली में चुनाव लड़ने की संभावना भी तलाश रही है.

उनके अनुसार उन्होंने मुसलमानों और दलितों के सामाजिक विकास और उनकी सियासत में भागीदारी बढ़ाने के लिए इन राज्यों में चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है.

मुसलमानों के नेता

आज़मगढ़ का एक गाँव
इमेज कैप्शन, ओवैसी का कहना है कि वो जल्द ही आज़मगढ़ के किसी गाँव को संसाद के रूप में गोद लेंगे.

औवेसी ने कहा वो मुसलमानों के नेता नहीं बनना चाहते हैं बल्कि उनकी सेवा करना चाहते हैं और उन्हें अधिकार दिलाने के लिए काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में 18 प्रतिशत मुसलमानों ने समाजवादी पार्टी को वोट दिया, सेक्युलिरज़्म के नाम पर, चुनकर पाँच सांसद आए, पाँचों एक ही परिवार के हैं, मुसलमानों को क्या मिला?"

औवैसी मानते हैं कि कांग्रेस पार्टी हो या 'मौलाना' मुलायम या फिर लालू यादव इन सभी ने मुसलमानों का नेतृव करने का दावा किया लेकिन केवल वोट हासिल करने के लिए.

वो कहते हैं, "मुलायम जी 75 फीट का केक काटते हैं, 75वें जन्मदिन पर, हमें उस केक से हिस्सा नहीं चाहिए."

जिन्ना नहीं बनना चाहते

मोहम्मद अली जिन्ना, माउंटबेटन, लेडी माउंटबेटन
इमेज कैप्शन, मोहम्मद अली जिन्ना, माउंटबेटन और उनकी पत्नी के साथ.

उन्होंने इस बात को भी नकारा कि वो भारतीय मुसलमानो के एक और 'जिन्ना' बनना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, "जिन्ना के पैग़ाम को हमने ठुकरा दिया, हमने भारत में रहने का फ़ैसला किया, जिन्ना से हमें क्या लेना देना, जिन्ना की तारीफ़ करने मैं पाकिस्तान नहीं गया था, आडवाणी जी ने उनकी तारीफ़ की थी, मैं मुसलमानों का नेता नहीं हूँ, मैं तो इंसाफ़ की बात कर रहा हूँ."

ओवैसी ने इस इल्ज़ाम को भी ग़लत बताया कि उनकी पार्टी मुसलमानों को भड़का कर उनका वोट हासिल करना चाहती है.

उनके भाई अकबरुद्दीन ने दो साल पहले कथित रूप से सांप्रदायिक और भड़काऊ भाषण दिया था जिसके लिए उन्हें 45 दिनों तक जेल भी जाना पड़ा था.

ओवैसी ने कहा नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में कुछ लोगों ने इससे भी अधिक भड़काऊ भाषण दिया है उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? उन्हों ने कहा उनकी पार्टी में कई हिंदू हैं और वो अहम पदों पर हैं.

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