मेगाबजट में बनीं हॉलीवुड की ख़राब फ़िल्में

    • Author, सुशांत एस मोहन
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
  • प्रकाशित

फ़िल्म - गॉड्स ऑफ़ इजिप्ट

रेटिंग - **

ऐसा लग रहा था कि हॉलीवुड की एक बड़ी फ़िल्म 'गॉड्स ऑफ़ इजिप्ट' को ऑस्कर की चर्चा की वजह से नज़रअंदाज़ किया जा रहा है.

लेकिन इस फ़िल्म को देखते ही समझ आ जाता है कि इसे क्यों नज़रअंदाज़ किया जा रहा है.

बड़े बजट में ख़राब फ़िल्म बनाने की एक मिसाल अगर आप 'बॉम्बे वेलवेट', 'रॉय' या 'शानदार' को मानते हैं, तो हॉलीवुड की फ़िल्म 'गॉड्स ऑफ़ इजिप्ट' ने इस फ़ेहरिस्त में एक नई मिसाल क़ायम की है.

पूरी दुनिया में एक साथ रिलीज़ हुई 'गॉड्स ऑफ़ इजिप्ट' प्राचीन मिस्र की किंवदंतियों पर आधारित है.

इस फ़िल्म में नज़र आते हैं साल 2007 की हॉलीवुड फ़िल्म '300' से सुपर हिट हुए जेरार्ड बटलर.

लेकिन जेरार्ड का इस्तेमाल इस फ़िल्म में वैसे ही हुआ है जैसे 'रॉय' में रणबीर कपूर का, बस दर्शक बटोरने के लिए.

कहानी किसी देखी हुई ममी-फ़ंतासी फ़िल्म से मेल खाती है. प्राचीन मिस्र के दो देवता सेट और होरस आपस में लड़ते हैं.

सेट इस लड़ाई में जीत कर एक दुष्ट राजा बन जाता है और होरस को क़ैद कर लेता है.

फ़िल्म का हीरो बेक, जो एक इंसान है, होरस को वापस लाता है. वह उसकी मदद से अपने प्यार और मिस्र की जनता को बचाता है.

इस पूरे प्लॉट के इर्द-गिर्द कंप्यूटर ग्राफ़िक्स की मदद से पूरी दो घंटे लंबी फ़िल्म बना दी गई है, जिसका क्लाइमैक्स आपको फ़िल्म के शुरुआती 20 मिनट में समझ में आ जाता है.

इस फ़िल्म की लागत की तुलना अगर आप किसी हॉलीवुड फ़िल्म से करें तो यह आपको काफ़ी कम नज़र आएगी.

वेबसाइट लॉयन्सगेट के मुताबिक़, लगभग 9 अरब रुपए की लागत से बनी यह फ़िल्म हॉलीवुड की सबसे महंगी फ़िल्म 'पाइरेट्स ऑफ़ कैरेबियन' से काफ़ी कम है, जो 33 अरब रुपए में बनी थी.

लेकिन इस फ़िल्म से निर्माता कंपनी और वितरक कंपनी को कितना नुक़सान हुआ है, इसका अंदाज़ा आप इससे लगा सकते हैं कि फ़िल्म अपनी लागत का 10 प्रतिशत भी नहीं वसूल पाई है.

फ़िल्म बाहुबली की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक़, यह 120 करोड़ रुपए में बनी थी. यह भारत में बनी सबसे मंहगी फ़िल्म मानी जाती है.

इस फ़िल्म ने देश-विदेश में 600 करोड़ रुपए की कमाई कर अपनी निर्माता टीम की चांदी कर दी थी.

यह दर्शकों पर हैं कि वे 'गॉड्स ऑफ़ इजिप्ट' की टिकट ख़रीदकर फ़िल्म के निर्माताओं के नुकसान की थोड़ी भरपाई करना चाहते हैं या अपना समय किसी दूसरी फ़िल्म को देना चाहते हैं.

एक बात जो इस फ़िल्म में आपको बहुत अच्छी लगेगी, वो है इस फ़िल्म के ग्राफ़िक्स.

इसके ग्राफ़िक्स कमाल के हैं. रेत में चलते विशालकाय सांप जब थ्री डी स्क्रीन पर कैमरे की तरफ़ झपटते हैं तो लगता है कि पैसा वसूल हो रहा है.

अगर आपने इससे पहले कोई 'ममी-मिस्र-फ़ंतासी' वाली फ़िल्में जैसे 'द ममी', 'ममी रिटर्न्स', 'क्लैश ऑफ़ टाइटन्स' नहीं देखी है तो शायद आपको इस फ़िल्म में मज़ा भी आ जाए.

एक रेगुलर हॉलीवुड फ़ैन को इस फ़िल्म से अफ़सोस ही होगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)