कुमार गंधर्व की बेटी के लिए 'बैरी था संगीत'

कलापिनी कोमकली
    • Author, राजेश जोशी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

कलापिनी कोमकली एक शास्त्रीय गायिका हैं और पंडित कुमार गंधर्व की बेटी और शिष्या हैं.

हाल ही में उन्होंने अपने पिता पर लिखी गई एक किताब का संपादन किया है जिसका नाम है 'कालजयी कुमार गंधर्व'. यह पुस्तक दो भागों में बंटी है.

MAP35842085सौ प्रतिशत जागरूकता चाहते थे कुमार गंधर्वसौ प्रतिशत जागरूकता चाहते थे कुमार गंधर्वपंडित कुमार गंधर्व की पुत्री और शिष्या कलापिनी कोमकली बता रही हैं कि संगीत साधना के प्रति उनके पिता कितने प्रतिबद्ध थे. सुनिए एक बंदिश.2014-11-14T16:56:20+05:302014-11-21T19:04:36+05:302014-11-21T19:04:36+05:302014-11-21T19:04:36+05:30PUBLISHEDhitopcat2

पहला भाग समर्पित है मराठी भाषा को. इसमें मराठी भाषा में कुमार गंधर्व के सांगीतिक योगदान के बारे में लिखे गए आलेखों का संग्रह है.

दूसरे भाग में अंग्रेजी और हिंदी में कुमार गंधर्व पर लिखे गए आलेखों का संग्रह है.

बचपन

कलापिनी कोमकली

शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली को बचपन में संगीत से बहुत ग़ुस्सा आता था.

कलापिनी बताती हैं, "मुझे बचपन में ये लगता था कि ये संगीत मेरा बैरी है. घर में सभी लोग गा रहे होते थे और मेरी इच्छा ये रहती थी कि मेरे माता पिता मुझ पर ध्यान दें. तब मुझे लगा कि ये जो संगीत है, इससे बड़ा बैरी कोई नहीं है."

MAP35843469लोक और शास्त्र को जोड़ा कुमार गंधर्व नेशास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली कहती हैं कि उनके पिता कुमार गंधर्व ने शास्त्रीय संगीत की शक्ति लोक से हासिल की.2014-11-14T17:53:39+05:302014-11-21T19:05:25+05:302014-11-21T19:05:25+05:302014-11-21T19:05:25+05:30PUBLISHEDhitopcat2

वे आगे बताती हैं, "जब भी मैं नींद से उठती थी और अपनी मां को अपने क़रीब नहीं पाती थीं तो मुझे तुरंत पता चल जाता था कि वो बाबा के कमरे में उनके सामने रियाज़ कर रही होंगी. मैं तुरंत उनके पास जाती, उनके गले में अपनी बाहें डालती और कहती 'अब तुम मत गाओ'.

कुमार गंधर्व

कुमार गन्धर्व

कुमार गंधर्व को टीबी की बीमारी हुई जिसकी वजह से उनकी गायकी पर काफ़ी असर पड़ा. बीमारी से ठीक होने के बाद उन्होंने दोबारा गाना शुरू किया.

MAP35966895'कबीर को अलग अंदाज़ में गाया कुमार गंधर्व ने''कबीर को अलग अंदाज़ में गाया कुमार गंधर्व ने'कुमार गंधर्व की बेटी कलापिनी कोमकली ने बताया कि उनके पिता ने कबीर को कितनी गहराई से समझा.2014-11-21T19:03:24+05:302014-11-21T19:06:25+05:302014-11-21T19:06:25+05:302014-11-21T19:06:25+05:30PUBLISHEDhitopcat2

कलापिनी बताती हैं, "मैं बाबा से पूछती थी कि बाबा अगर आप इस तरह बीमार नहीं पड़ते तो क्या आपका इस तरह का सृजन होता या नहीं? उन्होंने कहा, जब मैं पलंग पर पड़े पड़े ये सोचता था तो पेड़ पर बया पक्षी की आवाज़ मुझे बहुत तंग करती है, मुझे चैन से सोने तक नहीं देती थी. तब मैंने सोचा कि अगर इसकी आवाज़ इतनी ज़्यादा तेज़ है तो मैं कहीं ज़्यादा विशाल हूं. मैं तो हिला कर रख दूंगा और अब मुझे इस बीमारी से उबरना ही है."

कलापिनी कोमकली ने कहा कि वो बहुत ख़ुशकिस्मत हैं कि कुमार गंधर्व उनके पिता हैं.

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