लाइव, सोने के आयात पर नियम और कड़े हुए, जानिए क्या-क्या बदला

भारत सरकार ने सोने के आयात पर ड्यूटी बढ़ाने के बाद अब ड्यूटी-फ़्री गोल्ड इंपोर्ट के नियम भी सख़्त कर दिए हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

संदीप राय

  1. सोने के आयात पर नियम और कड़े हुए, जानिए क्या-क्या बदला

    गोल्ड

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    इमेज कैप्शन, कुछ दिन पहले ही सरकार ने गोल्ड पर ड्यूटी बढ़ा दी थी

    भारत सरकार ने सोने के आयात पर ड्यूटी बढ़ाने के बाद अब ड्यूटी-फ़्री गोल्ड इंपोर्ट के नियम भी सख़्त कर दिए हैं.

    डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड (डीजीएफ़टी) ने गोल्ड ज्वैलरी एक्सपोर्ट्र्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसके तहत आयात और निगरानी से जुड़े कई नियम बदले गए हैं.

    नए नियमों के मुताबिक़, अब एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही आयात किया जा सकेगा. इससे पहले इस सीमा को लेकर नियम अपेक्षाकृत ढीले माने जाते थे.

    डीजीएफ़टी ने कहा है कि नए आवेदकों के लिए फ़ैक्ट्री और सुविधा केंद्र का अनिवार्य निरीक्षण किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी-फ़्री सोने का इस्तेमाल तय निर्यात गतिविधियों में ही हो.

    मौजूदा निर्यातकों के लिए भी नई शर्तें लागू की गई हैं. नई अनुमति लेने के लिए उन्हें अपने पिछले एक्सपोर्ट ऑब्लिगेशन का कम से कम 50 प्रतिशत पूरा करना होगा.

    यानी जिन कंपनियों ने पहले तय निर्यात लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं, उन्हें नई मंजूरी मिलने में दिक्कत हो सकती है.

    इसके अलावा अब निर्यातकों को हर 15 दिन में रिपोर्ट जमा करनी होगी. सरकार का कहना है कि इससे निगरानी व्यवस्था और सख़्त होगी और सोने के आयात के इस्तेमाल पर क़रीब से नज़र रखी जा सकेगी.

    विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का फोकस सोने के आयात पर नियंत्रण और नियमों के पालन को मजबूत करने पर है. हाल के महीनों में सोने के आयात और व्यापार घाटे को लेकर चिंता बढ़ी है.

    पिछले दिनों भारत ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था.

  2. ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत, ट्रेड डील पर नहीं बनी सहमति, सुरंजना तिवारी, एशिया बिज़नेस संवाददाता

    डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति एक बड़े बिज़नेस प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन के दौरे पर हैं

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत में कोई बड़ा व्यापार समझौता नहीं हो सका है.

    अमेरिका और चीन के बीच पिछले साल अक्तूबर में ट्रेड वॉर रोकने पर सहमति बनी थी. अक्तूबर मैं हुए समझौते के तहत अमेरिका ने चीनी सामानों पर प्रस्तावित भारी टैरिफ़ बढ़ोतरी रोक रखी है. वहीं चीन ने रेयर अर्थ एक्सपोर्ट पर सख़्ती कम की थी.

    व्हाइट हाउस के मुताबिक़ दोनों नेताओं ने “बोर्ड ऑफ़ ट्रेड” बनाने पर सहमति जताई है. इसका मक़सद व्यापार संबंधों को संभालना है ताकि बार-बार टैरिफ़ पर बातचीत की ज़रूरत न पड़े.

    हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने में अभी काफी काम बाकी है.

    अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस दौरे के दौरान बोइंग के बड़े ऑर्डर और अमेरिकी ऊर्जा व कृषि उत्पादों की चीनी खरीद से जुड़े एलान हो सकते हैं.

    ट्रंप के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रमुख कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व को भी शामिल किया गया है

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रमुख कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व को भी शामिल किया गया है

    बुधवार को शुरू हुए ट्रंप के इस दौरे में कारोबारी जगत की मौजूदगी भी चर्चा में रही.

    ट्रंप ने ख़ुद कहा कि वो अमेरिका के दर्जनों शीर्ष व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल भी साथ लाए हैं, जिसमें टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग शामिल हैं.

    ये दोनों ही कंपनियां अमेरिका-चीन आर्थिक रिश्तों की सबसे संवेदनशील कड़ी हैं. टेस्ला की चीन के शंघाई प्लांट और वहां के ग्राहकों पर बड़ी निर्भरता है. वहीं एनवीडिया के माइक्रोचिप्स वैश्विक एआई रेस के केंद्र में हैं.

    अमेरिका ने पहले ही चीन को एडवांस कंप्यूटिंग तकनीक की पहुंच सीमित करने के लिए एक्सपोर्ट नियंत्रण को लेकर कई कदम उठाए हैं.

    जेनसन हुआंग की मौजूदगी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि उनका नाम प्रतिनिधिमंडल की शुरुआती सूची में नहीं था. इससे यह अटकलें तेज़ हुई हैं कि एआई और सेमीकंडक्टर चिप्स तक चीन की पहुंच बातचीत का अहम हिस्सा हो सकती है.

    आज शुक्रवार को ट्रंप के दौरे का दूसरा दिन है. और उम्मीद लगाई जा रही है कि कुछ अन्य मुद्दों पर दोनों राष्ट्रपतियों के बीच बातचीत हो सकती है.

    व्हाइट हाउस ने उन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की पूरी सूची जारी की है जो इस दौरे में शामिल हैं.

    टिम कुक (एप्पल) स्टीफन श्वार्ज़मैन (ब्लैकस्टोन) केली ऑर्टबर्ग (बोइंग) ब्रायन साइक्स (कारगिल) जेन फ्रेजर (सिटीग्रुप) हेनरी लॉरेंस कल्प (जीई एयरोस्पेस) डेविड सोलोमन (गोल्डमैन सैक्स) जैकब थायसेन (इल्यूमिना) माइकल मीबाख (मास्टरकार्ड) संजय मेहरोत्रा (माइक्रों टेक्नोलॉजी) जेनसन हुआंग (एनवीडिया) क्रिस्टियानो एमन (क्वालकॉम) एलन मस्क (स्पेसएक्स और टेस्ला) रयान मैकइनर्नी (वीज़ा)

    उम्मीद है कि दिन में बाद में और भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे.

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