अरुणाचल प्रदेश में बांध विरोधी प्रदर्शन हिंसक होने के बाद आरएएफ़ की टुकड़ियां भेजी गईं

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अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की बहुउद्देश्यीय परियोजना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हिंसक होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए रैपिड एक्शन फ़ोर्स (आरएएफ़) की दो कंपनियां पासीघाट भेजी हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, पूर्वी सियांग ज़िले के पासीघाट में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आने के बाद ये ख़बर आई है.
गृह मंत्रालय के निर्देश पर नवी मुंबई से आरएएफ़ के करीब 250 जवानों को भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान से अरुणाचल प्रदेश भेजा गया है.
परियोजना को लेकर लोगों में आशंकाएं
सियांग नदी पर प्रस्तावित इस बड़ी बांध परियोजना का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि परियोजना को लेकर ग़लत जानकारी और भ्रांतियों की वजह से लोगों में आशंकाएं पैदा हो रही हैं.
खांडू ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम (एआईटीएफ़) और सामुदायिक संगठनों के साथ बैठक की. इस बैठक में परियोजना को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और सही जानकारी पहुंचाने पर चर्चा हुई.
पेमा खांडू के मुताबिक़, लोगों को परियोजना, उसके रणनीतिक महत्व और उससे जुड़ी चिंताओं को समझने के लिए सही जानकारी मिलना ज़रूरी है.
उन्होंने तथ्यों, पारदर्शिता और खुली बातचीत के ज़रिए लोगों की आशंकाएं दूर करने पर ज़ोर दिया.
समाचार एजेंसी पीटीआई से दो दिन पहले उन्होंने कहा था, "मैं लोगों को सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए ईटानगर आने या मुझे पासीघाट बुलाने का न्योता देता हूं. बंद या हिंसा से समस्याओं का समाधान नहीं होता. यह परियोजना जनता की सहमति से आगे बढ़ेगी."

