'कोई उसे हाथ नहीं लगा सकता...वो महिला है'

प्रकाशित

टेनिस की दुनिया की सबसे कामयाब खिलाड़ी सरीना विलियम्स के व्यक्तिव का दूसरा ही रंग न्यूयार्क फैशन शो के दौरान देखने को मिला.

इस शो के दौरान सरीना विलियम्स ने अपना सिग्नचर स्टेटमेंट वाला कलेक्शन पेश किया है.

इस मौके पर सरीना विलियम्स ने एक कविता भी पढ़ी. ख़ास बात ये है कि ये कविता उन्होंने ख़ुद लिखी है.

सरीना विलियम्स ने कहा, “मैंने इसे विंबलडन के बाद और रियो ओलंपिक के दौरान लिखा. मैं महिलाओं को सशक्त बनाने के नज़रिए से इसे लिखा था.”

ज़ाहिर है कि आपकी दिलचस्पी इस बात में हो गई होगी कि सरीना ने अपनी कविता में आख़िर लिखा क्या है.

उन्होंने लिखा है, “वह अपनी निराशा को जीत में बदल लेती है. वह अपने दुख को ख़ुशी में बदल लेती है. ख़ुद को ख़ारिज किए जाने को सहमति में, अगर कोई उसमें विश्वास नहीं करे तो कोई फर्क नहीं पड़ता. उसे ख़ुद पर भरोसा है. कोई उसे रोक नहीं सकता. कोई उसे हाथ नहीं लगा सकता. वह महिला है.”

इस कविता को सरीना ने साउंडट्रैक म्यूज़िक के साथ जब लोगों को सुनाया तो सरीना के व्यक्तित्व के दूसरे पहलू का अंदाज़ा लोगों को हुआ.

इस कविता को लिखे जाने की वजह के बारे में भी सरीना विलियम्स ने बताया. उन्होंने कहा, “लोग मुझसे पूछने लगे थे कि महान महिला एथलीट होने पर मुझे कैसा महसूस होता है? लोग ऐसा सवाल पुरुषों से नहीं पूछे जाते. मैं महिलाओं के सशक्तिकरण को आवाज़ देना चाहती थी.”

सरीना विलियम्स ने इसी साल विंबलडन का ख़िताब जीत कर स्टेफी ग्राफ़ के सबसे ज्यादा 22 ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी की. लेकिन इसके बाद उन्हें रियो ओलंपिक में हार का सामना करना पड़ा और यूएस ओपन के सेमीफ़ाइनल में भी सरीना जगह नहीं बना पाईं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)