पोप लियो ने कहा है कि उन्हें ट्रंप प्रशासन से "कोई डर नहीं है" और वह युद्ध के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ उठाना जारी रखेंगे
फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ़्रांस और यूके "आने वाले दिनों" में एक कॉन्फ़्रेंस का आयोजन करेंगे, जिसका मक़सद "स्ट्रेट में नैविगेशन की स्वतंत्रता बहाल करना" है
डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद पोप लियो बोले, 'मुझे कोई डर नहीं', रॉबर्ट ग्रीनॉल
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इमेज कैप्शन, पोप लियो ने कहा कि वह ट्रंप के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहते, लेकिन शांति को बढ़ावा देना जारी रखेंगे
पोप लियो ने कहा है कि उन्हें ट्रंप
प्रशासन से "कोई डर नहीं है" और वह युद्ध के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ उठाना
जारी रखेंगे.
यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संघर्ष पर पोप लियो के रुख़ को लेकर असामान्य और
तीखी प्रतिक्रिया दी थी.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक
पोस्ट में पोप को " विदेश नीति के लिए
ख़राब" बताया था. बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह "उनके बड़े
प्रशंसक नहीं हैं."
ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई जब
पोप 11 दिनों की अफ़्रीका यात्रा पर निकले हैं. पिछले साल पोप चुने जाने के बाद यह
उनकी दूसरी बड़ी विदेश यात्रा है.
वहीं अल्जीरिया जाते समय पोप ने
पत्रकारों से कहा कि वह ट्रंप के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहते, लेकिन शांति को बढ़ावा देना जारी रखेंगे.
वह ईरान युद्ध के मुखर आलोचक रहे
हैं. उन्होंने ट्रंप की ओर से ईरानी सभ्यता को नष्ट करने की धमकी को
"अस्वीकार्य" बताया और संघर्ष ख़त्म करने के लिए "रास्ता
निकालने" की अपील की.
आम तौर पर किसी पोप की नेताओं के
बयानों पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं आती है.
अमेरिका में 7 करोड़ से ज़्यादा
कैथोलिक हैं, जो कुल आबादी का लगभग 20 फ़ीसदी हैं.
इनमें अमेरिका उप राष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल हैं.
स्टार्मर बोले, होर्मुज़ स्ट्रेट पर होने वाले सम्मेलन में दर्जनों देश होंगे शामिल
इमेज कैप्शन, स्टार्मर ने होर्मुज़ स्ट्रेट को "लगातार जारी संकट" बताया है
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर
स्टार्मर ने देश की संसद को संबोधित करते हुए कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट पर होने
वाली समिट में दर्जनों देश शामिल होंगे.
उन्होंने कहा कि इस हफ़्ते के अंत
में इस अहम जलमार्ग की स्थिति पर दर्जनों देश एक सम्मेलन में शामिल होंगे.
इस सम्मेलन में संघर्ष को बातचीत के
ज़रिए ख़त्म करने और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कूटनीतिक प्रयासों
पर चर्चा होगी. साथ ही इसमें "शिपिंग सुनिश्चित करने" के लिए सैन्य
योजना पर भी चर्चा होगी.
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के
बीच युद्धविराम समझौता "निस्संदेह स्वागत योग्य" है, लेकिन इसकी शर्तों में लेबनान को भी शामिल किया
जाना चाहिए.
स्टार्मर ने होर्मुज़ स्ट्रेट को
"लगातार जारी संकट" बताया और कहा कि इसका ईरान ने "शर्मनाक तरीक़े
से इस्तेमाल" किया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे बिना कोई तनाव बढ़े
बातचीत जारी रहे.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान
के व्यवहार का असर भारी आर्थिक नुक़सान के रूप में दिख रहा है, जो "देश के हर पेट्रोल पंप" पर नज़र आ
रहा है.
ओमान की खाड़ी के पास अमेरिकी एयरक्राफ़्ट कैरियर और दो डेस्ट्रॉयर देखे गए, बारबरा मेट्ज़लर, बीबीसी वेरिफ़ाई
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इमेज कैप्शन, यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर ओमान की खाड़ी में दिखा (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के
बयान के मुताबिक़, ईरान से जुड़े जहाज़ों पर नाकाबंदी
सोमवार शाम 07:30 बजे (भारतीय समयानुसार) से लागू हो गई है.
इससे पहले बीबीसी वैरिफ़ाई ने
मध्य-पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों की लोकेशन जानने के लिए
सैटेलाइट तस्वीरों की जांच की.
शनिवार की सैटेलाइट तस्वीरों में
यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर ओमान की खाड़ी के पूर्वी किनारे पर दिखा.
इसकी लोकेशन ईरानी तट से लगभग 200 किलोमीटर (124 मील) दक्षिण में मिली.
ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल का
युद्ध शुरू होने के बाद से यह पहली बार है जब परमाणु ऊर्जा से संचालित इस युद्धपोत
को खाड़ी के इतने क़रीब देखा गया है.
सैटेलाइट तस्वीरों में पास में मौजूद
दो अन्य युद्धपोत, उनके आकार और बनावट में अमेरिकी
नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर जहाज़ों से मेल खाते हैं.
संभावना है कि ये यूएसएस अब्राहम
लिंकन के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा हों, लेकिन तस्वीरों में दिख रहे इन जहाज़ों की सटीक पहचान नहीं की जा सकी
है.
महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक पर कांग्रेस ने उठाए ये सवाल
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस का कहना है कि परिसीमन राजनीतिक रूप से भी न्यायसंगत होना चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)
केंद्र सरकार ने विधायिका में महिला
आरक्षण से जुड़े विधेयकों को पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया है.
कांग्रेस ने इसको लेकर सरकार पर निशाना साधा है.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत
ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में 'गलत परिसीमन करना चाहती है और जातिगत जनगणना से
बचना चाहती' है.
सुप्रिया श्रीनेत ने पूर्व कांग्रेस
अध्यक्ष सोनिया गांधी के एक लेख का हवाला देते हुए कहा कि परिसीमन राजनीतिक रूप से
भी न्यायसंगत होना चाहिए, यह सिर्फ़ आंकड़ों के आधार पर नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा, "मोदी सरकार जनगणना के आंकड़ों के बिना जो परिसीमन
करने जा रही है. यह ग़लत तरीक़ा है. इससे उत्तर और दक्षिण राज्यों के बीच विभाजन भी
पैदा होगा."
कांग्रेस ने सवाल किया है कि 'बिना जनगणना के आंकड़ों के परिसीमन कैसे किया
जाएगा और एससी-एसटी आरक्षित सीटों का निर्धारण कैसे होगा?'
भारत में आख़िरी जनगणना साल 2011 में
हुई थी. इसके बाद 2021 में जनगणना होनी थी, लेकिन कोविड के कारण इसे टाल दिया गया था. अब वित्त वर्ष 2026-27 में जनगणना होनी है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा,
"सोनिया गांधी ने अपने लेख में साफ़
लिखा है कि महिला आरक्षण तो मुद्दा ही नहीं है, वह पहले ही संसद में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है; असली
मुद्दा परिसीमन है."
सोमवार को ही महिलाओं के आरक्षण और
परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लेकर देश की 262 हस्तियों ने एक संयुक्त पत्र लिखकर
चिंता जताई.
इस पत्र के ज़रिए प्रस्तावित
विधेयकों के मसौदे को लेकर केंद्र सरकार पर 'पूरी तरह पारदर्शिता की कमी' के आरोप
लगाए गए हैं और मांग की है कि सरकार इन प्रस्तावित विधेयकों के मसौदे को सार्वजनिक
किए जाएं और इस पर चर्चा हो.
वहीं सरकार का कहना है कि ये विधेयक 'भविष्य के संकल्पों को पूरा' करेंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, महिला आरक्षण विधेयक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि संसद "नया इतिहास रचने" के क़रीब है.
उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में कहा कि इस क़ानून के लागू होने से अतीत के सपनों को साकार किया जाएगा और भविष्य के संकल्प पूरे होंगे.
ईरान के राजदूत ने होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले भारतीय जहाज़ों पर टोल के बारे में दिया बयान
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इमेज कैप्शन, ईरानी राजदूत ने कहा कि ईरान भारतीय जहाज़ों के लिए 'अच्छी तैयारी' करना चाहता है
भारत में ईरान के राजदूत ने होर्मुज़
स्ट्रेट से भारतीय जहाज़ों के गुज़रने और उन पर टोल टैक्स लगाए जाने से जुड़े सवाल
के जवाब में भारत को ईरान के पांच मित्र देशों में से एक बताया है.
ईरानी राजदूत डॉ मोहम्मद फ़थाली ने कहा, "भारत सरकार के साथ हमारे अच्छे संबंध
हैं. हम भारतीय जहाज़ों के लिए अच्छी तैयारी करना चाहते हैं."
उन्होंने कहा, "आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और
हमारे राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के बीच दो बात फ़ोन पर बात हुई है और हमारे
विदेश मंत्रियों के बीच चार से पांच बार बात हुई है."
"हमारे बीच अच्छे संपर्क हैं क्योंकि
आप जानते हैं कि हमारे विदेश मंत्री ने भारत को उन पांच देशों में गिना है,
जो हमारे दोस्त हैं."
ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते से
गुज़रने वाल जहाज़ों से टोल वसूल रहा है. अमेरिका ने इसका विरोध किया है और
स्ट्रेट की नाकाबंदी की बात कही है.
होर्मुज़ स्ट्रेट में अमेरिकी नाकाबंदी तोड़ने वाले जहाज़ों के लिए अमेरिका ने दिए ये निर्देश- रॉयटर्स
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी नाकाबंदी भारतीय समयानुसार सोमवार शाम 07:30 बजे शुरू होगी (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिकी सेना होर्मुज़ स्ट्रेट के
पूर्व में ओमान की खाड़ी और अरब सागर में नाकाबंदी लागू करने जा रही है.
रॉयटर्स समाचार एजेंसी के मुताबिक़, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने अपने कर्मचारियों को भेजे एक नोट में कहा है
कि यह नाकाबंदी सभी जहाज़ों पर लागू होगी, चाहे
उनका झंडा किसी भी देश का हो.
नोट में सेंटकॉम ने चेतावनी दी है कि
"नाकाबंदी वाले क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले
जहाज़ों को रोका जा सकता है, उनका
रास्ता बदला जा सकता है और उन्हें क़ब्ज़े में लिया जा सकता है."
नोट के मुताबिक़ यह नाकाबंदी 14:00
जीएमटी (भारतीय समयानुसार शाम 07:30 बजे) से शुरू होगी.
इसमें यह भी कहा गया है कि
"होर्मुज़ स्ट्रेट से ईरान के अलावा दूसरी जगहों की ओर आने-जाने वाले जहाज़ों
की आवाजाही में बाधा नहीं डाली जाएगी."
रॉयटर्स ने यह भी कहा है कि यह
नाकाबंदी "पूरे ईरानी समुद्री तट" को कवर करेगी. इसमें ईरानी बंदरगाह और
तेल टर्मिनल शामिल हैं, लेकिन सिर्फ़ इन्हीं तक सीमित नहीं
है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि
भोजन और चिकित्सा सामग्री जैसी मानवीय सहायता वाले जहाज़ों को जाँच के बाद
आने-जाने की अनुमति दी जाएगी.
कार्टून: थोड़ी गड़बड़ हो गई
इमेज कैप्शन, नोएडा में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों के प्रदर्शन पर आज का कार्टून
महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक के विरोध में देश की 262 हस्तियों ने लिखा पत्र
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इमेज कैप्शन, संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग काफ़ी समय से हो रही है (फ़ाइल फ़ोटो)
संसद के आगामी विशेष सत्र में
विधायिका में महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लेकर देश की 262
हस्तियों ने एक संयुक्त पत्र लिखकर चिंता जताई है.
इस पत्र के ज़रिए प्रस्तावित
विधेयकों के मसौदे को लेकर केंद्र सरकार पर 'पूरी तरह पारदर्शिता की कमी' के आरोप
लगाए गए हैं और मांग की है कि सरकार इन प्रस्तावित विधेयकों के मसौदे को 'सार्वजनिक करे.'
इन हस्तियों ने यह भी आरोप लगाया कि
देश के नागरिकों को प्रस्तावित विधेयकों के मसौदे, इनके प्रभाव और इसको लाने के पीछे के कारणों के बारे में 'पूरी तरह अंधेरे में रखा गया.'
जिन हस्तियों ने यह पत्र लिखा है, उनमें कई एक्टिविस्ट, पूर्व आईएएस, प्रोफ़ेसर, पूर्व राजनयिक, लेखक, वकील और संगठन शामिल हैं.
पत्र में कहा गया, "ये क़ानून भारत की चुनावी लोकतांत्रिक व्यवस्था
को बुनियादी रूप से बदल देंगे और देश के हर मतदाता को प्रभावित करेंगे."
इसके साथ ही इन 262 हस्तियों ने
केंद्र सरकार के सामने दो मांगें रखी हैं: पहली प्रस्तावित विधेयकों के मसौदे को
सार्वजनिक करना और दूसरी इन पर व्यापक सार्वजनिक परामर्श कराना.
बयान में कहा गया, "केंद्र सरकार की ओर से 2014 में अपनाई गई
प्री-लेजिस्लेटिव कंसल्टेशन पॉलिसी के तहत यह अनिवार्य है कि मसौदा विधेयकों को कम
से कम 30 दिनों के लिए सार्वजनिक किया जाए, आम लोगों से सुझाव मांगे जाएं और मिले फीडबैक का सार संबंधित मंत्रालय
की वेबसाइट पर कैबिनेट की मंज़ूरी से पहले उपलब्ध कराया जाए."
हालांकि, इस हस्तियों ने महिला आरक्षण का समर्थन किया है.
उन्होंने कहा, "हम विधायिका में महिलाओं के आरक्षण का पूरा
समर्थन करते हैं और हममें से कई लोग इसके लिए लंबे समय से चल रहे अभियानों का
हिस्सा रहे हैं. लेकिन गुपचुप और अलोकतांत्रिक तरीके से इन प्रस्तावित विधेयकों को
लाया जा रहा है, उसका हम कड़ा विरोध करते हैं."
"यह एक बड़ा विरोधाभास है और
लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर अन्याय है कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए
विधेयक लाए जाएं, लेकिन उसी प्रक्रिया से महिलाओं को
बाहर रखा जाए."
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इमेज कैप्शन, केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल 2026 तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है (फ़ाइल फ़ोटो)
संसद का विशेष सत्र
केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल 2026 तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इस सत्र के दौरान सरकार कुछ विधेयक पेश कर सकती है.
इनमें महिला आरक्षण अधिनियम (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में संशोधन, एक परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेशों तक इस कोटे को बढ़ाने के लिए एक अलग विधेयक शामिल है.
रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इन मसौदा विधेयकों में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों में एक समान 50% बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी शामिल है, जिससे लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 816 और कुल विधानसभा सीटें 4,123 से बढ़कर 6,186 हो जाएंगी.
होर्मुज़ स्ट्रेट की अमेरिकी नाकाबंदी शुरू होने में एक घंटे से भी कम समय बाक़ी, ईरान ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते दुनिया का 20 फ़ीसदी ऊर्जा व्यापार होता है (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर
नाकाबंदी लागू करने की चेतावनी दी है, जो अगले
कुछ घंटों में यानी भारतीय समयानुसार सोमवार शाम 07:30 बजे से शुरू हो सकती है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) का
कहना है कि यह नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले
सभी देशों के जहाज़ों पर लागू होगी. इसमें ईरान के भीतर के बंदरगाह और खाड़ी और
ओमान की खाड़ी के बंदरगाह शामिल हैं.
हालांकि, अमेरिका का कहना है कि वह "गैर-ईरानी बंदरगाहों के लिए आने-जाने
वाले जहाज़ों की आवाजाही की स्वतंत्रता" को नहीं रोकेगा.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की
संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ़ ने कहा है कि ईरान धमकियों के आगे नहीं
झुकेगा. उन्होंने कहा, "अगर वे
लड़ेंगे, तो हम भी लड़ेंगे."
वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स
कोर ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट के क़रीब आने वाले सैन्य जहाज़ों के साथ
"सख़्ती से निपटा जाएगा".
होर्मुज़ स्ट्रेट की अमेरिकी नाकाबंदी का इसराइल ने किया समर्थन, नेतन्याहू क्या बोले?
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इमेज कैप्शन, नेतन्याहू का कहना है कि पाकिस्तान से रवाना होने के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उनसे फ़ोन पर बात की थी (फ़ाइल फ़ोटो)
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन
नेतन्याहू ने कहा है कि इसराइल ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी का
समर्थन करता है.
कैबिनेट को संबोधित एक वीडियो संदेश
में इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा, "राष्ट्रपति
ट्रंप ने उनके ख़िलाफ़ नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने का फ़ैसला किया है. हम निश्चित
रूप से इस सख़्त रुख़ का समर्थन करते हैं."
उन्होंने यह भी कहा कि रविवार को
ईरान के साथ बातचीत के बाद उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बात की.
इसराइली प्रधानमंत्री के वीडियो
संदेश के मुताबिक़, वेंस ने नेतन्याहू से कहा,
"मुख्य मुद्दा सभी संवर्धन (परमाणु)
सामग्री को हटाना और यह सुनिश्चित करना है कि आगे कोई संवर्धन न हो."
नेतन्याहू ने कहा कि वेंस ने
पाकिस्तान से लौटते समय अपने विमान से उन्हें फ़ोन किया और ईरान के साथ चल रही
बातचीत की प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी.
इसराइली प्रधानमंत्री ने यह भी कहा
कि अमेरिका और इसराइल के बीच किसी तरह के मतभेद की बात "पूरी तरह ग़लत"
है.
पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली ने आशा भोसले को याद करते हुए क्या कहा
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इमेज कैप्शन, ब्रेट ली और आशा भोसले ने एकसाथ गाना गाया था
मशहूर सिंगर आशा भोसले के निधन पर
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर ब्रेट ली ने उन्हें याद करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट
किया है.
उन्होंने आशा भोसले के साथ अपनी एक तस्वीर
साझा करते हुए लिखा, "मुझे
2006 में आशा भोसले के साथ 'यू आर द
वन फ़ॉर मी' लिखने और रिकॉर्ड करने का मौक़ा मिला
था. इसके लिए मैं हमेशा बेहद आभारी रहूंगा."
ब्रेट ली ने कहा, "मेरे साथ जो सबसे ज़्यादा रहा, वह सिर्फ़ उनकी असाधारण प्रतिभा नहीं थी, बल्कि उनका विनम्र और स्नेही स्वभाव भी था.
उन्होंने अपनी ज़िंदगी में इतनी उपलब्धियां हासिल की थीं, फिर भी वह बेहद गर्मजोशी और उदारता के साथ पेश आती थीं."
साथ ही ब्रेट ली ने कहा कि वह आशा
भोसले के साथ काम करने के लिए खु़द को बहुत 'सौभाग्यशाली'
मानते हैं.
उन्होंने लिखा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनकी विरासत आने वाली
पीढ़ियों तक ज़िंदा रहेगी."
ब्रेकिंग न्यूज़, आशा भोसले का राजकीय सम्मान के साथ मुंबई में हुआ अंतिम संस्कार
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इमेज कैप्शन, आशा भोसले की अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ हुई (फ़ाइल फ़ोटो)
मशहूर सिंगर आशा भोसले का अंतिम
संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क में हुआ. उनकी अंतिम यात्रा में हज़ारों
लोगों की भीड़ उमड़ी.
उन्हें राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई.
आशा भोसले के पार्थिव शरीर को एक
सफ़ेद और पीले फूलों से सजे वाहन में शिवाजी पार्क ले जाया गया. उनकी अंतिम यात्रा
के दौरान लोग भावुक दिखे.
आशा भोसले का रविवार सुबह निधन हो गया था.
उन्हें कार्डियक अरेस्ट के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया
था.
राहुल गांधी ने पवन खेड़ा मामले में असम के सीएम हिमंत की आलोचना की
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा कि 'कांग्रेस पार्टी पवन खेड़ा के साथ खड़ी है' (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी
ने एक बार फिर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की आलोचना करते हुए, उन्हें 'सबसे भ्रष्ट' बताया है.
साथ ही उन्होंने पवन खेड़ा से जुड़े
मामले का ज़िक्र किया और कहा कि 'कांग्रेस
पार्टी पवन खेड़ा के साथ खड़ी है' और वे 'डरने वाले नहीं हैं.'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "असम के मौजूदा मुख्यमंत्री देश के
सबसे भ्रष्ट हैं. वह क़ानून से बच नहीं पाएंगे. अपने राजनीतिक विरोधियों और
आलोचकों को परेशान करने के लिए सत्ता का उनका दुरुपयोग संविधान के ख़िलाफ़
है."
उन्होंने कहा, "जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनकी जाँच होनी चाहिए. पारदर्शिता, सत्ता की जवाबदेही और क़ानून का राज हमारे संवैधानिक मूल्यों की
बुनियाद हैं."
बीते दिनों कांग्रेस नेता पवन खेड़ा
ने हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर तीन पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था. इसके बाद
हिमंत की पत्नी की शिकायत के आधार पर असम पुलिस ने पवन खेड़ा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर
दायर की थी.
इस मामले में अग्रिम ज़मानत के लिए
पवन खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. हाई कोर्ट ने उन्हें एक
हफ़्ते की अग्रिम ज़मानत दी थी.
मैक्रों ने कहा, होर्मुज़ स्ट्रेट के मुद्दे पर फ़्रांस और ब्रिटेन कॉन्फ़्रेंस करेंगे
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फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल
मैक्रों ने कहा है कि फ़्रांस और यूके "आने वाले दिनों" में एक
कॉन्फ़्रेंस का आयोजन करेंगे, जिसका
मक़सद "स्ट्रेट में नैविगेशन की स्वतंत्रता बहाल करना" है.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन उन देशों के साथ मिलकर आयोजित किया जाएगा, जो "स्ट्रेट में नैविगेशन की स्वतंत्रता
बहाल करने के लिए शांतिपूर्ण बहुराष्ट्रीय मिशन" में योगदान देने के लिए
तैयार हैं.
उन्होंने आगे कहा, "यह पूरी तरह डिफ़ेंसिव मिशन है, जो संघर्ष में शामिल पक्षों से अलग होगा और इसे
परिस्थितियां अनुकूल होते ही जल्द से जल्द लागू करने का इरादा है."
अमेरिकी नाकाबंदी की घोषणा के बाद से चार जहाज़ों ने होर्मुज़ पार किया, श्रुति मेनन, बीबीसी वेरिफ़ाई
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इमेज कैप्शन, चारों जहाज़ों की पहचान टैंकर के रूप में हुई है (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की
ओर से "ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और वहाँ से निकलने वाले सभी समुद्री
यातायात" पर नाकाबंदी की घोषणा किए जाने के बाद से बीबीसी वेरिफ़ाई होर्मुज़
स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाज़ों पर नज़र बनाए हुए है.
सेंटकॉम ने बीती रात अपना बयान जारी
किया था. इसके बाद से अब तक होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करते हुए चार जहाज़ों की
पहचान की गई है. यह जानकारी मरीनट्रैफ़िक के ट्रैकिंग डेटा पर आधारित है.
इन सभी जहाज़ों की पहचान टैंकर के
रूप में हुई है, जो तेल, गैस या रसायन लेकर जा रहे हैं. हालांकि, इन जहाज़ों का ईरान से किसी भी तरह के संबंध होने का पता नहीं चला है
और न ही इनमें से किसी को ईरानी बंदरगाहों की ओर जाते या वहाँ से आते हुए पहचाना
जा सका है.
हालांकि, बीबीसी वेरिफ़ाई इन जहाज़ों की ओर से जारी किए गए डेटा पर निर्भर है
और इन चारों में से किसी ने भी अपने ओरिजिन यानी जहाँ से ये जहाज़ निकले हैं, उनके रूप में किसी ईरानी बंदरगाह की जानकारी नहीं
दी है.
सेंटकॉम ने पहले यह भी बताया था कि
दो डेस्ट्रॉयर यूएसएस फ़्रैंक ई पीटरसन जूनियर और यूएसएस माइकल मर्फ़ी क्षेत्र में
मौजूद हैं. ये जहाज़ "ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर की ओर से
पहले बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने" के मिशन का हिस्सा हैं.
स्टार्मर बोले, ब्रिटेन ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी का समर्थन नहीं कर रहा
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इमेज कैप्शन, ब्रिटिश नौसैनिक जहाज़ और सैनिक ईरानी बंदरगाहों को रोकने के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे (तस्वीर: किएर स्टार्मर)
ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर
ने कहा है कि ब्रिटेन "ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का समर्थन नहीं कर रहा
है."
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन का फ़ोकस
होर्मुज़ स्ट्रेट को खुलवाने पर है, क्योंकि
यही एक तरीक़ा है जिससे "ऊर्जा की क़ीमतों को जल्द से जल्द कम कर सकते
हैं."
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूके में ऊर्जा बिल पर पड़ने वाले असर के लिए
व्यक्तिगत रूप से ज़िम्मेदार मानते हैं, तो
स्टार्मर ने इसका सीधा जवाब नहीं दिया.
उन्होंने कहा कि "सबसे अहम
काम" जो वह कर सकते हैं, वो है
देशों को एक साथ लाना, जिससे कि तनाव कम करने और स्ट्रेट को
खोलने की अपील की जा सके.
उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र
में आवाजाही पर पाबंदी ईरान की वजह से हुई है और यूके इस युद्ध में नहीं शामिल
होने जा रहा है.
बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक़, ब्रिटिश नौसैनिक जहाज़ और सैनिक ईरानी बंदरगाहों को रोकने के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे. लेकिन यूके के माइंसवीपर और एंटी-ड्रोन क्षमता क्षेत्र में काम करते रहेंगे.
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ताज़ा धमकी दी है कि अब अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले हर एक जहाज़ की नाकाबंदी करेगा.
ट्रंप ने यह धमकी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद दी, जो बेनतीजा रही थी.
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ईरान की सेना ने डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर दी ये प्रतिक्रिया
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इमेज कैप्शन, ईरान ने साफ़ किया कि दुश्मन से जुड़े जहाज़ों को ईरानी समुद्री सीमा से गुज़रने का अधिकार नहीं है (तस्वीर 2025 में आर्मी डे के मौके पर ली गई थी)
ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों को रोकने की कोशिश करता है तो वह जवाबी कार्रवाई करेगी.
ईरान ने कहा है कि अमेरिका की धमकियां 'ग़ैरक़ानूनी' हैं और यह 'समुद्री डकैती' जैसी हरकत है.
न्यूज़ एजेंसी आईआरआईबी में जारी बयान में ईरान ने कहा कि वह युद्ध ख़त्म होने के बाद भी होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा.
ईरान ने साफ़ किया कि दुश्मन से जुड़े जहाज़ों को ईरानी समुद्री सीमा से गुज़रने का अधिकार नहीं है.
खाड़ी देशों को चेतावनी देते हुए ईरान की सेना ने कहा, "क्षेत्र के बंदरगाहों की सुरक्षा या तो सबके लिए होगी या किसी के लिए नहीं."
"अगर अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया तो फ़ारस की खाड़ी और ओमान सागर का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा."
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अब अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले ज़हाजों की नाकेबंदी करेगा.
इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं के संसद तक पहुंचने का रास्ता आसान बनने जा रहा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर कहा है कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के क़रीब है.
पीएम मोदी ने सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' कार्यक्रम में संबोधन दिया.
पीएम मोदी ने कहा, "राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय 16, 17, 18 अप्रैल है. 2023 में नई संसद में हमने नारीशक्ति वंदन अधिनियम के रूप प्रथम क़दम उठाया था."
"वह समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मज़बूती दे, इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है."
उन्होंने कहा, "मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि 21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक महत्वपूर्ण निर्णय ये है."
पीएम मोदी ने कहा, "संसद तक पहुंचने का रास्ता आसान बनने जा रहा है. आज महिलाओं की भूमिका और अहम हो गई है. हमारी योजनाओं से औरतें आर्थिक रूप से ताक़तवर बनीं."