You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
'ऑपरेशन सिंदूर' पर भारत और पाकिस्तान के बीच ज़ुबानी जंग, किसने क्या कहा
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से 'ऑपरेशन सिंदूर' पर दिए बयान पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाज़ा आसिफ़ ने जवाबी बयान दिया है.
राजनाथ सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान ने फिर कोई दुस्साहस किया तो भारतीय सेना 'अभूतपूर्व कार्रवाई' करेगी. उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' जारी है.
वहीं ख़्वाज़ा आसिफ़ ने कहा कि बार-बार दोहराई जा रही बयानबाज़ी ताक़त नहीं, बल्कि पहलगाम हमले की बरसी नज़दीक आने के साथ साफ़ दिख रही रणनीतिक बेचैनी को दिखाती है.
इससे पहले बुधवार को मुंबई में भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पिछले साल मई में, जब पाकिस्तान ने युद्धविराम का अनुरोध किया था, तब भारतीय नौसेना समुद्र के रास्ते पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से 'कुछ ही मिनट दूर' थी.
22 अप्रैल को 2025 में जम्मू-कश्मीर में पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए चरमपंथी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी.
पहलगाम हमले के बाद छह-सात मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चरमपंथी कैंपों को भारतीय सेना ने निशाना बनाया.
इस अभियान को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष हुआ.
10 मई को संघर्ष विराम पर सहमति की घोषणा के बाद संघर्ष रुका. उस वक्त पाकिस्तान ने भारत के 'पांच लड़ाकू विमान गिराने' का दावा किया था, जिसे भारत ने सिरे से ख़ारिज कर दिया.
'दुस्साहस हुआ तो अभूतपूर्व एक्शन होगा'
राजनाथ सिंह ने गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को केरल में एक सैनिक सम्मान सम्मेलन में 'ऑपरेशन सिंदूर' का ज़िक्र करते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी.
उन्होंने कहा, ''चाहे वो आंतरिक सुरक्षा की बात रही हो या फिर बाहर के दुश्मनों से सुरक्षा की बात रही हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ताक़त दी है.''
"नेशनल सिक्योरिटी के हर मुद्दे पर सरकार के एटीट्यूड और एक्शन दोनों बदल गए हैं. और ये बदलाव पूरी दुनिया को हाल में हुए ऑपरेशन सिंदूर को देखने को मिला है.''
राजनाथ सिंह ने कहा, ''पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने जिस तरह से धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया उसने पूरे देश को ही झकझोर डाला. ये हमला भारत की सामाजिक एकता और तानेबाने पर किया गया एक बहुत बड़ा हमला था. इसके ख़िलाफ़ भारत ने बड़ी और कड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी अड्डों और उससे जुड़े अन्य इन्फ़्रास्ट्रक्चरों को तबाह कर दिया था."
उन्होंने कहा, ''अगर हम आतंकवाद की बात करें तो याद कीजिए कि जब कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार का शासन था तो कैसे हालात थे. आए दिन देश के किसी न किसी हिस्से में आतंकवादी घटना होती थी या शहरों में बम ब्लास्ट होते थे. मोटे-मोटे डोज़ियर सौंपे जाते थे जिन पर कोई एक्शन भी नहीं लिया जाता था."
राजनाथ सिंह ने ऐसी घटनाओं पर नरेंद्र मोदी सरकार के रुख़ का ज़िक्र करते हुए कहा, ''चाहे उरी अटैक के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक हो, पुलवामा के बाद हुई एयर स्ट्राइक हो या फिर पहलगाम की घटना के बाद किया गया ऑपरेशन सिंदूर हो. हमने आतंकवाद के ख़िलाफ़ जबरदस्त प्रहार किया है. और इसमें हमें कामयाबी भी हासिल हुई है.''
उन्होंने कहा, "आज का भारत आतंकवाद के ख़िलाफ़ जीरो टॉलरेंस रखता है। वो इसके ख़िलाफ़ सरहद के इस पार और जरूरत पड़े तो सरहद के उस पार भी वो अपनी कार्रवाई करने में पीछे नहीं रहता है.''
राजनाथ सिंह ने कहा, ''पहलगाम की घटना के बाद ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को सिर्फ 22 मिनट में घुटनों में ला दिया था. भारतीय मिलिट्री हिस्ट्री में ये आतंकवाद के ख़िलाफ़ अबतक का ये सबसे बड़ा ऑपरेशन था. और मैं आपको ये बताना चाहता हूं कि यह ऑपरेशन बंद नहीं हुआ है. और अगर किसी भी तरह की नापाक हरकत पाकिस्तान की तरफ से हुई तो हमारे सैनिक उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे.जिसे वो कभी भूल नहीं पाएंगे.''
उन्होंने कहा, ''एक ही वाक्य में कहना चाहूंगा कि इस बार हमारी सेना अभूतपूर्व एक्शन करेगी. ये भी मैं साफ़ तौर पर कहना चाहूंगा.''
'परमाणु ताकत वाले देशों में जंग की कोई गुंज़ाइश नहीं होती'
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाज़ा आसिफ़ ने राजनाथ सिंह के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर राजनाथ सिंह के एक्स अकाउंट को टैग करते हुए लिखा, ''बार-बार की जाने वाली बयानबाज़ी ताक़त नहीं, बल्कि साफ़ तौर पर रणनीतिक चिंता को दिखाती है, ख़ासकर तब जब पहलगाम में हुए तथाकथित "फ़ॉल्स फ़्लैग ऑपरेशन" की वर्षगांठ करीब आ रही है. एक ऐसा प्रकरण जो अंतरराष्ट्रीय जांच में टिक नहीं पाया और जिसने नई दिल्ली की गढ़े हुए संकटों पर निर्भरता को उजागर कर दिया.''
उन्होंने लिखा, ''इस तरह की धमकी भरी भाषा नई नहीं है. यह एक तयशुदा पैटर्न का हिस्सा है.आंतरिक कमज़ोरियों को बाहर की ओर मोड़ना और निजी राजनीतिक हितों के लिए बेबुनियाद आरोपों के सहारे तनाव बढ़ाने की कोशिश करना.''
ख़्वाज़ा आसिफ़ ने लिखा, ''इतिहास हमें याद दिलाता है कि गलत आकलन के अपने नतीजे होते हैं. मरका-ए-हक़ आज भी हमारी यादों में ताज़ा है.अगली बार हमारी प्रतिक्रिया और भी ज्यादा सख़्त और निर्णायक होगी.''
उन्होंने लिखा, ''कोई भ्रम न रहे. पाकिस्तान शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए उसका संकल्प अडिग है. उसकी तैयारी पूरी है और उसका जवाब तेज़, संतुलित और निर्णायक होगा.''
''मैं राजनाथ सिंह को याद दिलाना चाहता हूं कि दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच युद्ध की कोई गुंज़ाइश नहीं होती और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. भारत के लिए बेहतर होगा कि वह अपने रणनीतिक और कूटनीतिक क्षेत्र में बढ़ती असहजता का सामना खुद करे.''
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा, ''भारत पाकिस्तान से 5–6 गुना बड़ा देश है. इसके संसाधन भी अनगिनत हैं. यह अलग बात है कि आज भी लाखों भारतीय फुटपाथों पर भूखे सोते हैं.''
''राजनाथ जी ऐसे बयान दे रहे हैं ताकि दुनिया को यह यकीन दिला सकें कि वे भी प्रासंगिक हैं, जबकि पाकिस्तान, अल्हमदुलिल्लाह, इस समय दुनिया का ध्यान केंद्रित करने में सफल हो गया है. वहां कोई भी भारत को तवज्जो देने को तैयार नहीं है.''
''राजनाथ जी, अब समय आ गया है कि आप अपनी हैसियत के अनुसार बयान देना शुरू करें. अगर आप कोई परेशानी खड़ी करते हैं, तो अल्लाह की मेहरबानी से हमारी सेनाएं आपको पहले से भी ज्यादा अपमानजनक तरीके से सबक सिखाएंगी.''
भारत के नौसेना प्रमुख ने क्या कहा था
बुधवार को भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पिछले साल मई में, जब पाकिस्तान ने युद्धविराम का अनुरोध किया था, तब भारतीय नौसेना समुद्र के रास्ते पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से 'कुछ ही मिनट दूर' थी.
नौसेना प्रमुख ने बुधवार को मुंबई में आयोजित नौसैनिक अलंकरण समारोह में बोल रहे थे.
वहां उन्होंने कहा, '' 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारतीय नौसेना की बेहतरीन तैयारी और दृढ़ संकल्प को दिखाया. इस दौरान नौसेना की इकाइयों ने तेज़ी से तैनाती की और पूरे समय बेहद आक्रामक रुख बनाए रखा.''
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा था, "अब यह कोई छिपी बात नहीं है कि हम पाकिस्तान पर समुद्र से हमला करने से बस कुछ मिनट दूर थे, तभी उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की."
उन्होंने कहा था, ''ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान तेज़ और निर्णायक कदमों के जरिए भारतीय नौसेना ने अपनी क्षमताओं पर देश के भरोसे को और मजबूत किया.''
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित