नासिक में टीसीएस में यौन शोषण का मामला: नौ एफ़आईआर में क्या आरोप हैं?

महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएम में काम करने वाली आठ महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं. महिलाओं ने कहा है कि उनके दफ़्तर में महिला कर्मचारियों को धमकाया गया, यौन शोषण किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.
अब तक इस मामले में कुल 9 एफ़आईआर दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं. अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कई धाराओं में केस दर्ज हुआ है.
अभियुक्तों में टीसीएस के कर्मचारी, एचआर विभाग के कुछ लोग और डिलीवरी पार्टनर्स शामिल हैं.
महिलाओं ने यौन शोषण, शादी का झांसा देकर संबंध बनाने, धोखाधड़ी और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप लगाए हैं.
इस मामले में एक महिला समेत कुल 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि एक महिला अभियुक्त फ़रार बताई जा रही हैं.
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टीसीएस ने गिरफ़्तार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और एक बयान जारी कर कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है.
वहीं, एक महिला अभियुक्त के वकील ने इन आरोपों से इनकार किया है. ये अभियुक्त डिलीवरी पार्टनर में काम करने वाली कर्मचारी बताई जा रही है.
इस मामले में दर्ज पहली एफ़आईआर में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
बीबीसी मराठी अभियुक्तों के वकीलों का पक्ष जानने की कोशिश कर रही है. जवाब मिलते ही इस कहानी को अपडेट किया जाएगा.
शिकायतकर्ता ने एफ़आईआर में क्या कहा?

शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से टीसीएस के नासिक ऑफ़िस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है.
एफ़आईआर के मुताबिक़, "उसकी मुलाक़ात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी. दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे. अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था."
"इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की. महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई. महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी."
"बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा. पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा, जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई."
टीसीएस में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई. ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे.
लेकिन इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से कहते थे कि "तुम्हारा धर्म ख़राब है, हमारा धर्म अच्छा है." महिला के धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं.
रिज़ॉर्ट ले जाकर जबरन यौन संबंध बनाने का आरोप

एफ़आईआर के मुताबिक़, "अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए."
"इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की."
बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है. एफ़आईआर के मुताबिक़, "दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए."
महिला के मुताबिक़, इस दौरान अभियुक्त उससे नज़दीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे.
'अभियुक्त पहले से शादीशुदा था'
महिला के मुताबिक़, फ़रवरी 2026 में उसे एक और महिला का फ़ोन आया, जिससे पता चला कि वह अभियुक्त की पत्नी है और उनके दो बच्चे भी हैं.
इस पर जब महिला ने अभियुक्त से पूछा कि जब वह पहले से शादीशुदा था तो उसने उसे धोखे में क्यों रखा. इस पर अभियुक्त ने गोलमोल जवाब दिया और कहा, "मेरा तुमसे शादी करने का कभी इरादा नहीं था."
महिला का आरोप है कि अभियुक्त, उसके दोस्त और एक अन्य महिला ने उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और शादी का झूठा वादा कर बार-बार यौन शोषण किया.
9 एफ़आईआर में अलग-अलग आरोप
इस मामले में दर्ज 9 एफ़आईआर में कई तरह के आरोप सामने आए हैं:
एफ़आईआर 1: धार्मिक भावनाएं आहत करना, धमकी, शारीरिक संबंध और ऑफ़िस लॉबी में छेड़छाड़
एफ़आईआर 2: दो अभियुक्तों पर छेड़छाड़, एचआर पर शिकायत दबाने का आरोप
एफ़आईआर 3: निजी और वैवाहिक जीवन पर अपमानजनक टिप्पणियां, ख़ासकर निःसंतानता पर
एफ़आईआर 4: निजी जीवन पर शर्मनाक सवाल, शरीर और प्राइवेट पार्ट्स की ओर इशारे
एफ़आईआर 5: धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी, ख़ास धार्मिक रीति-रिवाज करने के लिए मजबूर करना, मांसाहार खिलाने और धर्म परिवर्तन का दबाव
एफ़आईआर 6: महिला के शरीर पर अश्लील टिप्पणियां, जानबूझकर छूना और छेड़छाड़
एफ़आईआर 7: पीछा करना, अश्लील टिप्पणियां, कार्यस्थल पर अनुचित तरीक़े से छूना
एफ़आईआर 8: निजी जीवन पर सवाल, प्रेम संबंध और शारीरिक संबंध का दबाव
एफ़आईआर 9: कार्यस्थल पर गाली-गलौज, बदसलूकी और शरीर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां

डिलीवरी पार्टनर और 78 ईमेल
इस मामले में कंपनी की एक महिला डिलीवरी पार्टनर भी अभियुक्त है. नासिक कोर्ट ने उसकी पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है.
जांच में पता चला है कि कंपनी के सर्वर से इस महिला को 78 ईमेल भेजे गए थे, जिनकी जांच की जा रही है. यह भी आरोप है कि यह महिला अभियुक्तों के लगातार संपर्क में थी.
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि महिला ने शिकायतकर्ता की मदद करने के बजाय उसकी आवाज़ दबाने की कोशिश की.
हालांकि महिला के वकील ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा, "हमारी मुवक्किल एचआर में नहीं थीं और न ही वह फ़रार थीं."
वकील के मुताबिक़, वह 2026 में कंपनी की पॉश (प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट) कमेटी से जुड़ी थीं, जो कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए बनाई जाती है.
उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और 78 ईमेल पुलिस को पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं.
कंपनी का बयान
घटना के बाद टीसीएस ने बयान जारी करते हुए कहा, "हमारी कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के ख़िलाफ़ ज़ीरो-टॉलरेंस नीति है. हम कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा और भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं."
टीसीएस ने कहा कि नासिक की घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत आंतरिक जांच शुरू कर दी गई और जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है.
टीसीएस ने यह भी कहा कि वह स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है.
वहीं, 10 अप्रैल को अभियुक्त पक्ष के वकील बाबा सैयद ने इस मामले को एक "ग़लतफ़हमी" बताया और ज़्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



































