असमः 12 साल की लड़की से 'गैंगरेप' का मामला, सातों अभियुक्त 10वीं के छात्र

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असम के बिस्वनाथ चारियाली ज़िले में एक 12 साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार कर उसकी हत्या करने की घटना सामने आई है.

इस कथित गैंगरेप की घटना में चौंकाने वाली बात यह भी है कि इसके सातों अभियुक्त नाबालिग़ हैं और उन्होंने पिछले महीने ही 10वीं कक्षा के बोर्ड की परीक्षा दी है.

दरअसल पीड़ित लड़की 28 फ़रवरी से लापता थी जिसके बाद उनके घरवालों ने पुलिस में शिकायत की.

यह घटना गुवाहाटी से क़रीब 300 किलो मीटर दूर गोहपुर थाना इलाक़े में आने वाले राजाबाड़ी गांव की है.

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पुलिस ने क्या बताया?

बीबीसी से बिस्वनाथ चारियाली ज़िले के सब-डिविशनल पुलिस अधिकारी तिलक दास ने घटना की जानकारी देते हुए कहा, "पुलिस को 29 फ़रवरी के सुबह 10 बजे इस घटना की जानकारी मिली थी. उसके बाद पुलिस ने गांव वालों की मदद से पास के जंगल में लड़की को तलाशना शुरू किया. इस तलाशी के दौरान लड़की का शव एक पेड़ से लटका हुआ बरामद किया गया."

उन्होंने कहा, "हमने 24 घंटे के भीतर घटना में शामिल सातों लड़कों को पकड़ लिया है. ये सभी लड़के नाबालिग़ हैं. हमने उन्हें रविवार को जुवेनाइल कोर्ट में हाज़िर किया था. फ़िलहाल सभी अभियुक्तों को जोरहाट में मौजूद ऑब्ज़र्वेशन होम में रखा गया है."

क्या बलात्कार के आरोप सही हैं? इस सवाल पर पुलिस अधिकारी ने कहा, "हमने लड़कों से पूछताछ की है. मुख्य अभियुक्त ने बलात्कार करने की बात स्वीकार की है लेकिन इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकती है. मंगलवार को मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद यह सारी बातें साफ़ हो जाएंगी."

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'हत्या के बाद शव को पेड़ पर लटकाया'

पीड़ित लड़की के एक रिश्तेदार ने बताया, "गांव के कुछ लोगों ने शुक्रवार को दो अभियुक्तों को लड़की को अपने साथ ले जाते हुए देखा था. दरअसल ये सभी अभियुक्त पीड़िता के गांव के ही है, इसलिए उस समय किसी को संदेह नहीं हुआ."

आरोपों में कहा जा रहा है कि बोर्ड की परीक्षा के बाद पार्टी करने के बहाने लड़की को पास के एक मकान में बुलाकर ले गए और उसके बाद उनलोगों ने लड़की के साथ बलात्कार किया. फिर लड़की की हत्या करने के बाद उसके शव को पेड़ से इसलिए लटका दिया ताकि लोगों को यह आत्महत्या का मामला लगे.

गांव में इस घटना को लेकर तनाव का माहौल है. वहीं पुलिस अधिकारी दास भी इस घटना से काफ़ी अचंभे में हैं.

वे कहते हैं, "ये अभियुक्त और पीड़िता नाबालिग़ लड़की एक ही समुदाय से आते हैं और उसमें पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई है. इन लड़कों ने काफ़ी जघन्य अपराध किया है. इसलिए हमने अदालत से प्रार्थना की है कि भले ही सभी अभियुक्त नाबालिग़ हैं लेकिन अदालत इस घटना को एक बड़े अपराध के तौर पर लेते हुए अपनी कार्यवाही करे ताकि मामले में सभी को कड़ी सज़ा मिल सके. साथ ही हमने अदालत में ऑब्जेक्शन दिया है ताकि किसी भी अभियुक्त को ज़मानत न मिल सके. क्योंकि इससे क़ानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है."

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