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झारखंड: तीन साल की बच्ची की 'गैंगरेप' के बाद हत्या
तारीख़ थी 25 जुलाई. रात के 11.30 बज रहे थे. सलमा (बदला हुआ नाम) अपनी तीन साल की बच्ची के साथ टाटानगर रेलवे स्टेशन (जमशेदपुर) पर सोयी हुई थीं.
तभी काली और सफ़ेद कमीज़ पहने आए दो लोगों में से एक ने उस बच्ची को गोद में उठा लिया.
वे उसे लेकर दूसरे दरवाज़े से निकल गए. बाद में उस बच्ची की सिरकटी लाश मिली. पुलिस ने बताया कि दोनों संदिग्धों ने गैंगरेप के बाद गला काटकर उसकी हत्या कर दी थी.
दोनों अभियुक्त पकड़ लिए गए हैं. पुलिस का कहना है कि उन्होंने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया है.
जमशेदपुर के एसपी (रेलवे) डॉ. एहतेशाम वकारीव ने बीबीसी से बातचीत में इसकी पुष्टि की है.
डॉ. एहतेशाम वकारीव ने बताया, "बच्ची की मां ने 26 जुलाई की सुबह टाटानगर रेल थाने में अपनी बच्ची की गुमशुगदी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. तब उन्होंने अपने पुरुष साथी पर बच्ची का अपहरण कराने की आशंका जताई थी."
वे लोग पश्चिम बंगाल के झालदा से साथ चले थे और उन्हें ओडिशा जाना था. इसी सिलसिले में वह महिला अपनी बच्ची और साथी के साथ स्टेशन पर रुकी थी.
एसपी डॉक्टर एहतेशाम ने यह भी बताया कि पुलिस ने बच्ची की मां के संदेह के आधार पर उनके पुरुष साथी को गिरफ़्तार किया गया था मगर वह कुछ भी नहीं बता पा रहा था.
उनका कहना है कि जैसे ही पुलिस ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग देखी तो सारी बात खुलती चली गई.
तस्वीरों के आधार पर पुलिस ने इस अपराध में शामिल रिंकू साव और उनके साथी कैलाश कुमार को गिरफ़्तार कर लिया है.
रामाधीन बाग़ इलाक़े से बच्ची का शव भी बरामद किया जा चुका है. बच्ची की मां ने शव की शिनाख़्त कर ली है.
अब जेल में बंद बच्ची की मां के साथी की रिहाई की भी उम्मीद बढ़ गई है जो फ़िलहाल जेल में हैं.
पहले भी जा चुके हैं जेल
इस मामले की जांच में लगे रेल डीएसपी नूर मुस्तफ़ा अंसारी ने बताया कि इस रिंकू साव पहले भी जेल जा चुके हैं.
उनके खिलाफ साल 2008 और 2015 में बच्चे के अपहरण और यौन अपराध के दो अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए थे. हाल ही में वह जेल से छूटे थे.
रिंकू की मां झारखंड पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं. वहीं दूसरे अभियुक्त कैलाश कुमार के पिता सीआरपीएफ़ जवान हैं और अभी पुलवामा में तैनात हैं.
कैलाश के तीन बच्चे हैं. इनमें एक नाबालिग बेटी भी है. बताया जाता है कि कैलाश की हरकतों के कारण उनकी पत्नी पिछले एक साल से उनसे अलग रह रही हैं.
रिंकू साव ने पुलिस को बताया है कि वे बच्चा चुराने के बाद उसे कैलाश को सौंप देते थे. हालांकि, कैलाश ने पुलिस को इस बारे में बहुत जानकारी नहीं दी है. पुलिस कोर्ट से उन्हें रिमांड पर लेने की मांग करने वाली है.
मासूमियत का क़त्ल
इस बीच मृत बच्ची की कुछ तस्वीरें उपलब्ध कराई गई हैं. इनमें वह मुस्कुरा रही है.
उसके हाथों में हरे और सुनहरे रंग की चूड़ियां हैं. मानो, वह कहीं घूमने जाने के लिए तैयार बैठी हो. मगर अफ़सोस, अब वह इस दुनिया में नहीं है.
उसकी मां कल तक जमशेदपुर में रुकने के बाद अब अपने गांव वापस लौट गई है.
बच्ची के मामा ने बीबीसी से कहा, "नाज़िया (बदला हुआ नाम) मेरी बहन की इकलौती संतान थी. जब वह अपनी माँ के गर्भ में थी, तभी उसके अब्बा ने मेरी बहन को तलाक़ दे दिया था. तबसे वह हमलोगों के साथ ही रहती थी."
झारखंड में बढ़े अपराध
पिछले एक सप्ताह के दौरान झारखंड में गैंगरेप और रेप की कम से कम पांच घटनाएं हुई हैं.
इनमें पाकुड़ में एक आदिवासी युवती से गैंगरेप, आदित्यपुर में भी एक लड़की से गैंगरेप और जमशेदपुर में दो लड़कियों के साथ एक ही जगह सामूहिक दुष्कर्म के मामले पुलिस ने दर्ज किए हैं.
इससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि रघुवर दास सरकार बेटी-बहनों को सुरक्षा देने में विफल रही है.
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