प्रशांत किशोर लड़ेंगे उपचुनाव, बीजेपी अध्यक्ष की छोड़ी गई सीट से बनेंगे जन सुराज के उम्मीदवार

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार के बांकीपुर सीट से विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे.यह सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के इस्तीफ़े से खाली हुई है.
रविवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की.
उन्होंने बताया कि कोर कमिटी की बैठक हुई थी, जिसमें ये फ़ैसला लिया गया.
उम्मीदवारी घोषित होने के बाद इसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा और कहा कि उन पर 'बिहार की जनता का भरोसा नहीं' है.
बांकीपुर बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल है और अब यह हाई प्रोफ़ाइल मुकाबले में बदल गया है.
ग़ौरतलब है कि नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी ने अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे लेकिन प्रशांत किशोर अंतिम समय में चुनाव में उतरने से मना कर दिया था.
उन्होंने कहा था कि 'यह उनकी पार्टी का फ़ैसला था कि बाकी सीटों पर ध्यान देना ज़रूरी है.'
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बीते गुरुवार को चुनाव आयोग ने बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात में तीन विधानसभा में उपचुनाव कराए जाने की घोषणा की.
उप चुनाव का गज़ेट नोटिफ़िकेशन छह जुलाई (सोमवार) को जारी किया जाएगा.
चुनाव 30 जुलाई को होना है. नामांकन भरने की तारीख़ 13 जुलाई है, 16 जुलाई को नामांकन वापिस लेने की तारीख़ है और तीन अगस्त को मतगणना होगी.
सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

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प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, "हमने चुनाव से पहले और बाद में भी ये स्पष्टता से कहा है कि सम्राट चौधरी के चाल चरित्र और चेहरा पर कोई विश्वास नहीं है. बिहार का एक बड़ा जनमानस है जो इन पर भरोसा नहीं करता."
"ये चुनकर नहीं आए हैं, इन्हें पीछे से बनाया गया है. चुनकर जनता ने तो नीतीश कुमार को चुना था, सम्राट चौधरी पीछे के दरवाजे से मुख्यमंत्री बने हैं."
उन्होंने कहा, "बिहार के सबसे प्रबुद्ध और समृद्ध बांकीपुर के मतदाताओं के कंधों पर अब ये बोझ है कि वो सबसे बेहतर उम्मीदवार को चुनकर बिहार सरकार और उसकी नीतियों पर एक निर्णय सुनाएं."
अपनी उम्मीदवारी पर प्रशांत किशोर ने क्या कहा

अपनी उम्मीदवार पर प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी के साथियों, सहयोगियों, नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया.
उन्होंने कहा, "मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही मेरा जीवन रहा है. आने वाले दस वर्षों तक, जब तक बिहार में बदलाव का सपना पूरा नहीं हो जाता, मेरा कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है."
"मैं बांकीपुर उपचुनाव लड़ने की ज़िम्मेदारी को उसी लक्ष्य की तरफ एक कदम मानता हूं. नवंबर 2025 में हजारों और लाखों लोग जन सुराज के विचारों और प्रयासों से जुड़े थे."
पिछले बिहार चुनाव पर उन्होंने कहा, "नतीजों के बाद कई लोगों को निराशा हुई और उनका उत्साह भी कम हुआ. उनमें से ज़्यादातर का मानना है कि अगर जन सुराज बांकीपुर उपचुनाव जीतती है, तो इससे न सिर्फ़ यह आंदोलन मजबूत होगा, बल्कि बिहार में बदलाव की सोच को भी नई ताक़त मिलेगी."
"मैं विनम्रता के साथ यह ज़िम्मेदारी स्वीकार करता हूं."
कभी 'राजनीति छोड़ने' का किया था दावा

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बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा था कि अगर जनता दल (यूनाइटेड) ने चुनाव में 25 से ज़्यादा सीटों पर जीत दर्ज की तो वह राजनीति छोड़ देंगे.
जेडीयू ने बिहार में 85 सीटें जीती हैं. इसके बाद से सवाल उठे कि क्या प्रशांत किशोर राजनीति छोड़ेंगे?
लेकिन चुनाव के बाद पटना में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रशांत किशोर ने अपने इस बयान पर सफाई दी. उन्होंने कहा, "मैं उस बात पर बिल्कुल कायम हूं. अगर नीतीश कुमार की सरकार ने ये वोट नहीं ख़रीदे हैं, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा."
बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन

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बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का प्रदर्शन बेहद ख़राब रहा है. पार्टी ने बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई, लेकिन वोटिंग से पहले ही उसे झटके लगना शुरू हो गए थे.
जन सुराज पार्टी के कई उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया, इससे प्रशांत किशोर के लिए हालात असहज दिखने लगे.
हालाँकि प्रशांत किशोर ने ये भी आरोप लगाया था कि उनके उम्मीदवारों को डरा धमकाकर नाम वापस कराए गए.
प्रोफ़ेसर और चुनाव विश्लेषक संजय कुमार के अनुसार, 243 में से 238 सीटों पर चुनाव लड़कर, पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.























