लॉर्ड्स में इतिहास रचने से एक कदम दूर महिला टीम इंडिया

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ भारतीय टीम
इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ भारतीय टीम
    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

रविवार को महिला क्रिकेट विश्व कप के फ़ाइनल में भारत और मेज़बान इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में रोमांचक मुक़ाबले की उम्मीद की जा रही है.

डर्बी की हार के बाद से लगातार सात मैचों में अपराजेय रही इंग्लैंड की टीम की कैप्टन हीथर नाइट ने कहा भी है कि उन्होंने अपना बेस्ट परफॉर्मेंस फ़ाइनल के लिए बचाकर रखा है.

इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए बीसीसीआई ने अपनी झोली खोल दी है.

महिला क्रिकेट टीम

शनिवार को बोर्ड की तरफ से घोषणा की गई कि इंग्लैंड में आईसीसी वर्ल्ड कप खेल रही टीम की हर सदस्य को 50 लाख रुपये इनाम में दिए जाएंगे.

इससे पहले आईसीसी टूर्नामेंट में साल 2005 में भारतीय महिला टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखलाया था जब भारत ऑस्ट्रेलिया से फ़ाइनल में हार गया था.

हरमनप्रीत कौर
इमेज कैप्शन, हरमनप्रीत कौर

हरमनप्रीत की धुआंधार बल्लेबाज़ी

बीते शुक्रवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी दमदार टीम को 36 रन से हराकर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली.

अगर भारतीय महिला क्रिकेट टीम के फ़ाइनल तक के सफर की बात करें तो सेमीफ़ाइनल में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 42 ओवरों में 4 विकेट खोकर 281 रन बनाए.

भारत की हरमनप्रीत कौर ने धुआंधार बल्लेबाज़ी करते हुए नाबाद 171 रन बनाए. इसके लिए उन्होंने 115 गेंदो का सामना करते हुए 20 चौके और सात छक्के जमाए.

जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 40.1 ओवर में 245 रन बनाए. भारत ने अंततः यह मैच 36 रन से जीता.

मिताली राज
इमेज कैप्शन, मिताली राज

करो या मरो

सेमीफ़ाइनल से पहले भारत ने करो या मरो वाले मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड को 186 रनो के विशाल अंतर से हराया.

इस मुक़ाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए कप्तान मिताली राज़ की 109 रनो की शतकीय पारी के सहारे निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट खोकर 265 रन बनाए.

जवाब में न्यूज़ीलैंड की टीम 25.3 ओवर में ही 79 रन पर सिमट गई. भारत की खब्बू स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने 15 रन देकर पांच विकेट झटके.

दरअसल अंकों के आधार पर जीतने वाली टीम को ही सेमीफ़ाइनल का टिकट हासिल होना था.

लेकिन राउंड रोबिन लीग में भारतीय महिला टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था.

वीडियो कैप्शन, वर्ल्ड कप में अपने पहले की मैच में पांच विकेट ले कर राजेश्वरी चर्चा में हैं

कप्तान मिताली राज की भूमिका

इसके अलावा भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीकी टीम से भी 115 रन से हारी. लेकिन भारत ने श्रीलंकाई टीम को 16 रन से और पाकिस्तानी टीम को 95 रन से हराया.

पाकिस्तानी टीम तो जीत के लिए 170 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुऐ केवल 74 रन बना पाई.

इतना ही नहीं भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज़ को सात विकेट से और इंग्लैंड को 35 से हराया.

भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन में कप्तान मिताली राज की भूमिका तो बेहद महत्वपूर्ण रही है, लेकिन सलामी बल्लेबाज़ पूनम राउत ने भी अपना योगदान दिया है.

स्मृति मंधाना
इमेज कैप्शन, स्मृति मंधाना

पूनम राउत ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ राउंड रोबिन मैच में 106 और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 47 तथा इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 86 रन बनाए.

इस टूर्नामेंट में स्मृति मंधाना ने भी जमकर बल्लेबाज़ी की.

उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ नाबाद 105 और इंग्लैंड के ख़िलाफ 90 रन बनाए और भारतीय जीत में बड़ी भूमिका निभाती हुई इस टूर्नामेंट में दो बार प्लेयर ऑफ द मैच बनीं.

मिताली राज

भारतीय गेंदबाज़ी

इनके अलावा दीप्ती शर्मा ने भी श्रीलंका के ख़िलाफ 78 और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ 60 रन बनाए.

लेकिन ठीक समय पर बल्ला गरजा हरमनप्रीत कौर का जिन्होंने सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ नाबाद 171 रन ठोककर भारत को फ़ाइनल की राह दिखाई.

गेंदबाज़ी में भी भारतीय खिलाड़ी महत्वपूर्ण समय पर विरोधी टीम को झटके देकर टीम की जीत में अपनी अहम भूमिका निभाती रही.

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ ऑफ स्पिनर दीप्ती शर्मा ने 47 रन देकर तीन और सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 59 रन देकर तीन विकेट हासिल किए.

भारतीय गेंदबाज़

खब्बू स्पिनर एकता बिष्ट का जादू भी खूब चला है. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ तो उन्होंने केवल 15 रन देकर पांच विकेट हासिल किए.

एक और खब्बू स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने भी कमाल की गेंदबाज़ी की है. उन्होंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ महज़ 15 रन देकर पांच विकेट हासिल किए.

इस विश्व कप में भारत की तेज़ गेंदबाज़ भी पीछे नहीं रही हैं. शिखा पांडेय ने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ 40 रन देकर तीन विकेट हासिल किए.

तो ऐसे में कहा जा सकता है कि भारतीय टीम किसी एक खिलाड़ी के बलबूते नहीं बल्कि पूरी टीम के शानदार प्रदर्शन के दम पर फ़ाइनल में पहुंची है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)