बिजनौरः केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट, छह मरे

उत्तर प्रदेश में बिजनौर के नगीना रोड पर मोहित पेट्रो केमिकल्स डिस्टलरी में एक बॉयलर में हुए धमाके से छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर लापता है.

हादसे के बाद पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत और बचाव में जुट गई है. बिजनौर के जिलाधिकारी अटल रॉय ने हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि की है.

विस्फोट में चार मजदूर घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है.

पिछले दो दिन से इस बात की शिकायत मिल रही थी कि बॉयलर में रिसाव हो रहा है. इस शिकायत के बाद बुधवार सुबह को फैक्ट्री के करीब 11 मजदूर वेल्डिंग कर इस लीकेज की समस्या को दूर करने की कोशिश में थे.

इस बीच, बॉयलर में मीथेन गैस बन गई और तेज़ धमाके के साथ विस्फोट हुआ. जिलाधिकारी अटल राय कहते हैं, "हादसा सुबह करीब 7:30 बजे हुआ है. बॉयलर में जब कुछ मजदूर मरम्मत कर रहे थे, उसी समय अचानक मीथेन गैस के संपर्क में आने के कारण बॉयलर में विस्फोट हो गया."

विस्फोट इतना तेज था कि बॉयलर पर बैठे मजदूर कई मीटर दूर जा गिरे. प्रशासन के अनुसार मृतकों के नाम विक्रांत, बालगोविंद, चेतराम, लोकेंद्र, कमल वीर और रवि थे. फैक्ट्री में हादसे के बाद अविरल नाम के मजदूर का कुछ पता नहीं चल पा रहा है.

जांच के निर्देश

मोहित पेट्रोकेमिकल्स डिस्टलरी में हुए हादसे को प्रशासन फैक्ट्री मालिक तथा सुपरवाइजर की लापरवाही मानकर चल रहा है. डीएम अटल रॉय ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं.

वहीं बिजनौर के पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार का कहना है, "पहली नजर में फैक्ट्री मालिक और सुपरवाइजर की लापरवाही सामने आ रही है. जांच होगी, जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी."

... तो नहीं होता विस्फोट

इस पूरे मामले में फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है. बॉयलर का काम स्टीम (भाप) बनाने का होता है. इसके बाद बिजली तैयार होती है. ऐसे में बॉयलर में लीकेज की समस्या आने पर विशेषज्ञों को सबसे पहले इस मामले को गंभीरता से लेना था लेकिन शायद ऐसा नहीं किया गया.

एक अन्य फैक्ट्री के इंजीनियर बताते हैं कि यूं तो वेल्डिंग करने के लिए भी विशेषज्ञों की ज़रूरत होती है लेकिन मोहित पेट्रोकेमिकल्स में मजदूरों से वेल्डिंग कराना लापरवाही है.

फिर भी अगर बॉयलर का वाल खोलकर वेल्डिंग किया जाता तो शायद गैस वाल से बाहर निकल जाती और यह हादसा नहीं हो पाता.

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