2021 की दिलचस्प वैज्ञानिक घटनाएं... जेम्स वेब, वियाग्रा और मंगल पर उड़ान

विज्ञान
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पढ़ने का समय: 6 मिनट

जैसे-जैसे तकनीक विकसित होती जाती है, नई-नई वैज्ञानिक खोज और नई अवधारणाओं के अस्तित्व में आने की गति भी बढ़ती जाती है.

वो सारी चीज़ें जो पांच साल पहले तक नामुमकिन लगती थीं या जो सदियों से सिर्फ़ कल्पना का हिस्सा थीं, वो सब अब आसानी से साकार हो रही हैं.

इसी को ध्यान में रखते हुए बीबीसी ने साल 2021 में विज्ञान की दुनिया में होने वाली सबसे दिलचस्प घटनाओं, नई खोज और आविष्कार की एक सूची तैयार की है.

पर्सिवियरेंस रोवर

पर्सिवियरेंस रोवर: मंगल पर कदम रखने के लिए बड़ी पहल

मंगल ग्रह पर कदम रखने के लिए इंसान लंबे समय से तैयारी करता रहा है लेकिन अब यह सपना पर्सिवियरेंस रोवर की बदौलत हक़ीक़त में तब्दील हो गया है. नासा के परज़ेवेरेंस रोवर ने साल 2021 में मंगल की सतह पर पहली बार कदम रखा.

छह पहियों पर दौड़ने वाला यह रोवर अगले दो सालों तक मंगल ग्रह की सतह का जायज़ा लेगा, वहां मौजूद चट्टानों की ड्रिलिंग कर उनके नमूने इकट्ठा करेगा और इस ग्रह पर जीवन की संभावनाओं की तलाश करेगा.

मंगल ग्रह पर पहली बार 'इनजेन्यूटी' नाम के एक हेलीकॉप्टर ने भी उड़ान भरी.

ये उड़ान एक मिनट से भी कम समय के लिए थी. लेकिन बड़ी बात यह है कि इससे पहले कभी इंसान द्वारा बनाए किसी हेलीकॉप्टर को किसी अन्य ग्रह पर नहीं उड़ाया गया है.

6 सितंबर को नासा के पर्सिवियरेंस रोवर ने अपने पहले चट्टान के नमूने को इकट्ठा करने में कामयाबी हासिल की. कुछ दिनों के बाद इसने और अधिक चट्टानों के नमूने इकट्ठे किए. बाद में इस रोवर को जेज़ेरो क्रेटर से बेडरॉक के नमूने हासिल करने में भी कामयाबी मिली. माना जा रहा है कि यह शुरुआत है क्योंकि आने वाले वक्त में परज़ेवेरेंस 24 और चट्टानों के नमूने एकत्र करने की योजना पर काम कर रहा है.

मंगल ग्रह से एकत्र किए गए नमूनों को इस दशक के अंदर ही अमेरिका और यूरोपीय देशों के समन्वित प्रयासों से धरती पर लाया जाएगा.

पार्कर सोलर प्रोब

सूरज की बाहरी सतह को छूकर गुज़रा पार्कर प्रोब

नासा के अंतरिक्षयान पार्कर सोलर प्रोब ने पहली बार सूरज के पर्यावरण की बाहरी सतह को स्‍पर्श किया. सूरज के वातावरण की सतह जिसे कोरोना के नाम से जाना जाता है, उसे छूने में इस मिशन ने सफलता पाई. अब तक इस सतह तक पहुंचा नहीं जा सका था.

यह अभूतपूर्व घटना बीते साल के अप्रैल महीने में घटी थी लेकिन कोरोना को छूकर गुज़रने की बात आंकड़ों के विश्लेषण के बाद ही सामने आ पाई.

पार्कर प्रोब को इस दौरान भारी विकिरण और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा, लेकिन सूरज किस तंत्र के तहत संचालित होता है यह आंकड़ा इसने हासिल कर लिया.

नासा में सोलर फ़िजिक्स के निदेशक निकोला फ़ॉक्स के मुताबिक, "सूर्य के वातावरण तक पहुंचना इंसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. यह जानकारी पृथ्वी के सबसे नज़दीक के तारे सूरज को लेकर हमारी समझ को बढ़ाएगा. इससे हमें सौर मंडल पर सूर्य के प्रभाव को समझने में भी आसानी होगी".

जेम्स वेब टेलिस्कोप

दूसरे ग्रह पर ज़िंदगी की पहेली को सुलझाने के लिए विशाल दूरबीन

पृथ्वी पर अब तक का सबसे बड़ा जेम्स वेब टेलिस्कोप 25 दिसंबर को फ्रांस के गुयाना से अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था.

यह सुपर टेलिस्कोप ब्रह्मांड को अच्छे से समझने में मदद करेगा और पृथ्वी के अलावा कहीं और जीवन है या नहीं इस बारे में जानकारी इकट्ठा करने की मदद करेगा.

यह टेलिस्कोप 13.5 अरब साल पहले ब्रह्मांड में चमकने वाले तारों की रोशनी को मापने में मददगार साबित होगा. इतना ही नहीं, जेम्स वेब टेलिस्कोप दूसरे ग्रहों की वायुमंडलीय परतों में मौजूद अणुओं की भी जांच करेगा और बाहरी अंतरिक्ष में जीवन के अस्तित्व का पता लगाएगा.

लूसी

बृहस्पति की ओर चला मिशन लूसी

अक्टूबर में लॉन्च किया गया 'मिशन लूसी' हमारे सौर मंडल के जीवाश्म माने जाने वाले छोटे ग्रह समूहों (क्षुद्र ग्रहों) का अध्ययन करेगा.

छोटे ग्रहों का एक समूह बृहस्पति की परिक्रमा करता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि ये छोटे ग्रह अपने आप में आदिकालीन चीज़ों को समेटे हुए होंगे जो हमारे सौर मंडल के जन्म और विकास की पहेली को सुलझाने की क्षमता रखते हैं.

इसे समझने के लिए ही लूसी मिशन को बृहस्पति ग्रह की ओर प्रक्षेपित किया गया था.

SN9

अंतरिक्ष यात्रा बनेगा पर्यटन

ब्रिटेन के व्यवसायी रिचर्ड ब्रैनसन हमेशा अंतरिक्ष की यात्रा करने की ख़्वाहिश रखते थे और उनका यह सपना 71 साल की उम्र में सच हो गया.

उनकी कंपनी वर्ज़िन गेलेक्टिक ने यूनिटी नाम का एक रॉकेट शटल बनाया, जिसने लगभग 85 किलोमीटर की ऊंचाई तक यात्रा की. ये यान बाहरी अंतरिक्ष में वह दाख़िल हुआ और इसने 90 मिनट में सफलतापूर्वक अपनी अंतरिक्ष उड़ान पूरी कर ली.

दूसरी ओर, अमेज़ॉन के संस्थापक जेफ़ बेजोस ने अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा ब्लू ओरिज़िन कंपनी के बनाए रॉकेट न्यू शेपर्ड से पूरी की.

इस यात्रा में बेज़ोस के साथ उनके भाई मार्क बेज़ोस, 82 साल की पूर्व पायलट वैली फ़ंक और 18 साल के छात्र ओलिवर डायमेन भी गए थे. ये सभी 10 मिनट और 10 सैकेंड के बाद पैराशूट के जरिए धरती पर वापस लौट आए. उनका रॉकेट 106 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा था.

एलन मस्क ने तो स्पेस एक्स के ज़रिए स्टारशिप नाम का दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट डिज़ाइन किया है. इस साल कंपनी के बनाए एक रॉकेट में चार अंतरिक्ष पर्यटक अपनी यात्रा पूरी तक धरती पर लौटे.

वियाग्रा

अल्ज़ाइमर के लिए वियाग्रा ?

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि वियाग्रा, जिसका इस्तेमाल पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फ़ंक्शन के इलाज के लिए किया जाता है, उसका उपयोग अल्ज़ाइमर रोग के उपचार में किया जा सकता है.

हालांकि मस्तिष्क के टिशू पर वियाग्रा के असर का अध्ययन अभी किया जा रहा है.

एचआईवी

एचआईवी का प्रतिरोध करता है मानव शरीर

अर्जेंटीना की एक महिला बिना किसी दवा के ही एचआईवी से ठीक हो गईं. यह दुनिया में अब तक का इस तरह का दूसरा मामला है.

डॉक्टरों का मानना है कि इस महिला के इम्यून सिस्टम ने वायरस को ख़त्म कर दिया.

इंटरनल मेडिसिन जर्नल की मानें तो महिला के शरीर से एक अरब से अधिक कोशिकाओं का विश्लेषण करने के बाद भी उनमें एचआईवी का एक भी निशान नहीं मिला.

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इंसानों के लिए सुअर की किडनी

अमेरिका में एक सुअर की किडनी को ब्रेन डेड हो चुके एक शख़्स में प्रत्यारोपित किया गया, जो आर्टिफ़िशियल लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर था.

हालांकि इंसानी शरीर में सुअर की किडनी को स्वीकार कराने के लिए कुछ आनुवांशिक परिवर्तन किए गए थे.

स्टेराइल न्यूट्रिनो नहीं मिला

इस परिकल्पना के आधार पर कि 'स्टेराइल न्यूट्रिनो' पदार्थ की मूलभूत इकाई हो सकती है, और वैज्ञानिक इस कण की खोज लंबे समय से कर रहे थे.

इसे लेकर ज़बर्दस्त खोज की कोशिशें एक बार फिर व्यर्थ चले जाने के बाद वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के जन्म की व्याख्या करने के लिए इससे भी दिलचस्प परिकल्पनाओं को आगे बढ़ाया है.

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ब्लैक होल से रोशनी ?

अमेरिकी और यूरोपीय टेलिस्कोप की खोज ने दुनिया को यह बताया है कि अंतरिक्ष में ब्लैक होल के आसपास बहुत तेज विकिरण एक्स-रे उत्सर्जन होता है. यह पहली बार है जब किसी ब्लैक होल से प्रकाश की खोज की गई है.

इस रिसर्च में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से एक्सएमएम-न्यूटन और नासा से नूस्टार-न्यूक्लियर स्पेक्ट्रोस्कोपिक टेलीस्कोप ऐरे का इस्तेमाल किया गया था.

अमेरिका में स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के डैन विल्किंस ने इस रिसर्च के दौरान अंतर्राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व किया.

कैलिफ़ोर्निया कैंडोर

नर पक्षी के बगैर अंडे दे सकती है मादा पक्षी

कैलिफ़ोर्निया की दो मादा गिद्धों ने बिना नर क्रोमोज़ोम के और बगैर किसी नर की मदद के अंडे दिए और उनसे बच्चे भी पैदा किए.

इस घटना की खोज अमेरिकी वन्यजीव शोधकर्ताओं ने की थी. यहां यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि कैलिफ़ोर्निया के गिद्ध लुप्त होने की कगार पर हैं.

बेडेलॉइड रोटिफ़र
इमेज कैप्शन, बेडेलॉइड रोटिफ़र

24,000 सालों के बाद फिर जिंदा हुआ जीव

साइबेरियन बर्फ़ में पिछले 24,000 वर्षों से जमे हुए एक सूक्ष्म बहुकोशिकीय जीव में फिर से जान आ गई. बेडेलॉइड रोटिफ़र नामक जीव को रूस के आर्कटिक क्षेत्र में एलिसा नदी से खोद कर निकाला गया था.

हज़ारों सालों तक जमे रहने की स्थिति (जिसे क्रिप्टोबायोसिस कहा जाता है) के बाद यह जीव बर्फ़ के पिघलने के साथ ही वापस ज़िंदा हो गया. वैज्ञानिकों को यह भी पता चला कि यह अलैंगिक या बिना सहवास के भी प्रजनन करने में सक्षम है.

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