इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यूएन महासभा में ममदानी की पत्नी रमा दुवाजी का ज़िक्र कर किया हमला

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इमेज कैप्शन, रामा दुवाजी और न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी,18 जून 2026 को अमेरिका के न्यूयॉर्क में न्यूयॉर्क निक्स की एनबीए चैंपियनशिप जीत का जश्न मनाने के लिए सिटी हॉल में आयोजित समारोह के दौरान
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान एक बार फिर न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी पर हमला किया.

उन्होंने मेयर पर यहूदी-विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि इसराइल की आलोचना करने के उनके रुख़ से न्यूयॉर्क के यहूदी समुदाय की सुरक्षा ख़तरे में पड़ी है.

नेतन्याहू ने कहा कि ममदानी के पद संभालने के बाद से "कई यहूदी अब न्यूयॉर्क में ख़ुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते."

न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर ममदानी लंबे समय से फ़लस्तीनियों के प्रति इसराइल के व्यवहार के मुखर आलोचक रहे हैं और उन्होंने नेतन्याहू को युद्ध अपराधी बताया है.

नेतन्याहू भी ममदानी के विचारों को लेकर लगातार उन पर हमला करते रहे हैं और गुरुवार के भाषण में प्रधानमंत्री के कई आरोप उनके ममदानी के ख़िलाफ़ पहले दिए गए बयानों के ही दोहराव थे.

इसराइल को लेकर ममदानी के रुख़ ने उन्हें नेतन्याहू के लिए एक अहम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बना दिया है. नेतन्याहू इस समय फिर से प्रधानमंत्री बनने के लिए चुनाव अभियान चला रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र में नेतन्याहू के भाषण से पहले दोनों नेताओं के बीच तनाव और बढ़ गया था.

ममदानी ने एक इंटरव्यू में फिर नेतन्याहू को युद्ध अपराधी बताया और उनकी गिरफ़्तारी की मांग की, जिसके बाद नेतन्याहू ने मेयर पर हमला करते हुए एक वीडियो जारी किया.

गुरुवार को क़रीब 37 मिनट के अपने भाषण में नेतन्याहू ने कई मिनट विशेष रूप से ममदानी के उस आरोप पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि ग़ज़ा में इसराइल की सैन्य कार्रवाई जनसंहार के बराबर है.

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इमेज कैप्शन, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू 24 सितंबर 2026 को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए

रमा दुवाजी पर निशाना

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संयुक्त राष्ट्र के एक आयोग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय और इसराइली मानवाधिकार संगठनों ने निष्कर्ष निकाला है कि ग़ज़ा में युद्ध के दौरान इसराइल ने जनसंहार किया.

यह युद्ध सात अक्टूबर 2023 को इसराइल पर हमास के नेतृत्व में हुए घातक हमलों के बाद शुरू हुआ था.

नेतन्याहू ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है. गुरुवार के अपने भाषण में उन्होंने कहा कि "इसराइल पर जनसंहार का आरोप लगाना इस सदी का सबसे बड़ा झूठ है."

नेतन्याहू ने ममदानी की पत्नी रमा दुवाजी का भी ज़िक्र किया. सात अक्टूबर के हमलों के तुरंत बाद फ़लस्तीन के समर्थन में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट को लाइक करने को लेकर उनकी आलोचना हुई थी.

नेतन्याहू ने ममदानी की पत्नी का ज़िक्र करते हुए यूएन महासभा में कहा, "आपकी पत्नी ने सात अक्टूबर के जनसंहार की प्रशंसा करने वाली पोस्ट को लाइक किया था. उन्होंने एक और पोस्ट को भी लाइक किया था, जिसमें कहा गया था कि तेल अवीव का अस्तित्व नहीं होना चाहिए. आप इन बयानों की निंदा करने से इनकार करते हैं."

ममदानी की पत्नी रमा दुवाजी सीरियाई मूल की इलस्ट्रेटर और एनीमेटर हैं, जो न्यूयॉर्क सिटी के ब्रुकलिन में रहती हैं. उन्होंने अमेरिका की वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है और मास्टर्स की पढ़ाई न्यूयॉर्क सिटी के स्कूल ऑफ़ विज़ुअल आर्ट्स से की है.

ममदानी और रमा की शादी पिछले साल ही हुई थी. इससे पहले साल 2024 में दोनों ने दुबई में सगाई की और फिर पारंपरिक तौर-तरीक़ों के साथ निक़ाह भी किया.

ममदानी

नेतन्याहू के जवाब में ममदानी ने नेतन्याहू पर संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण का इस्तेमाल "फ़लस्तीनियों के जनसंहार को सही ठहराने के लिए बनाई गई निराधार झूठी बातों को दोहराने" का आरोप लगाया.

मेयर ने एक बयान में कहा, "लेकिन कोई भी झूठ इस तथ्य को नहीं बदल सकता कि वह अब भी अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के गिरफ़्तारी वॉरंट के दायरे में हैं, जिसमें युद्ध अपराधों और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों के आरोप लगाए गए हैं."

ममदानी नेतन्याहू के भाषण में मौजूद नहीं थे. भाषण के दौरान वह नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री के साथ "एलजीबीटीक्यू+ युवाओं के साथ एक चर्चा" में शामिल होने वाले थे.

भाषण शुरू होने से कुछ समय पहले ममदानी ने सोशल मीडिया पर बिना किसी शब्द के एक मिनट का वीडियो पोस्ट किया.

नेतन्याहू अपने चुनावी अभियानों में भी ममदानी का ज़िक्र कर रहे हैं. उनकी लिकुड पार्टी ने इसराइल में बिलबोर्ड और चुनावी पोस्टरों पर ममदानी की तस्वीर ईरान, तुर्की और हिज्बुल्लाह के नेताओं की तस्वीरों के साथ लगाई है.

इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने एआई से बनाया गया एक चुनावी वीडियो पोस्ट किया था.

इसमें ममदानी को नेतन्याहू की चुनावी हार की संभावना पर तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन, ईरान के अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई और फ़लस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ जश्न मनाते हुए दिखाया गया था.

ज़ोहरान ममदानी

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इमेज कैप्शन, न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी और उनकी पत्नी रामा दुवाजी 12 जनवरी 2026 को अमेरिका के न्यूयॉर्क में ग्रेसी मेंशन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान. ममदानी ने सोमवार को ग्रेसी मेंशन से अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी

नेतन्याहू घर से लेकर बाहर तक ममदानी पर आक्रामक

2024 में नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र को अंधकार का घर और यहूदी-विरोधी विष से भरा दलदल कहा था. संयुक्त राष्ट्र जाने से पहले ही नेतन्याहू और उनके सहयोगियों ने न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी के साथ विवाद को और तेज़ कर दिया था.

ममदानी ने जुलाई में कहा था कि शहर के वकील इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि क्या वे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की ओर से 2024 में जारी गिरफ़्तारी वॉरंट के आधार पर नेतन्याहू को गिरफ़्तार कर सकते हैं. इस वॉरंट में नेतन्याहू पर ग़ज़ा में युद्ध अपराध करने के आरोप लगाए गए हैं, जहाँ इसराइल के साथ संघर्ष में हज़ारों फ़लस्तीनी मारे गए हैं.

नेतन्याहू और इसराइली सरकार ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है और गिरफ़्तारी वॉरंट की क़ानूनी वैधता को चुनौती दी है.

ममदानी ने भी स्वीकार किया है कि स्थानीय अधिकारी इस गिरफ़्तारी वॉरंट को लागू नहीं कर सकते. लेकिन इस टकराव ने नेतन्याहू के चुनाव अभियान के लिए ममदानी को एक उपयोगी निशाना बना दिया है.

न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले एक वीडियो में ममदानी का ज़िक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा था, "मैं संयुक्त राष्ट्र जा रहा हूँ. मैं अपने वीर सैनिकों के बारे में सच बताऊंगा और आपके बारे में भी सच बताऊंगा."

ममदानी ने मंगलवार को पलटवार करते हुए नेतन्याहू को फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ भयावह जनसंहार का सूत्रधार कहा था.

अरब की सरकारें दशकों से इसराइल की आलोचना करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को एक मंच के तौर पर इस्तेमाल करती रही हैं, लेकिन इस साल नेतन्याहू की नीतियों पर हमले और भी तीखे हैं.

जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने भाषण में मुख्य रूप से इसराइल की आलोचना की.

नेतन्याहू कड़े मुक़ाबले वाले चुनाव का सामना कर रहे हैं. मौजूदा जनमत सर्वे के मुताबिक़, 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में वह सरकार बनाने के लिए ज़रूरी बहुमत हासिल नहीं कर पाएंगे.

इसराइली जनता उनके नेतृत्व को लेकर बँटी हुई है. इसराइल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट के जून में किए गए एक सर्वे में 61 फ़ीसदी इसराइलियों ने कहा कि नेतन्याहू को दोबारा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए.

नेतन्याहू 1990 के दशक से शुरू हुए अपने कई कार्यकालों में कुल मिलाकर क़रीब 19 वर्षों तक इसराइल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं.

हालांकि उनके सैन्य अभियानों को कई इसराइली व्यापक रूप से समर्थन देते हैं, लेकिन उनके विरोधियों का आरोप है कि नेतन्याहू सात अक्टूबर के हमलों को रोकने में नाकाम रहे. उनका यह भी कहना है कि उन्होंने अमेरिका के साथ इसराइल के गठबंधन और अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ संबंधों को कमज़ोर किया है.

ट्रंप प्रशासन ने इस महीने की शुरुआत में इसराइल के लिए 2.8 अरब डॉलर के हथियार पैकेज का प्रस्ताव रखा था. लेकिन ईरान के साथ युद्ध ख़त्म करने की कोशिशों के दौरान हाल के महीनों में ट्रंप की नेतन्याहू से नाराज़गी कई बार खुलकर सामने आई है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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