लाइव, पैकेज्ड फूड पर चेतावनी को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एफ़एसएसएआई से पूछा- आदेश क्यों नहीं माना?
सुप्रीम कोर्ट ने ज़्यादा शुगर, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल लगाने में एफ़एसएसएआई की कथित हिचकिचाहट पर गुरुवार को कड़ी नाराज़गी जताई.
पूर्वी जापान में रिकॉर्ड बारिश से तबाही, चार लोगों की मौत; हज़ोरों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे
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इमेज कैप्शन, गुरुवार को भारी बारिश के कारण चीबा मेट्रो स्टेशन के शॉपिंग मॉल में फँसे यात्री फ़र्श पर आराम करते दिखे
जापान के चिबा प्रांत में रिकॉर्ड बारिश के चलते चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि हज़ारों यात्री टोक्यो के नारिता एयरपोर्ट पर रातभर फंसे रहे.
राजधानी टोक्यो के पास स्थित चिबा में गुरुवार दोपहर से हर घंटे 100 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है. अधिकारियों के मुताबिक, यह अगस्त में होने वाली औसत बारिश से करीब तीन गुना ज़्यादा है और देश में अब तक दर्ज की गई सबसे ज़्यादा बारिश है.
मूसलाधार बारिश के कारण ट्रेन, बस और टैक्सी सेवाएं ठप हो गईं. वहीं, चिबा में 20 हज़ार से ज़्यादा घरों की बिजली भी गुल हो गई.
हालात को देखते हुए राहत और बचाव अभियान जारी है. अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
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इमेज कैप्शन, शुक्रवार को जापान के चिबा प्रान्त के ओमिशिरासातो में भारी बारिश के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दृश्य
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इमेज कैप्शन, गुरुवार को चिबा में भारी बारिश के बीच, चिबा मेट्रो स्टेशन के पास पानी से भरी सड़क से गुज़रती गाड़ियां
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इमेज कैप्शन, शुक्रवार को जापान के चिबा प्रान्त में भारी बारिश के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित होने से जो लोग घर नहीं लौट पाए, वे चिबा प्रान्त सरकार के कार्यालय में बनाए गए अस्थायी निकासी केंद्र में रुके हुए हैं
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इमेज कैप्शन, गुरुवार को जापान में टोक्यो के पास चिबा प्रांत के इचिकावा में भारी बारिश के बाद पानी से भरी सड़क
पैकेज्ड फूड पर चेतावनी को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एफ़एसएसएआई से पूछा- आदेश क्यों नहीं माना?
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सुप्रीम कोर्ट ने ज़्यादा शुगर, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल लगाने में एफ़एसएसएआई की कथित हिचकिचाहट पर गुरुवार को कड़ी नाराज़गी जताई.
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. कोर्ट ने पहले भी एफ़एसएसएआई से जनस्वास्थ्य के हित में ऐसे चेतावनी लेबल लागू करने पर विचार करने को कहा था.
गुरुवार को कोर्ट ने एफ़एसएसएआई की एक बैठक के मिनट्स का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसी व्यवस्था लागू करने में इतनी हिचकिचाहट क्यों है. कोर्ट ने यहां तक पूछा कि क्या एफ़एसएसएआई खाद्य उत्पाद बनाने वाली बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के दबाव में आ रहा है.
बार एंड बेच के मुताबिक. बेंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “क्या आप कोर्ट के आदेश को मज़ाक समझ रहे हैं? इन कॉरपोरेट घरानों का आप पर काफी दबाव है और आप उस दबाव के आगे झुक रहे हैं. हम यह जनहित में कर रहे हैं, अपने लिए नहीं.”
कोर्ट ने एफ़एसएसएआई से यह भी पूछा कि उसके आदेश के बाद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और चेतावनी लेबल लागू करने के लिए उसे खुद पहल करनी होगी या कोर्ट को इस संबंध में आदेश जारी करना पड़ेगा.
सुनवाई के दौरान एफ़एसएसएआई की इस दलील पर भी कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ कि अगर ऐसे लेबल लागू किए गए तो नमकीन जैसे कई भारतीय खाद्य पदार्थ भी ज्यादा फैट, शुगर या नमक वाले उत्पादों की श्रेणी में आ जाएंगे.
कोर्ट ने सवाल किया, “क्या आप चाहते हैं कि इस देश के लोग स्वस्थ न रहें? खासकर बढ़ते हुए बच्चे?”
कोर्ट ने आगे कहा कि वह किसी खास खाद्य उत्पाद के ख़िलाफ़ नहीं है, बल्कि उसका मकसद सिर्फ़ ऐसे मामलों में लोगों को जागरूक करना है.
सिंधु जल समझौते पर बोले पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ़, 'भारत ने राह नहीं बदली तो सीधे जवाब देंगे'
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इमेज कैप्शन, इस्लामाबाद में गुरुवार को ‘यादगार-ए-फतह’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए शहबाज़ शरीफ ने भारत की ओर से सिंधु जल संधि को ‘निलंबित’ किए जाने पर टिप्पणी की (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद उसकी रेडलाइन है और अगर भारत ने अपना रुख़ नहीं बदला तो उसे सीधे जवाब दिया जाएगा.
इस्लामाबाद में गुरुवार को ‘यादगार-ए-फतह’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए शहबाज़ शरीफ ने भारत की ओर से सिंधु जल संधि को ‘एकतरफा तौर पर निलंबित’ किए जाने पर टिप्पणी की.
दरअसल, अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए जवाबी कदम के तौर पर सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था.
अपने संबोधन में शहबाज़ शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के साथ-साथ सऊदी अरब और तुर्की के साथ हुए समझौतों का भी जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दुनिया को सभी तरह के संघर्षों से मुक्त देखना चाहता है और नए विवादों को रोकने की कोशिश करता रहेगा.
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि इसी वजह से पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच ‘ज़िम्मेदार मध्यस्थ’ की भूमिका निभाई. उन्होंने मध्य पूर्व में शांति के लिए फील्ड मार्शल असीम मुनीर के ‘ऐतिहासिक किरदार’ की तारीफ़ की. साथ ही, सऊदी अरब और तुर्की के साथ समझौतों को लेकर उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार के प्रयासों की भी सराहना की.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी शुक्रिया अदा किया.
उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने में भूमिका निभाकर लाखों लोगों की जान बचाई.
वहीं, अफगानिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंधों का ज़िक्र करते हुए शहबाज़ शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में भी शांति और स्थिरता चाहता है, लेकिन अफ़ग़ान धरती का पाकिस्तान के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उत्तराखंड: निर्माणाधीन सुरंग में बचाव अभियान जारी, अब तक 4 शव बरामद
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इमेज कैप्शन, टीएचडीसी प्रोजेक्ट हेड अजय वर्मा के मुताबिक हादसा सुरंग के पोर्टल से करीब दो किलोमीटर अंदर हुआ
उत्तराखंड के चमोली ज़िले में पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा भरने के बाद रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है.
एनडीआरएफ़ के मुताबिक अभी तक चार शव बाहर निकाले गए हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक हादसे में सात लोगों की मौत हुई है और 11 लोग घायल हैं.
पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम मलबा और पानी घुस गया था.
एनडीआरएफ़ के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया, "टीम के मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू करने के वक्त सुरंग में काफी ज़्यादा पानी भरा हुआ था और किनारों से भी लगातार पानी रिस रहा था. इसके बाद पानी का स्तर और बढ़ गया."
उन्होंने बताया, एनडीआरएफ़ के जवानों ने विशेष उपकरणों की मदद से अब तक पानी से चार शव बाहर निकाल लिए हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और जब तक सुरंग में फंसे सभी लोगों को बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक अभियान चलता रहेगा."
टीएचडीसी प्रोजेक्ट हेड अजय वर्मा ने बताया, "हादसा सुरंग के पोर्टल से करीब दो किलोमीटर अंदर हुआ. उस वक्त सुरंग के अंदर करीब 20 से 22 लोग काम कर रहे थे. अचानक पानी का स्रोत फट गया और तेज़ रफ्तार से पानी सुरंग में घुस आया. कुछ लोग किसी तरह पानी के बहाव के साथ बाहर निकलकर सुरक्षित बच गए, जबकि कुछ लोग अभी भी अंदर फंसे हुए हैं. उन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है."
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