ईरान का आरोप- क़तर ने तीन ईरानी पायलटों को बंधक बनाया

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ईरान के सशस्त्र बलों की लापता लोगों की तलाश करने वाली कमेटी ने कहा कि तीन ईरानी पायलट क़तर में बंदी हैं. कमेटी के कमांडर ने रेड क्रॉस से उनकी स्थिति स्पष्ट करने में मदद करने का अनुरोध किया है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बग़रज़ादेह ने इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस की प्रमुख मारियाना स्पोलियारिक को इस मुद्दे पर एक पत्र लिखा है.
इसमें कहा गया है, "दो एसयू-24 लड़ाकू विमान क़तर में एक दुश्मन सैन्य अड्डे की ओर एक मिशन को अंजाम देने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन वापसी के दौरान दुश्मन के डिफ़ेंस सिस्टम के हमले के बाद पायलटों को विमान से बाहर निकलना पड़ा."
इस पत्र को ईरानी मीडिया ने प्रकाशित किया है.
ब्रिगेडियर जनरल बग़रज़ादेह के अनुसार, "इस घटना में शामिल तीन पायलटों को क़तर की सेना ने जिंदा पकड़ लिया."
उन्होंने पायलटों के नाम जवाद सालेही, अब्दुल मजीद दश्तियन और इमरान बहरोशियन बताए.
ब्रिगेडियर जनरल बग़रज़ादेह ने पत्र में लिखा, "क़तर सरकार ने इन क़ैदियों के अधिकारों का उल्लंघन किया है, जो सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों के विपरीत है. जिसमें युद्धबंदियों के अधिकारों से जुड़ा जेनेवा कन्वेंशन भी शामिल हैं."
उन्होंने लिखा, "छह महीने गुज़र जाने के बाद सभी राजनयिक प्रयासों के बावजूद, क़ैदियों को अपने परिवारों और निगरानी कर रहे अधिकारियों से मिलने, बातचीत करने और संपर्क करने की अनुमति नहीं दी है."





























