अमेरिका का दावा- भारत समेत 40 से ज़्यादा देशों ने चीन को टैरिफ़ से बचाने में मदद की, ऑसमंड चिया, बिज़नेस रिपोर्टर

इमेज स्रोत, Getty Images
व्हाइट हाउस ने गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत समेत 40 से ज़्यादा देशों ने चीन को अमेरिकी टैरिफ से बचने में मदद की, जिसके लिए चीनी सामान को ऐसे देशों के रास्ते अमेरिका भेजा गया जहां आयात शुल्क कम है.
रिपोर्ट में कनाडा, भारत, मेक्सिको, जापान और दक्षिण कोरिया समेत कई देशों का नाम लिया गया है.
व्हाइट हाउस के मुताबिक, इन देशों के जरिए चीन ने अरबों डॉलर के अमेरिकी टैरिफ से बचने की कोशिश की.
अमेरिका के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने कहा कि इस व्यवस्था की वजह से "अमेरिकी नौकरियों और अरबों डॉलर के राजस्व का नुक़सान हुआ."
वहीं, वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने बीबीसी के सवालों के जवाब में अमेरिकी आरोपों पर कहा कि "ट्रेड वॉर में किसी की जीत नहीं होती."
उन्होंने अमेरिका के टैरिफ उपायों और चीनी कंपनियों को निशाना बनाने के लिए सरकारी ताकत के इस्तेमाल का विरोध किया.
चीनी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ट्रांसशिपमेंट के जरिए भेजे जाने वाले सामान को लेकर किसी भी एकतरफा कार्रवाई या समझौते में तीसरे देशों के हितों को नुक़सान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए.
बीबीसी ने रिपोर्ट में शामिल भारत, कनाडा, मेक्सिको, जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के दूतावासों से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी है.
यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ और प्रतिबंधों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वॉशिंगटन में मुलाक़ात भी होने वाली है.
व्हाइट हाउस ने सरकारी और निजी क्षेत्र के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि करीब 30 अरब डॉलर से लेकर 300 अरब डॉलर तक का सामान ज़्यादा टैरिफ़ वाले देशों से कम टैरिफ वाले देशों के रास्ते अमेरिका पहुंचाया गया.























