'संसद पर हमले की योजना बना रहा है जैश'

मौलाना मसूद अज़हर
प्रकाशित

'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ने खुफिया सूत्रों के हवाले से ख़बर छापी है कि पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' 2001 में संसद पर हुए हमले की तर्ज पर एक बार फिर संसद में इसी तरह के हमले की योजना बना रहा है.

अख़बार के मुताबिक़ नियंत्रण रेखा के पार भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान का खुफिया संगठन आईएसआई इस कदर बौखलाया हुआ है कि उसने 'जैश-ए-मोहम्मद' से इसका बदला लेने को कहा है.

INDIAN ARMY

वहीं स्टेट्समैन की एक ख़बर के मुताबिक़ भारत की सर्जिकल स्ट्राइक का सबसे ज़्यादा नुक़सान चरमपंथी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' को उठाना पड़ा.

अख़बार कहता है कि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक़ भारत की सर्जिकल स्ट्राइक की वजह से लश्कर के क़रीब 20 लड़ाके मारे गए.

लखनऊ में रविवार को हुई बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती की रैली की ख़बर को इंडियन एक्सप्रेस ने अपने पहले पन्ने पर जगह दी है.

रैली में मायावती ने प्रदेश के मुसलमान वोटरों से अपील की कि वो अपना वोट समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को देकर बेकार न करें.

इस रैली में मायावती के भाषण के बाद मची भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए.

Narendra Modi

इंडियन एक्सप्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को भी जगह दी है जिसमें वो कह रहे हैं कि इस साल का दशहरा देश के लिए बेहद ख़ास है. समझा जा रहा है कि उड़ी हमले के बाद पैदा हुए भारत-पाकिस्तान तनाव और उसके बाद भारत की कथित सर्जिकल स्ट्राइक के संदर्भ में उन्होंने यह बात कही है.

हिंदुस्तान टाइम्स की पहली ख़बर ये है कि सरकार आठवीं तक छात्रों को फ़ेल ना करने की नीति ख़त्म करने पर विचार कर रही है.

शिक्षा के अधिकार क़ानून (आरटीई) के तहत फ़िलहाल पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को फ़ेल नहीं किया जा सकता है.

अख़बार कहता है कि एक अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक़ इस नीति की वजह से बच्चों की पढ़ने में रुचि कम हो रही है. इस वजह से सरकार इस नीति को बदलना चाहती है.

School Kids

'हिंदुस्तान' की ही एक ख़बर के मुताबिक़ देशवासियों को इस साल कड़ाके की ठंड के लिए तैयार रहना चाहिए. इस बार सर्दियों में तापमान पिछले साल की तुलना में और कम रहेगा.

'नई दुनिया' में सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले को पहले पन्ने पर जगह दी है जिसमें घरेलू हिंसा क़ानून का दायरा बढ़ा दिया गया है.

अब इस क़ानून की धारा से वयस्क शब्द हटाने को कहा है यानी शादीशुदा महिला को सताने के मामलों में पति और उसके मां-बाप के अलावा घर के नाबालिगों पर भी मुकदमा चल सकता है.

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