'पाक को आतंकवाद का पर्याय समझना ग़लत'

बजरंगी भाईजान
    • Author, सुप्रिया सोगले
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

'बजरंगी भाईजान' को मिली सफलता के बाद निर्देशक कबीर ख़ान अपनी अगली फिल्म 'फ़ैंटम' के प्रचार में जुटे हुए हैं, जिसके लिए उन्होंने मुंबई पर चरमपंथी हमले जैसे संवेदनशील विषय का चुनाव किया है.

सैफ़ अली ख़ान

इस फ़िल्म के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर एक पत्रकार ने जब 'एजेंट विनोद' को पाकिस्तान विरोधी बताया तो कबीर ने कहा, "लोगों की पाकिस्तान को आतंकवाद का पर्याय समझने की मानसिकता ग़लत है. मेरी फिल्में 'बजरंगी भाईजान' और 'फ़ैंटम' इसी ग़लत मानसिकता पर आधारित हैं."

उन्होंने कहा, "दोनों देशों में परस्पर दोस्ती और अमन तब ही क़ायम हो सकता है जब दोनों तरफ़ अतिवादी तत्वों का अंत हो."

कबीर ख़ान

समारोह में मौजूद एक पत्रकार ने कबीर की इस बात पर ख़ासी नाराज़गी जताई कि वे भारत में किन 'अतिवादी तत्वों' की बात कर रहे हैं.

कबीर ख़ान

इस पर कबीर ने पहले अपना पक्ष स्पष्ट करने की कोशिश की परंतु पत्रकार की आक्रामक टिप्पणियों के बीच वे बरस पड़े, "अगर आप इसी तरह चीख़ते रहे तो मै इस वाद-विवाद में नहीं पड़ने वाला."

'बजरंगी भाईजान' को मिली सफलता के बाद कबीर 'फ़ैंटम' के साथ 'पाकिस्तान-विरोधी' का तमग़ा नहीं जोड़ना चाहते. उनकी फ़िल्म 'एक था टाइगर' पर पाकिस्तान में रोक लग चुकी है.

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