पहले जैसा नहीं रहा भारतीय सिनेमा: काजोल

    • Author, सुप्रिया सोग्ले
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

अभिनेत्री काजोल का मानना है कि पिछले 25 वर्षों के मुक़ाबले आज बॉलीवुड फ़िल्मों का स्तर काफ़ी बेहतर हो गया है.

वर्ष 2010 में करण जौहर द्वारा निर्देशित फ़िल्म 'माय नेम इज़ खान' और फिर 'वी आर फ़ैमीली' में आख़िरी बार मुख्य भुमिका में नज़र आई काजोल अब रोहित शेट्टी की फ़िल्म 'दिलवाले' में शाहरुख़ ख़ान के साथ बॉलीवुड में वापसी कर रही हैं.

बीबीसी से बात करते हुए काजोल ने बॉलीवुड में अपने 25 साल के सफ़र के अनुभव और फ़िल्मों में आए बदलाव के बारे में बात की.

काजोल बॉलीवुड फ़िल्मों में आए बदलाव के बारे में कहती हैं, "आज दर्शकों की अनुभूती फ़िल्मों के प्रति काफ़ी बदल गई है, आज दर्शकों को हॉलीवुड की भी फ़िल्में देखना पसंद आ रहा है."

वे आज के दौर के साथ क़दम मिलाने की बात पर कहती हैं, "एक अभिनेता के तौर पर मैंने कुछ चीज़ें सीखी थीं वो मुझे आज अपने अभिनय के लिए बदलनी पड़ेगी."

वे उदाहरण देते हुए कहती हैं, "20 साल पहले हमें रोने और हंसने की भी तरकीबें सिखाई जाती थी, हमें कहा जाता था की आपको इतनी ही मात्रा में हंसना या रोना है उससे ज़्यादा नहीं."

वर्ष 2010 में आई शाहरुख़ ख़ान और काजोल अभिनीत फ़िल्म 'माय नेम इज़ खान' बॉक्स ऑफ़िस के साथ फ़िल्म समीक्षकों के बीच भी काफ़ी लोकप्रिय रही थी.

काजोल उस फ़िल्म के दौरान हुए अनुभवों को साझा करते हुए कहती हैं, "उस फ़िल्म में हमें सख़्त तौर पर कहा गया था की हमें जितना हो सके उतना वास्तविक अभिनय करना है, मेरे लिए यह एक नई चीज़ सीखने जैसा था."

हाल ही फ़िल्म 'दिलवाले' में काजोल की सह कलाकार रही कृति सैनॉन ने बीबीसी को बताया था कि काजोल सीन शुरू होने से पहले बहुत ज़ोर से हंसती हैं और सीन शुरू होते ही अचानक से बहुत संजीदा अभिनय करने लगती हैं.

काजोल फ़िल्म इंडस्ट्री में आए इस बदलाव को स्वीकार करते हुए कहती हैं, "हमें भी इस बदलते वक़्त के साथ बदलना होगा. यह दौर अभिनेताओं के लिए एक बेहतरीन दौर है जहां हर तरह की फ़िल्में बनाई जा रही हैं."

फ़िल्म 'दिलवाले' में जहा एक तरफ़ दर्शकों को शाहरुख़-काजोल की जोड़ी देखने मिलेगी वही दर्शक अभिनेता वरुण धवन और कृति सैनॉन की जोड़ी भी देखेंगे.

काजोल यूवा पीढ़ी के अभिनेताओं की तारीफ़ करते हुए कहती हैं, "आज के अभिनेता काफ़ी प्रोफ़ेशनल हैं, वे शूटींग पर समय से पहुचते हैं और उन्हें पता है उन्हें अपने आप को ऑफ़ स्क्रीन भी किस तरह प्रदर्शित करना हैं."

वे आगे कहती हैं, "आज एक अभिनेता की स्टारडम 60 प्रतिशत इसी बात पर निर्भर करती है कि आप पर्दे के बाहर असल ज़िंदगी में अपने आप को कैसे प्रस्तुत करते हैं और ये आज के अभिनेता अच्छे से जानते है. "

काजोल एक दशक पहले के हालात याद करते हुए कहती हैं, "हमारे ज़माने में तो अगर आप एक स्टार हैं तो आप अपने समय से सेट पर आ सकते हैं भले ही कितनी ही देर से आएं."

वे मुस्कराते हुए आगे कहती हैं, "हालांकि मैंने कभी ऐसा नहीं किया."

पांच साल बाद वापसी कर रही काजोल का मानना है की वे अब बड़े परदे से ज़्यादा दूरी नहीं रखेंगी और जल्द ही अपने होम प्रोडक्शन में बन रही फ़िल्म में अभिनय करती नज़र आएंगी.

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