इसराइल और ईरान में टकराव, खुले में आया दशकों से चल रहा लुका-छिपी का खेल

फ़ाइटर जेट
इमेज कैप्शन, इसराइल ने बार-बार कहा है कि वो ईरानी के हमलों का जवाब देगा.
    • Author, जेरेमी बोवेन
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़
  • प्रकाशित

ईरान बीती रात इस्फ़हान पर हुए इसराइली हमले की कोई ख़ास अहमियत नहीं दे रहा है.

ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि इस्फ़हान पर कोई हमला नहीं हुआ है.

देश के सरकारी मीडिया ने छोटे-छोटे ड्रोन्स की व्यंग्यात्मक तस्वीरें शेयर की हैं.

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ईरान पर इसराइल ने हमला किया है और इस विषय पर कई सवाल उठ रहे हैं.

सबसे अहम यही प्रश्न है कि ऐसे हमलों के बाद क्या ईरानी सेना पलटवार करेगी? और क्या इसराइल ऐसे हमले और कर सकता है?

ये बिन्यामिन नेतन्याहू का अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को अलग-थलग किए बिना, इसराइल पर हुए ईरानी हमलों का जवाब लगता है.

जो बाइडन ने इसराइल से कहा था कि वो ईरान के हमलों का जवाब न दे.

ब्रिटेन और अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों ने भी इसराइल से संयम बरतने और कूटनीति से काम लेने की सलाह दी थी.

क्या यही है ईरानी हमले का जवाब?

जो बाइडन और नेतन्याहू
इमेज कैप्शन, अमेरिका ने इसराइल से कहा है कि वो ऐसा कोई क़दम न उठाए जिससे मध्य-पूर्व के हालात और बिगड़ जाएं.

अगर यही ईरान के इसराइल पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले का जवाब है तो ये सवाल भी उठता है कि क्या ये नेतन्याहू की वॉर कैबिनेट के लिए पर्याप्त है.

गौरतलब है कि इसराइल की वॉर कैबिनेट सख़्त जवाब देने की बात कर चुकी है.

वे चाहते थे कि दुश्मनों को ऐसा जवाब दिया जाए जिससे इसराइल की दुश्मनों को सैन्य शक्ति से रोकने की ताक़त का अहसास हो जाए.

नेतन्याहू के धुर दक्षिणपंथी गठबंधन की पार्टियों ने भी ईरान के ख़िलाफ़ मज़बूत जवाब देने की मांग की है.

एक सहयोगी पार्टी ने तो यहाँ तक कहा कि इसराइलियों को 'पागलपन की हालत' तक जवाब देना चाहिए.

पश्चिमी ताक़तों का मत है कि मध्य-पूर्व के लिए सबसे बढ़िया विकल्प ये है कि ईरान और इसराइल दोनों ही अब शांत हो जाएं.

खेल के नियम बदल गए हैं?

वीडियो कैप्शन, COVER STORY: इसराइल-अमेरिका के रिश्तों में आई खटास

दोनों देशों के बीच ताज़ा घटनाक्रम की शुरुआत उस वक़्त हुई जब दमिश्क स्थित ईरानी कॉन्सुलेट पर हुए हवाई हमले में ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की मौत हो गई.

भले ही ये इस संकट का आख़िरी स्टेज हो, दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के लिए नए पैमाने तो तय हो गए हैं.

वो हैं - ईरान ने इसराइल पर सीधा हमला किया है और इसराइल ने भी जवाब में ईरान के भीतर जाकर आक्रमण किया है.

ईरान और इसराइल के बीच दशकों से चली आ रही अदावत में ये 'नियमों में बदलाव' की स्थिति है.

दोनों देशों की लुका-छिपी वाला खेल और पर्दे के पीछे से निकल कर खुले स्टेज पर आ गया है.

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