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पाक में लापता भारत के मौलवी: रिश्तेदारों से भी संपर्क नहीं
हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह के मुख्य मौलवी सैयद आसिफ़ अली नेज़ामी और उनके भतीजे नाज़िम नेज़ामी पाकिस्तान में पिछले तीन दिनों से ग़ायब हैं. इसे लेकर भारत के विदेश मंत्रालय से लेकर गृह मंत्रालय तक सक्रिय है और परिवार से संपर्क है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान में भारतीय दूतावास इस मामले को देख रहा है.
सुषमा स्वराज ने ट्वीट में यह भी कहा है कि कराची में आसिफ़ जिस रिश्तेदार के घर पर रुके थे उन पर भारतीय दूतावास से बात नहीं करने का दबाव है.
आसिफ़ नेज़ामी के बेटे साजिद नेज़ामी ने बीबीसी से बताया कि उनके पिता 6 मार्च को नई दिल्ली से कराची गए थे. वह कराची में एक हफ़्ता रहने के बाद फ़्लाइट से लाहौर गए थे.
साजिद ने कहा, ''लाहौर में मेरे पिता हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया बाबा के गुरु की दरगाह पर दर्शन करने गए थे. मेरे पिता वहां प्रार्थना करने और चादर चढ़ाने गए थे. 13 और 14 मार्च को उन्होंने दो दरगाहों पर दर्शन किया था. वहां से 15 मार्च को कराची वापस आ रहे थे. जब वह लाहौर एयरपोर्ट पर पहुंचे तो बोर्डिंग पास लेने के बाद नाज़िम नेज़ामी साहब को रोक लिया गया. उनसे कहा गया कि पूछताछ करनी है. मेरे 80 साल के पिता को फ़्लाइट में बैठने के लिए कहा गया. जब उनकी फ़्लाइट कराची पहुंची तो उन्होंने एयरपोर्ट से अपने रिश्तेदार को फ़ोन किया.''
साजिद ने बताया, ''उन्होंने अपनी भांजी को फ़ोन किया था. उन्होंने फ़ोन कर कहा कि वह पहुंच गए हैं और उन्हें लेने आ जाएं. उन्होंने बताया कि नाज़िम को रोक लिया गया है. मेरे पिता छह बजे शाम में लाहौर पहुंचे थे और रात के दो बजे तक खड़े रहे लेकिन कोई लेने नहीं आया.''
उन्होंने कहा, ''मेरे पिता की सगी बहन पाकिस्तान में हैं. वह 90 साल की हैं. मेरी बुआ का एक बेटा है और पूरा परिवार है. उम्र को देखते हुए मेरे पिता की ख़्वाहिश थी कि वह एक बार अपनी बहन से मिल लें. वह 30 साल पहले भी पाकिस्तान गए थे.''
साजिद ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार से काफी मदद मिल रही है. उन्होंने कहा, ''विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से हमें काफी मदद मिली है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक आदमी को भेजा था. दोनों की तरफ से आश्वासन मिला है कि वे पाकिस्तानी सरकार से संपर्क में हैं और जल्द से जल्द पता लगाने की कोशिश की जा रही हैं.''
साजिद ने कहा कि पाकिस्तान में जो उनके रिश्तेदार हैं वो घर में डरकर बैठे हुए हैं. उन्होंने कहा कि वे क्यों डर रहे हैं यह समझ से बाहर है. साजिद ने कहा कि उनके रिश्तेदारों ने इस मामले में एफआईआर तक नहीं कराई है.''
साजिद ने बताया, ''12 मार्च को पिता से मेरी आख़िरी बात हुई है. उन्होंने बाबा फ़रीद दरगाह और दाता दरगाह पर चादर चढ़ाने की तस्वीरें भी भेजी थीं.'' साजिद ने कहा, ''हमलोग डरे हुए हैं. दोनों अचानक से एयरपोर्ट से ग़ायब हो गए और यह अजीब है. हम चार भाई हैं और सभी काफी चिंतित हैं.''