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तीन की पीटकर हत्या, विधायक ने कहा- 'इरादा पशु चोरी का था'
'मेरा बेटा चोर नहीं था. वह तो खेतों में मेहनत-मज़दूरी कर पेट पालता था. मेरे बेटे को क्यों मार दिया कुछ भी पता नहीं है? वह तो कुछ परिचितों के साथ बात करने घर से निकला था.'
पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा इलाके में दो दिन पहले पशु चोर के संदेह में मारे गए 40-वर्षीय मोहम्मद नसीरुल हक की मां मुमताज बीबी रो-रोकर सबसे यही बात दोहरा रही हैं.
उन्होंने पुलिस में की गई शिकायत में भी यही कहा है. उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है.
बांग्लादेश से नजदीक होने की वजह से इस इलाके से पशुओं की चोरी और तस्करी की कई शिकायतें मिलती रहती हैं.
गुरुवार देर रात को गांव वालों ने कथित तौर पर तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. उसके बाद से ही इलाक़े में भारी तनाव है.
पीट-पीटकर मार देने की घटना पहली
ईद के त्योहार को ध्यान में रखते हुए वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है. राज्य से पशुओं को बांग्लादेश भेजने की शिकायतें तो अक्सर मिलती रही हैं.
लेकिन पशुओं की चोरी के आरोप लगाकर लोगों को पीट-पीट कर मारने की यह घटना अपने किस्म की पहली है.
गाववाले बताते हैं कि बीते दिनों हुई पशुओं की चोरी से परेशान दुर्गापुर गांव के लोग खासे सतर्क थे. ग्रामीणों के अनुसार जब मारे गए लोग एक निवासी अतुल बसु के यहां पहुंचे तो बसु ने शोर मचाना शुरू कर दिया.
इससे गांव वाले मौक़े पर पहुंच गए. यह देखकर वो लोग भागने का प्रयास करने लगे. गांव वालों के वहां पहुंचने के दौरान ही नौ लोग अंधेरे का लाभ उठाकर एक पिकअप वैन से फरार हो गए.
लेकिन तीन लोगों को गांव वालों ने काबू कर लिया. उनकी कथित रूप से डंडों, लोहे की छड़ों और ईंटों से पिटाई हुई.
बाद में सूचना पाकर मौक़े पर पहुंची पुलिस उनको लेकर इस्लामपुर अस्पताल में पहुंची जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया. पुलिस को मौक़े से एक साइकिल और एक मोटरसाइकल भी मिली.
मृतकों के नाम हैं मोहम्मद समीरुद्दीन (32), मोहम्मद नासिर और मोहम्मद नसीरुल हक़.
इरादा पशु चुराने का था- विधायक
मृतकों में से एक की मां मुमताज बीबी कहती हैं, 'मेरे बेटे की जानबूझकर हत्या कर दी गई है.' लेकिन हत्या की वजह पूछने पर वह चुप हो जाती हैं. बाक़ी दोनों मृतकों के परिजनों ने किसी से बात करने से इनकार कर दिया है.
स्थानीय तृणमूल कांग्रेस विधायक हमीदुर रहमान कहते हैं, "कुछ दिनों पहले इलाके में पशु चोरी की घटना हुई थी. इससे लोगों में भारी नाराजगी थी. ये लोग गाड़ी लेकर आए थे. इससे साफ़ है कि उनका इरादा कई पशुओं को चुराने का था."
पुलिस अधीक्षक अमित राठौड़ बताते हैं, 'एक मृतक की मां की शिकायत के आधार पर गांव के तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. फिलहाल अदालत ने उनको तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.'
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष कहते हैं, 'वर्षों से बंगाल से बंग्लादेश को पशुओं की तस्करी का सुरक्षित कॉरिडोर रहा है. प्रशासन ने इस समस्या की ओर से आंख मूंद रखी है. इसी वजह से लोगों ने शायद क़ानून अपने हाथ में लेने का फ़ैसला किया.'
फिलहाल इलाक़े में भारी तनाव है. सोमवार को ईद को ध्यान में रखते हुए पुलिस-प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद है और इलाक़े में बड़ी तादाद में सुरक्षा बल तैनात हैं. .
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