लाइव, राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के परिवार से की मुलाक़ात, कहा- राज्य सरकार उस 'वीआईपी' को संरक्षण दे रही है

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी अंकिता भंडारी का परिवार न्याय के इंतज़ार में है.

सारांश

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  • पीएम मोदी ने युवाओं के लिए कीं घोषणाएं
  • 15 अगस्त को इन देशों के भी मिली थी आज़ादी
  • भारत में आम लोगों को अच्छे फ़ुटपाथ कैसे मिलेंगे
  • इनके पास अलग-अलग मौके के लिए हैं अलग-अलग तरह की नाक
  •  जेन ज़ी ने बताया उनके लिए क्या हैं आज़ादी के मायने
  • मज़दूरों को मिला 16 कैरेट का हीरा
  • मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में किस वाक्य का ज़िक्र किया?
  • पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. चंदन कुमार जजवाड़े को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए ब्लॉग के साथ फिर हाजि़र होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  2. राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के परिवार से की मुलाक़ात, कहा- राज्य सरकार उस 'वीआईपी' को संरक्षण दे रही है

    राहुल गांधी और अंकिता भंडारी का परिवार

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा है कि रिसॉर्ट में अंकिता के रूम की किसी भी तरह की जांच होने से पहले ही उसे ध्वस्त कर दिया गया जो ख़ुद में संदेहपूर्ण है

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "अंकिता भंडारी के परिवार से दो दिन पहले मिला. चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वो न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं. अपनी बच्ची के ख़िलाफ़ एक ऐसे अपराध के लिए जिसकी कोई माफ़ी नहीं."

    "सिर्फ 19 साल की अंकिता वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं जहां एक "वीआईपी" मेहमान की शर्मनाक मांग का विरोध करने पर चीला नहर में डुबो कर उनकी हत्या कर दी गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हिंसा और डुबोने के सबूतों की पुष्टि भी की."

    राहुल गांधी ने लिखा, "मगर, रिसॉर्ट में अंकिता के रूम की किसी भी तरह की जांच होने से पहले ध्वस्त कर दिया गया जो ख़ुद में संदेहपूर्ण है."

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया, "इस दुखद मामले में सबसे शर्मनाक बात है कि राज्य सरकार ख़ुद आज तक उस 'वीआईपी' को संरक्षण दे रही है. क्यों? क्योंकि वह बीजेपी-आरएसएस के बड़े नेता हैं."

    "यही बीजेपी की विकृत मानसिकता है.यहां तक कि बलात्कार के दोषियों का फूल-मालाओं से स्वागत करना. दुनिया में सबसे घिनौने इंसान वो होते हैं जो बलात्कारियों की रक्षा करते हैं और बीजेपी में ऐसे लोगों की भरमार है."

    19 वर्षीय अंकिता, पौड़ी ज़िले के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं.

    सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी और लापता होने के लगभग एक सप्ताह बाद उनका शव चीला शक्ति नहर से बरामद हुआ था.

  3. बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने मांगी माफ़ी

    मनन मिश्रा

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    इमेज कैप्शन, मनन मिश्रा बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं

    बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने नालसार दीक्षांत समारोह विवाद के बाद कानून के छात्रों से माफ़ी मांगी है.

    बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरपर्सन मनन कुमार मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस पर जारी एक पत्र में कानून के छात्रों से माफ़ी मांगी है.

    यह पत्र हैदराबाद की नेशनल एकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च (नालसार) लॉ यूनिवर्सिटी और बेंगलुरु की एनएलएसआईयू के छात्रों की आलोचना के बाद आया है.

    छात्रों ने नालसार के 2026 के दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्यकांत की भागीदारी से जुड़े विवाद से बीसीआई के निपटने के तरीके पर सवाल उठाए थे.

    बार एंड बेंच के मुताबिक़, हालांकि, माफ़ी में किसी विश्वविद्यालय या सीधे तौर पर विवाद का नाम नहीं लिया गया है. इसमें हाल के घटनाक्रमों का जिक्र किया गया है, जिनके बारे में मिश्रा ने कहा कि उन्होंने छात्रों के बीच चिंता पैदा की.

    बयान में कहा गया, "अगर मौजूदा विवाद से जुड़ी किसी बात, मेरे किसी शब्द या पत्र से हमारे कानून के छात्रों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मुझे इसका ईमानदारी से खेद है और मैं इसके लिए माफ़ी मांगता हूं."

    विवाद तब शुरू हुआ जब बीसीआई ने 13 अगस्त को नालसार के 2026 में स्नातक होने वाले छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने का आदेश दिया था. छात्रों ने अपने दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्यकांत की मुख्य अतिथि के रूप में भागीदारी पर आपत्ति जताई थी.

    हालांकि, कानूनी समुदाय की आलोचना के बाद बीसीआई ने कुछ ही घंटों के भीतर अपना फैसला वापस ले लिया.

    इसके बाद नालसार की स्टूडेंट बार काउंसिल ने एक बयान जारी कर मिश्रा से पूरे घटनाक्रम से निपटने के तरीके को लेकर सार्वजनिक माफी की मांग की थी.

    भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने भी बीसीआई की आलोचना करते हुए इसे 'अपने और छात्रों के बीच का मामला' बताया और बीसीआई को 'बेवजह दख़ल' देने के लिए लताड़ लगाई थी.

  4. चमोली टनल हादसा: आठवें मज़दूर की मौत की पुष्टि, दो अब भी लापता, आसिफ़ अली, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    चमोली के निर्माणाधीन टनल में गुरुवार को पानी भर गया था, जिससे यहां कई मज़दूर फंस गए

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    इमेज कैप्शन, चमोली के निर्माणाधीन टनल में गुरुवार को पानी भर गया था, जिससे यहां कई मज़दूर फंस गए

    उत्तराखंड के चमोली ज़िले में पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग से रेस्क्यू अभियान के दौरान एक और लापता श्रमिक का शव बरामद किया गया है, जबकि टनल में लापता दो अन्य श्रमिकों की तलाश लगातार जारी है.

    मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त की शाम को पानी भर गया था.

    शनिवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान देवनाथ नाम के मज़दूर के शव को टनल से बाहर निकाला गया. वह छत्तीसगढ़ के दहीकोंगा गांव के रहने वाले थे. इस घटना के बाद अब तक कुल 22 श्रमिकों में से 12 को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 8 की मृत्यु हो चुकी है.

    इन आठ मृतकों में 3 छत्तीसगढ़, 2 उत्तर प्रदेश, 2 उत्तराखंड और 1 झारखंड से हैं.

    वहीं लापता 2 श्रमिकों की खोजबीन की लगातार जारी हैं. इनमें से एक श्रमिक छत्तीसगढ़ और एक झारखंड से है.

    ज़िला प्रशासन के मुताबिक़ रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी की जा रही है.

    इस अभियान में एसडीआरएफ़, एनडीआरएफ़, ज़िला पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियां शामिल हैं.

  5. अयोध्या: राम मंदिर के पुजारी अब एक जैसी पोशाक में नज़र आएंगे, नया ड्रेस कोड लागू, अरशद अफज़ाल ख़ान, बीबीसी न्यूज़ हिंदी के लिए

    अयोध्या के राम मंदिर में पुजारियों के लिए कपड़े के साथ ही बाल और दाढ़ी से जुड़े कोड लागू किए गए हैं

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    इमेज कैप्शन, अयोध्या के राम मंदिर में पुजारियों के लिए कपड़े के साथ ही बाल और दाढ़ी से जुड़े कोड लागू किए गए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अयोध्या के राम मंदिर में शनिवार से पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है. तय पोशाक के अनुसार, पुजारी नीचे हल्के पीले रंग की (पीतांबर) 'धोती' और ऊपर 'उत्तरीय' (पारंपरिक, बिना सिला हुआ लंबा और लपेटा जाने वाला वस्त्र) पहनेंगे.

    यह वस्त्र रेशम का होगा और इसका रंग हल्का पीला रखा गया है. यह नियम 15 अगस्त से लागू हो गया है.

    मंदिर में पूजा की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की पूजा सेवा में लगे पुजारियों के लिए यह बड़ा बदलाव किया गया है.

    राम मंदिर में पूजा करते पुजारी

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    इमेज कैप्शन, राम मंदिर में पूजा करते पुजारी

    राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने बताया कि रामलला के पुजारियों की पोशाक को लेकर फ़ैसला लिया गया है.

    उन्होंने कहा, "रामलला की पूजा करने वाले पुजारियों की पोशाक रामानंद परंपरा के अनुसार होगी."

    मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा, "वे नीचे धोती और ऊपर हल्के पीले रंग के रेशमी का उत्तरीय पहन सकेंगे."

    शरण ने कहा, "बाल और दाढ़ी को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है. पुजारी या तो पंचकेश परंपरा का पालन करेंगे या पूरी तरह से बाल रहित रहेंगे. केवल बाल रखकर दाढ़ी मुंडवाने की व्यवस्था नहीं होगी. रामानंद परंपरा के अनुसार पुजारियों के लिए तिलक लगाना भी सुनिश्चित किया जाएगा."

    धार्मिक समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास ने कहा कि रेशमी वस्त्र की पवित्रता और शुद्धता को ध्यान में रखते हुए इसे पुजारियों की पोशाक में शामिल किया गया है.

    उन्होंने कहा कि रामलला की सेवा में नियमित रूप से लगे सभी पुजारी अब एक जैसी पोशाक में नज़र आएंगे.

  6. दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों में 11 लोगों की मौत, समंथा ग्रानविली, बेरूत

    लेबनान के दक्षिणी इलाक़े में इसराइली हमला

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    इमेज कैप्शन, सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अंसार में हुए हमले में मारे गए लोगों में तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं

    लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक़, देश के दक्षिणी इलाक़े में इसराइली हमलों में 11 लोगों की मौत हो गई है. जून में तनाव कम करने के मक़सद से एक समझौते की घोषणा के बाद यह सबसे घातक हमलों में से एक है.

    लेबनान के प्रधानमंत्री ने कहा कि नबातियेह ज़िले के अंसार के बाहरी इलाक़े में एक घर पर हुए हमले में सात लोगों की मौत हुई. सरकारी मीडिया के मुताबिक़, मृतकों में तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल थीं.

    लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को बाद में देइर अल-ज़हरानी शहर में हुए एक और हमले में चार लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए.

    इसराइल की सेना ने कहा कि उसने "हिज़्बुल्लाह के आतंकी ढांचे" पर हमला किया. सेना के मुताबिक़, यह कार्रवाई उसके सैनिकों के ख़िलाफ़ की गई एक कार्रवाई के जवाब में की गई.

    अधिकारियों के मुताबिक़, अंसार में क़रीब 04:30 बजे हुआ हमला उस जगह पर हुआ, जहां विस्थापित परिवार रह रहे थे.

    सोशल मीडिया पर सामने आए फुटेज में गांव की सड़कों पर धुएं के बड़े गुबार दिखाई दे रहे हैं और सायरन की आवाज़ सुनाई दे रही है.

    लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि मारे गए सात नागरिक "सैन्य ढांचा" नहीं थे.

    उन्होंने कहा, "इसराइल को यह तनाव बढ़ाना बंद करना चाहिए. हमारे लोगों की सुरक्षा और अपनी ज़मीन पर जीने का उनका अधिकार बातचीत या सौदेबाज़ी का विषय नहीं है."

  7. ईरान का आरोप- क़तर ने तीन ईरानी पायलटों को बंधक बनाया

    ईरान झंडे

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    इमेज कैप्शन, ईरान ने आरोप लगाया है कि क़तर ने उसके पायलटों के मुद्दे पर जेनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन किया है (सांकेतिक तस्वीर)

    ईरान के सशस्त्र बलों की लापता लोगों की तलाश करने वाली कमेटी ने कहा कि तीन ईरानी पायलट क़तर में बंदी हैं. कमेटी के कमांडर ने रेड क्रॉस से उनकी स्थिति स्पष्ट करने में मदद करने का अनुरोध किया है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बग़रज़ादेह ने इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस की प्रमुख मारियाना स्पोलियारिक को इस मुद्दे पर एक पत्र लिखा है.

    इसमें कहा गया है, "दो एसयू-24 लड़ाकू विमान क़तर में एक दुश्मन सैन्य अड्डे की ओर एक मिशन को अंजाम देने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन वापसी के दौरान दुश्मन के डिफ़ेंस सिस्टम के हमले के बाद पायलटों को विमान से बाहर निकलना पड़ा."

    इस पत्र को ईरानी मीडिया ने प्रकाशित किया है.

    ब्रिगेडियर जनरल बग़रज़ादेह के अनुसार, "इस घटना में शामिल तीन पायलटों को क़तर की सेना ने जिंदा पकड़ लिया."

    उन्होंने पायलटों के नाम जवाद सालेही, अब्दुल मजीद दश्तियन और इमरान बहरोशियन बताए.

    ब्रिगेडियर जनरल बग़रज़ादेह ने पत्र में लिखा, "क़तर सरकार ने इन क़ैदियों के अधिकारों का उल्लंघन किया है, जो सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों के विपरीत है. जिसमें युद्धबंदियों के अधिकारों से जुड़ा जेनेवा कन्वेंशन भी शामिल हैं."

    उन्होंने लिखा, "छह महीने गुज़र जाने के बाद सभी राजनयिक प्रयासों के बावजूद, क़ैदियों को अपने परिवारों और निगरानी कर रहे अधिकारियों से मिलने, बातचीत करने और संपर्क करने की अनुमति नहीं दी है."

  8. महिला आरक्षण पर पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस ने ये कहा

    पीएम मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने लाल क़िले से अपने भाषण में कई मुद्दों का ज़िक्र किया

    पीएम मोदी ने लाल क़िले से महिला आरक्षण के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों से सहयोग करने की मांग की, इस मुद्दे पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "प्रधानमंत्री ने आज लाल क़िले से अपने संबोधन में महिला आरक्षण को लेकर एक ग़लत दावा किया. उन्हें मालूम होना चाहिए कि सितंबर 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया था."

    "लेकिन मोदी सरकार के दोहरे मानदंड और ढोंग के कारण यह 2024 के चुनावों से ही लागू नहीं हो सका. इस अधिनियम को 16 अप्रैल 2026 की देर शाम आनन-फानन में और चुपचाप अधिसूचित किया गया."

    जयराम रमेश ने कहा कि महिला आरक्षण को लोकसभा की मौजूदा सदस्य संख्या के भीतर ही 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने के अपने स्टैंड पर लगातार कायम रही है.

    इससे पहले पीएम मोदी ने लाल क़िले से अपने भाषण में कहा, "मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि आइए महिला आरक्षण लागू कर के महिला सम्मान में आप भी जुड़िए."

    दरअसल केंद्र सरकार साल 2023 में संसद में नारी शक्ति वंदन विधेयक लेकर आई थी. इसे कांग्रेस समेत ज़्यादातर विपक्षी दलों के सहयोग से पारित कर दिया गया था.

    इस अधिनियम में महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया था, लेकिन इसके लागू होने को सरकार ने ही भविष्य में होने वाली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ दिया था.

    फिर इसी साल 16 से 18 अप्रैल को बुलाए गए संसद के विशेष सत्र इसमें संशोधन के लिए विधेयक पेश किया गया, लेकिन महिला आरक्षण क़ानून में संशोधन वाला बिल (131वां) पास नहीं हो सका था.

    एनडीए बिल के पक्ष में दो तिहाई वोट हासिल करने में नाकाम रहा था.

    इसके बाद राहुल गांधी ने तमिलनाडु में एक जनसभा में कहा था, "वे महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए एक बिल पास करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उस बिल के पीछे एक बहुत ही ख़तरनाक इरादा छिपा था. वे भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रहे थे.''

    कांग्रेस पार्टी लगातार साल 2023 में पारित क़ानून के आधार पर महिलाओं को आरक्षण देने की मांग करती रही है.

  9. भारत-श्रीलंका टेस्ट: देवदत्त पडिक्कल ने जड़ा शतक, भारत मज़बूत स्थिति में

    देवदत्त पाडिकल बेहतरीन फ़ॉर्म में नज़र आ रहे हैं

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    इमेज कैप्शन, देवदत्त पडिक्कल बेहतरीन फ़ॉर्म में नज़र आ रहे हैं

    श्रीलंका के ख़िलाफ़ गॉल स्टेडियम में खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाज़ देवदत्त पडिक्कल शानदार शतक लगाया है.

    यह टेस्ट क्रिकेट में देवदत्त पडिक्कल का पहला शतक है.

    भारत इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी कर रहा है.

    ख़बर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने एक विकेट के नुक़सान पर 219 रन बना लिए हैं.

    भारत का पहले विकेट 47 रनों पर गिर गया था जब यशस्वी जायसवाल 32 रन बनाकर रन आउट हो गए.

    इसके बाद 77 के निजी स्कोर पर के एल राहुल भी रिटायर्ड हर्ट हो गए. लेकिन मैदान से बाहर होने से पहले उन्होंने देवदत्त के साथ मिलकर भारत की पारी को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया है.

    श्रीलंका के दौरे पर भारत की पुरुष टीम को दो टेस्ट मैच खेलने हैं.

  10. ट्रंप की चेतावनी- होर्मुज़ को अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर देंगे, ईरान ने दिया ये जवाब

    ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी

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    इमेज कैप्शन, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने कहा कि होर्मुज़ को कार्यकारी आदेश या चुनावी भाषण के ज़रिए क़ब्ज़े में नहीं लिया जा सकता

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क की एक रैली में कहा कि वो जल्द ही होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिका का क्षेत्र घोषित कर देंगे, इसे ईरान ने हास्यास्पद कहा है.

    ईरान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ट्रंप की टिप्पणी ईरानी संसद की ओर से होर्मुज़ पर नियंत्रण करने की योजना के जवाब में थी.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरानी विदेश मंत्रालय के संसदीय महानिदेशक हुसैन नौशाबादी ने सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए से कहा, "इस तरह के हास्यास्पद, बेतुके और विवादास्पद बयान केवल डोनाल्ड ट्रंप अपने देश के लोगों को ख़ुश करने के लिए देते हैं."

    नौशाबादी ने कहा, "ईरान और ओमान की ओर से शांति काल के लिए इस समुद्री मार्ग के प्रबंधन की व्यवस्था तैयार करने का नज़रिया ईरान की स्थिति को प्रभावी रूप से स्थिर करेगा, लेकिन ऐसा लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति एक रणनीतिक दुविधा में हैं और झूठे दावों से दुनिया का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं."

    ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर एक अस्थायी मार्ग के लिए ओमान के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के बावजूद, इस समझौते को अंतिम रूप देने का मतलब यह नहीं होगा कि ईरान इस समुद्री मार्ग को फिर से खोल देगा.

    ट्रंप ने कहा था, "ईरान को हराने के बाद, जो कि बुरी तरह हार चुका है बहुत जल्द ही हम होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषत कर रहे हैं. हमने वहां नाकेबंदी कर रखी है. हमारी अनुमति के बिना वहां से कोई जहाज़ नहीं गुज़र सकता."

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, शुक्रवार को न्यूयॉर्क में ट्रंप ने कहा कि वो ईरान को बुरी तरह पराजित कर चुके हैं

    इससे पहले ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा, "जब तक आप भ्रम में जीना जारी रखेंगे, ईरान नाकेबंदी जारी रखेगा."

    ग़रीबाबादी ने एक्स पर लिखा, "ट्रंप ने कहा है कि ईरान की हार के बाद वह जल्द ही होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे. होर्मुज़ को किसी ट्वीट, विमानवाहक पोत, कार्यकारी आदेश या चुनावी भाषण के ज़रिए क़ब्ज़े में नहीं लिया जा सकता. ईरान न तो धमकियों से डरता है और न ही ताक़त के प्रदर्शन से पीछे हटता है."

    भारत में ईरान के दूतावास ने एक्स पर अपने पोस्ट में ग़रीबाबादी के जवाब को शेयर करते हुए लिखा, "हक़ीक़त को एक बार, और हमेशा के लिए स्वीकार करें. अब तक आपको गंभीर और रणनीतिक हार का सामना करना पड़ा है. होर्मुज़ पहले भी ईरान का था, अब भी ईरान का है और आगे भी ईरान का रहेगा."

    "यह केवल ईरान के आदेश पर बंद है और ईरान के आदेश पर ही दोबारा खोला जाएगा. जब तक आप अपनी हार की हक़ीक़त को मानने से इनकार करते रहेंगे और भ्रम में रहेंगे, ईरान नाकेबंदी जारी रखेगा."

  11. इंडोनेशिया में भूकंप से कम से कम 38 लोगों की मौत, फ़रीदा सुशांती और हेलेन सुलीवन

    इंडोनेशिया में शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है

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    इमेज कैप्शन, इंडोनेशिया में शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है

    इंडोनेशिया में शनिवार तड़के 7.7 तीव्रता का भूकंप आने के बाद कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई है, देश की डिज़ास्टर मिटिगेशन एजेंसी ने कहा है.

    भूकंप प्रभावित इलाक़ों में खोज और बचाव अभियान शुरू होने के साथ ही आधिकारिक मृतकों की संख्या बढ़ रही है. भूकंप और उसके बाद आए दर्जनों झटकों से क्षेत्र की इमारतों को नुक़सान पहुंचा है.

    इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान और जियोफ़िज़िक्स एजेंसी ने बताया कि शनिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 05:00 बजे से कुछ पहले फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप आया. इसकी गहराई 15 किलोमीटर थी.

    भूकंप जितना कम गहराई पर आता है, सतह पर उसका असर उतना ही विनाशकारी होता है.

    इसी क्षेत्र में तेज झटके महसूस किए गए, जिनमें 6.1 तीव्रता का एक झटका भी शामिल था.

    मौमेरे बंदरगाह पर बनाए गए वीडियो में टर्मिनल की इमारत से कंक्रीट के बड़े टुकड़े यात्रियों के ऊपर गिरते दिखाई दिए, जो एक द्वीप से दूसरे द्वीप जाने वाली नौक़ा पर सवार होने का इंतज़ार कर रहे थे. जहाज़ तक जाने वाला रास्ता ढहने के बाद कुछ लोग समुद्र में गिर गए.

    पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के गवर्नर इमैनुएल मेल्कियाडेस लाका लेना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मलबा गिरने से लोग सोते समय मारे गए.

    पूर्वी नुसा तेंगारा के सिका में तट के पास स्थित गांव तालिबुरा में रहने वाले अर्नोल्ड वेलियंटो ने कहा कि "बहुत तेज झटकों" से उनकी नींद खुल गई. उन्होंने कहा, "मैं चौंककर उठा और तुरंत अपने बच्चे के कमरे में गया."

    उन्होंने बीबीसी को बताया कि कई लोग पहले ही पहाड़ियों की ओर भाग चुके थे.

    उन्होंने बताया, "कुछ अन्य निवासी सड़क किनारे खड़े थे क्योंकि समुद्र भी पीछे हट गया था. पानी काफ़ी समय तक निचले स्तर पर रहा, इसलिए सभी घबरा गए और भागने लगे. मैं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर गया और वहां के लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा चुका था."

  12. उमर अब्दुल्लाह ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर का ज़िक्र कर 1947 के फ़ैसले को बताया सही

    उमर अब्दुल्लाह

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    इमेज कैप्शन, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने लोकतंत्र और संघवाद को देश की दो सबसे बड़ी ताक़त बताया

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर(पीएके) के हालात का ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा कि 80 साल पहले देश के नेताओं ने जो फ़ैसला लिया था, वह सही था.

    उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि एलओसी के पार के मौजूदा हालात को देखकर उन्हें दुख, अफ़सोस और गहरी पीड़ा होती है. उन्होंने कहा कि अगर साल 2019 में हालात नहीं बदले जाते, तो शायद उस क्षेत्र के लोग आज भारत के साथ फिर से जुड़ने की मांग कर रहे होते.

    दरअसल 5 अगस्त 2019 को, भारत सरकार ने जम्मू -कश्मीर से अनुछेद 370 हटाकर जम्मू -कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म कर राज्य को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बाँट दिया था.

    उमर अब्दुल्लाह, "जम्मू-कश्मीर का वह हिस्सा हमारा है. हम वहां के लोगों को अपना समझते हैं. उनमें से कोई हमारे लिए अजनबी नहीं है और न ही कोई बाहरी है. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आज भी उनके लिए सीटें आरक्षित हैं, इस उम्मीद के साथ कि एक दिन वे उन सीटों का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे."

    उमर अब्दुल्लाह ने लोकतंत्र और संघवाद को देश की दो सबसे बड़ी ताक़त बताया.

    उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में लोकतंत्र की रक्षा करना, उसे मज़बूत करना और जीवित रखना देश की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है.

    उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि साथ ही, देश में संघवाद की रक्षा और उसे मज़बूत करना भी ऐसी ज़िम्मेदारी है, जिससे पीछे नहीं हटा जा सकता.

  13. अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.

  14. झारखंड प्रोटेस्ट: देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस पर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोकने का लगाया आरोप

    देवेंद्र नाथ महतो

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    इमेज कैप्शन, देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथियों के साथ मारपीट भी की

    झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने शनिवार को एक वीडियो शेयर करते हुए पुलिस पर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोकने का आरोप लगाया है.

    वीडियो में दिख रहा है कि महतो अस्पताल के कमरे से बाहर जाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है.

    देवेंद्र नाथ महतो ने एक्स पर पोस्ट कर दावा किया, "14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मेरे साथ आज पुलिस ने धक्का-मुक्की की और बलपूर्वक रोकने की कोशिश की."

    उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथियों के साथ मारपीट भी की.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "जयपाल सिंह स्टेडियम में झंडा फहराने जाते समय पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की के दौरान मेरे सीने में चोट लग गई. फ़िलहाल मेरा इलाज और मेडिकल जांच चल रही है."

    देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि कई दिनों से भूखे रहने के बावजूद वह अपने अधिकारों और लोगों की आवाज़ के लिए मज़बूती से खड़े हैं.

    उन्होंने कहा कि पुलिस इस तरह उन्हें रोककर उनकी आवाज़ को दबा नहीं सकती.

  15. ट्रंप ने कहा- होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करेंगे

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप दावा कर चुके हैं कि अमेरिका का स्ट्रेट पर पूरा नियंत्रण है, हालांकि ईरान ने इन दावों को खारिज किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा बड़ा बयान दिया है.

    न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान को पूरी तरह हराने के बाद वह जल्द ही रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज़ स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे.

    ट्रंप ने कहा कि ईरान इस समय "बहुत बुरी तरह हार रहा है" और युद्ध में जीत हासिल करने के बाद अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट को अपना क्षेत्र घोषित करेगा.

    इससे पहले भी ट्रंप दावा कर चुके हैं कि अमेरिका का स्ट्रेट पर पूरा नियंत्रण है. हालांकि ईरान ने इन दावों को ख़ारिज किया है.

    होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. इसके जरिए वैश्विक तेल आपूर्ति क़रीब 20 फ़ीसदी होती है.

    ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच इस रास्ते पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा बाज़ारों और ईंधन की क़ीमतों पर दबाव बढ़ा है.

    ट्रंप के बयान पर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है.

  16. राहुल गांधी लगातार दूसरी बार लाल क़िले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं आए, कांग्रेस ने दी ये प्रतिक्रिया

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी साल 2024 में शामिल हुए थे (फ़ाइल फ़ोटो)

    लाल क़िले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ग़ैर-मौजूदगी को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया दी है.

    एक पत्रकार ने उनसे कहा कि बीजेपी इसे स्वतंत्रता दिवस समारोह का अपमान बता रही है.

    इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को हर चीज़ में अपमान नज़र आता है.

    पवन खेड़ा ने कहा, “जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई या स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया, स्वतंत्रता दिवस पर कौन नहीं गया, इसमें उन्हें अपमान नज़र आ रहा है, कमाल है भाई."

    दरअसल, शनिवार को लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी नहीं आए. पिछले साल भी दोनों इस समारोह में शामिल नहीं हुए थे.

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी साल 2024 में नज़र आए थे. उस दौरान उनकी सीट को लेकर काफी चर्चा हुई थी.

  17. जयराम रमेश ने पीएम मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर क्या कहा?

    जयराम रमेश

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    इमेज कैप्शन, जयराम रमेश ने कहा, "प्रधानमंत्री पहले अपने विरोधियों को 'अर्बन नक्सल' कहते थे और अब उन्हें 'दिमागी नक्सल' कह रहे हैं."(फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री पर अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर सवाल उठाया.

    जयराम रमेश ने कहा, "प्रधानमंत्री पहले अपने विरोधियों को 'अर्बन नक्सल' कहते थे और अब उन्हें 'दिमागी नक्सल' कह रहे हैं."

    उन्होंने इसे प्रधानमंत्री की 'हताशा' का संकेत बताया.

    कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जिन लोगों को 'अर्बन नक्सल' या अब 'दिमागी नक्सल' कहते हैं, उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों या मांगों पर सरकार बाद में कदम उठाती है.

    जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए उनके लिए “मास्टर एब्यूज़र इन एंटायर पॉलिटिकल साइंस” जैसी टिप्पणी भी की.

    दरअसल लाल क़िले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “सालों तक माओवादी विचारधारा वाले लोगों ने सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बना ली थी और सरकारी समितियों में सलाहकार के तौर पर नीति-निर्धारण को भी प्रभावित किया. हमने जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का सफाया करने और देश को उस गंभीर ख़तरे से मुक्त कराने में सफलता हासिल की है."

    उन्होंने आगे कहा, "हथियारी नक्सल तो गए, लेकिन ये दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं."

    उन्होंने कहा, "हमें इन दिमागी नक्सलियों की पहचान करनी होगी और उन्हें अलग-थलग करना होगा."

  18. राहुल गांधी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर क्या संदेश दिया?

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए आज़ादी को एक ज़िम्मेदारी बताया (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया और आज़ादी को एक ज़िम्मेदारी बताया.

    राहुल गांधी ने कहा, "आज़ादी स्वतंत्रता सेनानियों की ओर से दिया गया सिर्फ़ एक तोहफा नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी भी है. यह ज़िम्मेदारी है सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की, संविधान और तिरंगे के मूल्यों को अपने दिल में रखने की और हर हाल में लोकतंत्र की रक्षा करने की."

    उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि देशवासी, खासकर युवा, इन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हैं.

  19. इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सूनामी की आशंका

    इंडोनेशिया

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    इमेज कैप्शन, भूकंप के बाद कई तेज़ आफ्टरशॉक्स भी आए, जिनमें एक की तीव्रता 6.1 थी

    इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में शनिवार तड़के 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई.

    ईस्ट नुसा तेंगारा प्रांत के गवर्नर इमैनुएल मेल्कियादेस लाका लेना ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान बताया कि मलबा गिरने से लोग अपने घरों में सोते समय दब गए.

    भूकंप के बाद कई और झटके महसूस किए गए. भूकंप से क्षतिग्रस्त इमारतों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव टीमें काम कर रही हैं.

    भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी, लेकिन करीब तीन घंटे बाद इसे हटा लिया गया.

    इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 5 बजे फ्लोरेस द्वीप पर आया. इसकी गहराई 15 किलोमीटर थी. यह इलाक़ा बाली से करीब 600 मील यानी 1,000 किलोमीटर दूर है.

    भूकंप के बाद कई तेज़ आफ्टरशॉक्स भी आए, जिनमें एक की तीव्रता 6.1 थी.

  20. भारत के स्वतंत्रता दिवस पर इसराइल ने कहा- 'हमें अपनी दोस्ती पर गर्व है'

    रूवेन अज़ार

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    इमेज कैप्शन, इसराइली राजदूत रूवेन अज़ार (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत में इसराइल के दूतावास ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं.

    दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा कर भारत की स्वतंत्रता, लोकतंत्र और बहुलतावाद की यात्रा की सराहना की.

    दूतावास ने भारत की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की.

    अपने संदेश में दूतावास ने भारत और इसराइल के बीच बढ़ती साझेदारी का भी उल्लेख किया.

    उसने कहा कि दोनों देशों के बीच मज़बूत होते संबंध गहरी दोस्ती और बेहतर भविष्य के लिए साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.

    इसराइली राजदूत रूवेन अज़ार ने एक्स पोस्ट कर लिखा कहा, "आज हम भारत का स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं. भले ही भारत और इसराइल आकार में अलग-अलग हों, लेकिन हमारी प्राचीन विरासत और राष्ट्रीय पुनरुत्थान समान हैं. हमें अपनी दोस्ती पर गर्व है और हम अपनी साझेदारी को और मज़बूत करते रहेंगे."