विजय से क्या जलते हैं रजनीकांत? हर सवाल का प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ख़ुद दिया जवाब

रजनीकांत
इमेज कैप्शन, फ़िल्म सुपरस्टार रजनीकांत ने कहा है कि वो तमिलनाडु के सीएम विजय से 'जलन' महसूस नहीं करते हैं
प्रकाशित
पढ़ने का समय: 6 मिनट

फ़िल्म सुपरस्टार रजनीकांत ने तमिलनाडु के नए सीएम सी. जोसेफ़ विजय से प्रतिस्पर्द्धा की बात से इनकार किया है.

उन्होंने कहा है कि विजय को तमिलनाडु का सीएम बनने से रोकने के लिए डीएमके और एआईएडीएमके की कथित बातचीत में वो शामिल नहीं थे. उन्होंने कहा कि इस बारे में आ रही ख़बरों से उन्हें गहरी चोट पहुंची है.

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाक़ात को लेकर किए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री से उनकी "दोस्ती राजनीति से परे है" उन्हें विजय से "न तो जलन है और न ही वो उनके राजनीतिक विरोधी हैं."

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ़ विजय से अपनी प्रतिस्पर्द्धा की बातें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रजनीकांत ने रविवार को चेन्नई के पॉयस गार्डन स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ रजनीकांत ने पत्रकारों से कहा, ''मैं ये प्रेस कॉन्फ़्रेंस इसलिए कर रहा हूं क्योंकि इस चुनाव के बाद विजय और मेरे रिश्ते को लेकर कई बातें हो रही हैं. अगर मैं इनका खंडन न करूं तो ये बातें सच मानी जाएंगी.''

उन्होंने कहा, ''चुनाव नतीजों के बाद मैं स्टालिन से मिलने गया. लेकिन लोगों ने मेरे इस क़दम की आलोचना की. दरअसल स्टालिन तीन दशक से मेरे दोस्त रहे हैं. उनकी हार से मैं परेशान था. इसलिए एक दोस्त के तौर पर मैं उनसे मिला था.''

रजनीकांत ने कहा, ''लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने मुझे और ज़्यादा परेशान किया. ऐसी ख़बरें आने लगीं कि दोनों पार्टियां (डीएमके-एआईएडीएमके) विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए बैठकें कर रही हैं और मैं उनमें शामिल रहा हूं. मैं आपको बता दूं कि रजनीकांत ऐसा शख़्स नहीं है जो इतना नीचे गिर जाए.''

रजनीकांत का बयान

'विजय से तुलना मेरे लिए ठीक नहीं'

तमिलनाडु चुनाव में विजय की पार्टी सबसे अधिक सीटें जीतने के बावजूद बहुमत के आंकड़े को पार नहीं कर पाई थी.

इसके बाद बहुमत जुटाने के लिए सप्ताह भर चली कवायद के बीच ऐसी ख़बरें आईं कि विजय को रोकने के लिए डीएमके और एआईएडीएमके हाथ मिला सकती हैं और उनके बीच बातचीत चल रही है, साथ ही दोनों पार्टियों की इन कथित बैठकों में रजनीकांत भी शामिल रहे हैं.

सोशल मीडिया पर चली इसी चर्चा पर रजनीकांत ने सफ़ाई दी. रजनीकांत ने विजय से अपने रिश्तों के बारे में भी बात की.

उन्होंने कहा कि विजय के मुख्यमंत्री बनने पर उनकी प्रतिक्रिया की आलोचना की जा रही है.

 रजनीकांत
इमेज कैप्शन, चुनाव नतीजों के बाद स्टालिन से मुलाक़ात के बारे में रजनीकांत ने कहा कि वो उनके पुराने दोस्त हैं
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
दिनभर
Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

एपिसोड

समाप्त

उन्होंने कहा, ''ये कहा गया कि मैंने विजय को एयरपोर्ट पर बधाई नहीं दी. लेकिन जैसे ही विजय जीते मैंने तत्काल सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उन्हें बधाई दी. मैं राजनीति में नहीं हूं. मैं राजनीति छोड़ चुका हूं. जब मैं राजनीति में ही नहीं हूं तो विजय से मुझे भला क्यों ईर्ष्या होगी. अगर मैं खुद की विजय से तुलना करूं तो मेरे लिए ये ठीक नहीं है. अगर विजय मुझसे तुलना करें तो वो उनके लिए ठीक नहीं है. मैं उन्हें तब से देख रहा हूं जब से वो बच्चे थे. उनके सीएम बनने से मुझे क्यों जलन होगी.''

रजनीकांत ने कहा, ''सिर्फ़ 52 साल की उम्र में उन्होंने एमजीआर और एनटीआर से भी ज़्यादा सफलता हासिल कर ली है. फ़िल्म इंडस्ट्री से आकर उन्होंने बीजेपी समेत सभी ताक़तवर राजनीतिक दलों को अपने दम पर हराया है. मुझे जलन नहीं हुई. मुझे उनकी जीत पर अचंभा हुआ. मैं उनकी जीत को लेकर खुश हुआ. लोगों को विजय से काफी उम्मीदें हैं और मुझे उम्मीद है कि वो इन्हें पूरा करेंगे.''

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न होने के बारे में पूछे जाने पर रजनीकांत ने कहा कि वो इससे पहले कभी किसी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए हैं.

कमल हासन ने रजनीकांत के बारे में क्या कहा?

कमल हासन
इमेज कैप्शन, कमल हासन ने कहा कि रजनीकांत उनके अच्छे प्रतिस्पर्द्धी हैं लेकिन वो उनसे ईर्ष्या नहीं करते

इस बीच, दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने भी रजनीकांत के बारे में प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि रजनीकांत और वो अच्छे प्रतिस्पर्द्धी रहे हैं लेकिन एक-दूसरे से बिल्कुल नहीं जलते.

एक समय में तमिलनाडु में रजनीकांत को एआईएडीएमके और डीएमके के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा था.

माना जा रहा था कि उन्हें यहां बीजेपी का समर्थन मिल सकता है, लेकिन रजनीकांत ने राजनीति छोड़ दी.

तमिलनाडु में फिल्म अभिनेताओं और अभिनेत्रियों का राजनीति में आकर सीएम पद हासिल करने का इतिहास रहा है.

मौजूदा सीएम जोसेफ़ विजय तमिल फ़िल्म इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर रहे हैं.

विजय ने महज़ दो साल पहले अपनी राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी. इतने कम समय में तमिलनाडु में उनकी पार्टी के सत्ता में आने को एक राजनीतिक अचंभा माना जा रहा है.

विजय
इमेज कैप्शन, फ़रवरी 2024 में विजय ने राजनीति में औपचारिक रूप से क़दम रखा और अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) की घोषणा की

तमिलनाडु चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने 234 में से 108 सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी डीएमके ने 59 और एआईएडीएमके ने 47 सीटें जीतीं.

तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के अध्यक्ष सी जोसेफ़ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शपथ लेते ही उन्होंने समारोह स्थल से मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले तीन आदेश जारी किए.

पहला, दो महीने में 500 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करने वाले परिवारों के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली.

दूसरा, हर ज़िले में ड्रग्स पर काबू पाने के लिए एक विशेष बल का गठन और तीसरा महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'लायन वुमन टास्क फोर्स' की स्थापना.

विजय का पूरा नाम जोसेफ़ विजय चंद्रशेखर है. उनका जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई में हुआ था.

पिता एसए चंद्रशेखर तमिल सिनेमा के जाने-माने निर्देशक रहे हैं और माँ शोभा एक गायिका थीं.

फ़िल्मी माहौल में पले-बढ़े विजय ने बहुत कम उम्र में ही अभिनय शुरू कर दिया था.

उनके पिता ने उन्हें 'वेट्री' फ़िल्म में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम करने का मौक़ा दिया. बचपन से ही विजय ने तय कर लिया था कि उनका भविष्य सिनेमा में ही है.

लेकिन फ़रवरी 2024 में विजय ने राजनीति में औपचारिक रूप से क़दम रखा और अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) की घोषणा की.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)