लाइव, दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को हिरासत में लिया

दिल्ली पुलिस ने आइसा की प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया है. उन्हें दिल्ली के मंडी हाउस इलाक़े से हिरासत में लिया गया है.

सारांश

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  • अंकिता भंडारी के माता-पिता
  • animal
  • आशुतोष रांका और सौरव दास अचानक पहुंचे जंतर-मंतर
  • भारत, मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी है- नरेंद्र मोदी
  • दिल्ली में कांग्रेस सहित विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने पर संजय सिंह ने कहा, 'विनाश काले विपरीत बुद्धि'

    सीजेपी समर्थक
    इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया गया है लेकिन सीजेपी समर्थन तिरंगा लहरा रहे हैं

    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इस मामले पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.

    संजय सिंह ने लिखा, "विनाश काले विपरीत बुद्धि. मोदी जी आप तिरंगे से इतना क्यों डरते हैं? अभिजीत दीपके को हिरासत में लेकर क्या हासिल करोगे आप? आंदोलन और बढ़ेगा तिरंगा और लहराएगा."

    इससे पहले दिल्ली पुलिस की एक टीम ने अभिजीत दीपके को उसी जगह जाकर हिरासत में ले लिया, जहां वह ठहरे हुए थे.

    दीपके जैसे ही प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के लिए हाथ में तिरंगा लेकर बाहर निकले, वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा, ''हम आपको प्रिवेंटिव डिटेन कर रहे हैं.''

    दीपके तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क जा रहे थे. सीजेपी ने शुक्रवार शाम को दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम के तहत प्रदर्शन का आवाह्न किया था.

    दीपके को हिरासत में लिए जाने के बाद सीजेपी के कई समर्थक तिरंगा लेकर दिल्ली की सड़कों पर मार्च निकालते हुए दिख रहे हैं. ये लोग सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाते हुए भी नज़र आए.

  2. दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को हिरासत में लिया

    नेहा बोरा को डिटेन करती पुलिस
    इमेज कैप्शन, नेहा बोरा को डिटेन करती पुलिस

    दिल्ली पुलिस ने आइसा की प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया है. उन्हें दिल्ली के मंडी हाउस इलाक़े से हिरासत में लिया गया है.

    इससे पहले नेहा बोरा और उनके कई साथियों ने मंडी हाउस इलाक़े से तिरंगा मार्च शुरू किया था.

    पुलिस ने नेहा बोरा के साथ ही आइसा और लेफ़्ट पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है.

    नेहा बोरा के एक्स अकाउंट से पोस्ट किया गया है, "नेहा को अकेले ही डिटेन किया गया है और उन्हें अज्ञात जगह पर ले गए हैं. उनके पास उनका फ़ोन नहीं है. दिल्ली पुलिस बताए कि नेहा कहां है. एक बार फिर से उनका अपहरण किया गया है, यह डिटेंशन नहीं है."

    नेहा बोरा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग में प्रदर्शन कर रही थीं.

    इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया.

    दीपके दिल्ली में जिस घर में रह रहे थे, वहां से जैसे ही सीजेपी के प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के लिए हाथ में तिरंगा लेकर बाहर निकले, वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा, ''हम आपको प्रिवेंटिव डिटेन कर रहे हैं.''

    दीपके तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क जा रहे थे.

  3. जम्मू-कश्मीर: वायरल वीडियो में महिला अधिकारी से अनुचित व्यवहार के आरोपों की जांच के आदेश, जहांगीर अली, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर

    कुमार राजीव रंजन
    इमेज कैप्शन, इस सप्ताह की शुरुआत में एक आधिकारिक बैठक के दौरान कुमार राजीव रंजन को एक महिला अधिकारी के ख़िलाफ़ कथित तौर पर अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था

    जम्मू-कश्मीर सरकार ने शुक्रवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी कुमार राजीव रंजन के कथित दुर्व्यवहार की जांच के आदेश दिए हैं.

    इस सप्ताह की शुरुआत में एक आधिकारिक बैठक के दौरान रंजन को एक महिला अधिकारी के ख़िलाफ़ अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शेयर किया.

    शुक्रवार को जारी आदेश में सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस अधिकारी मंदीप कौर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है. उन्हें कुमार राजीव रंजन के कथित दुर्व्यवहार के मामले की "गहन जांच" कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.

    सरकार के सचिव एम राजू की ओर से जारी आदेश के मुताबिक़, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव अमित वर्मानी इस मामले में प्रेज़ेंटिंग ऑफ़िसर होंगे.

    राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर वीडियो की जांच कराने को कहा है.

    साल 2010 बैच के आईएएस अधिकारी रंजन जम्मू-कश्मीर के श्रम और रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव के रूप में कार्यरत हैं.

    उन्हें 14 अक्तूबर को ‘मिशन युवा’ की समीक्षा बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) की अधिकारी बीनिश वानी पर चिल्लाते और उनके ख़िलाफ़ अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था.

    मिशन युवा जम्मू-कश्मीर सरकार की प्रमुख उद्यमिता और स्वरोजगार पहल है.

    ऑनलाइन बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेताओं ने नाराज़गी जताई और संबंधित आईएएस अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की.

    इस घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्य सचिव अटल डुल्लू को पत्र लिखकर अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की.

    अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे सरकारी ऑनलाइन बैठक के वीडियो को देखा है."

    "पहली नज़र में वरिष्ठ अधिकारी का व्यवहार एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से जैसी अपेक्षा की जाती है, उसके मुताबिक़ नहीं था. इसके बाद एक जूनियर अधिकारी को दी गई धमकियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है."

    रंजन का नाम साल 2020 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से उजागर किए गए हथियार लाइसेंस घोटाले के मामले में भी है.

    इस मामले में आरोप है कि साल 2012 से 2016 के बीच जम्मू-कश्मीर के 22 ज़िलों में एक बड़े आपराधिक गिरोह के ज़रिए 2.78 लाख अवैध और फ़र्ज़ी हथियार लाइसेंस जारी किए गए थे.

  4. कार्टून: तुमने भी प्रोटेस्ट किया था?

    कार्टून
    इमेज कैप्शन, दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ कॉकरोच का पुतला जलाए जाने की घोषणा पर आज का कार्टून.
  5. तिरंगा लेकर निकले अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

    अभिजीत दीपके

    दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया है.

    दीपके दिल्ली में जिस घर में रह रहे थे, वहां से जैसे ही सीजेपी के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के तहत हाथ में तिरंगा लेकर बाहर निकले, वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा, “हम आपको प्रिवेंटिव डिटेन कर रहे हैं.”

    दीपके तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क जा रहे थे.

    पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा कि वे न तो सेंट्रल पार्क जा सकते हैं और न ही नई दिल्ली में कहीं और जा सकते हैं. इसके जवाब में दीपके ने पूछा, “तो फिर कहां जाकर तिरंगा फहरा सकता हूं?”

    पुलिस अधिकारी ने कहा, “मैं आपको बता दूंगा. अभी हम आपको डिटेन कर रहे हैं.”

    दीपके ने कहा, “लेकिन अभी तो मैंने कोई क़ानून तोड़ा भी नहीं है.”

    दीपके बार-बार पूछते रहे कि उन्होंने कौन सा क़ानून तोड़ा है, लेकिन पुलिस अधिकारी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया.

  6. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर ये मांग की

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर 'परिसीमन' के मुद्दे पर जल्दबाज़ी नहीं करने को कहा है
    इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर 'परिसीमन' के मुद्दे पर जल्दबाज़ी नहीं करने को कहा है

    कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर परिसीमन पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है.

    खड़गे ने पत्र में लिखा, "संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद अब 64 दिन हो चुके हैं, लेकिन संसद के दोनों सदनों का अब तक अनिश्चितकाल के लिए सत्रावसान नहीं किया गया है. यह स्थिति अभूतपूर्व है."

    पत्र में लिखा गया है, "आपको याद होगा कि मैंने परिसीमन पर किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को लाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए 11 अप्रैल 2026 को आपको पहला पत्र लिखा था. आपने ऐसा नहीं किया."

    "इसके बाद आपने 14 अप्रैल 2026 की देर शाम विधेयकों को सार्वजनिक किया और 16 अप्रैल 2026 को विशेष सत्र बुलाया. परिसीमन पर संविधान संशोधन विधेयक 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा और बड़े अंतर से गिर गया."

    खड़गे ने लिखा है, "इसके बाद मैंने 16 जुलाई 2026 और 27 अगस्त 2026 को फिर से आपको पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध दोहराया. अब मैं चौथी बार ऐसा कर रहा हूं."

    "कृपया आपके नए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाएं, ताकि संसद में विचार के लिए उन्हें अंतिम रूप दिए जाने से पहले चर्चा हो सके. सभी राजनीतिक दलों को आपस में, एक-दूसरे के साथ और सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए."

    कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की, "कृपया पहले की तरह एक बार फिर व्यापक प्रभाव वाले संविधान संशोधन विधेयक को संसद में जल्दबाजी और दबाव के साथ पारित कराने की कोशिश न करें. आपने पहले भी ऐसा करने का प्रयास किया था और उस विधेयक को उसके उचित परिणाम का सामना करना पड़ा था."

  7. ध्रुव राठी ने अपने से संबंधित इस ख़बर को बताया फ़ेक

    ध्रुव राठी
    इमेज कैप्शन, ध्रुव राठी कई सालों से जर्मनी में रहते हैं, यूट्यूब पर उनके वीडियो को लाखों लोग देखते हैं

    मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अपनी गिरफ़्तारी से जुड़ी ख़बरों का खंडन किया है.

    ध्रुव राठी ने इस तरह की ख़बरों को फ़ेक न्यूज़ बताया है.

    इससे पहले सोशल मीडिया पर कई यूजर दावा कर रहे थे कि ध्रुव राठी को नोएडा पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. ध्रुव राठी ने ऐसी ही एक ख़बर को शेयर कर उस पर टिप्पणी की है.

    ध्रुव राठी कई सालों से जर्मनी में रहते हैं. कॉकरोच जनता पार्टी ने जब अपने दूसरे दौर के आंदोलन का आह्वान किया, तो वो भारत आ गए.

    बीते दिनों बेंगलुरु में हुए एक कार्यक्रम में वो सीजेपी के नेताओं के साथ मंच पर खड़े नज़र आए. मगर 10 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में उन्हें शामिल होना था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया.

  8. प्रदर्शन शुरू होने से पहले अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस का नोटिस

    दीपके
    इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके दिल्ली में जहां ठहरे हुए हैं, वहां पुलिस बल भी मौजूद है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को नोटिस दिए जाने पर एनसीपी शरद पवार गुट के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने कहा, "मुझे अभी पता चला है कि पुलिस मेरे घर आई है. मुझे अभी नहीं पता कि पुलिस क्यों आई है."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ तिरंगा यात्रा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा, "बिल्कुल. हम सभी को तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहिए."

    उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती और मार्च में शामिल होने से रोके जाने की आशंका पर उन्होंने कहा, "अगर पुलिस हमें जाने नहीं देती है, तो यह सरकार की कायरता दिखाएगा. जो लोग 'हर घर तिरंगा' की बात करते हैं, उन्हें तिरंगे से डरना नहीं चाहिए."

    अभिजीती दीपके रानी झांसी रोड पर मौजूद एनसीपी शरद पवार गुट के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास पर ठहरे हुए हैें.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा है कि नोटिस में दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को कनॉट प्लेस में लहरा दो तिरंगा कार्यक्रम करने से मना किया है.

    दीपके ने आज शाम को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम के ज़रिए विरोध प्रदर्शन की अपील की है.

  9. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

  10. अभिजीत दीपके जहां ठहरे हुए हैं वहां पुलिस पहुंची

    दिल्ली पुलिस
    इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस की टीम

    दिल्ली पुलिस की टीम उस जगह पर पहुंची है जहां कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ठहरे हुए हैं.

    अभिजीती दीपके एनसीपी शरद पवार गुट के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास पर ठहरे हुए हैें.

    दीपके ने आज शाम को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम के ज़रिए विरोध प्रदर्शन की अपील की है.

    इससे पहले सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित नहीं होता, बल्कि शहर बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और लोगों की आवाज़ाही पर पाबंदी लगाने से नुक़सान होता है.

    दरअसल, दीपके ने दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस पर शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली करने का एलान किया था. इस दौरान यहां के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रभाव पड़ने की बातें सामने आई थीं.

    दीपके ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, "क़ारोबार को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों से नुक़सान नहीं होता. उन्हें तब नुक़सान होता है, जब सरकार पूरे शहर को बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और अपने ही नागरिकों की आवाज़ाही पर रोक लगाने का फ़ैसला करती है और शहर को युद्ध के मैदान में बदल देती है."

  11. 'लहरा दो तिरंगा' रैली से ठीक पहले अभिजीत दीपके ने क्या कहा?

    अभिजीत दीपके
    इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार से जवाब मांगना अराजकता नहीं है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित नहीं होता, बल्कि शहर बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और लोगों की आवाज़ाही पर पाबंदी लगाने से नुक़सान होता है.

    दरअसल, दीपके ने दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस पर शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली करने का एलान किया था. इस दौरान यहां के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रभाव पड़ने की बातें सामने आई थीं.

    दीपके ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, "क़ारोबार को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों से नुक़सान नहीं होता. उन्हें तब नुक़सान होता है, जब सरकार पूरे शहर को बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और अपने ही नागरिकों की आवाज़ाही पर रोक लगाने का फ़ैसला करती है और शहर को युद्ध के मैदान में बदल देती है."

    "सीजेपी की शुरुआत से ही हमने यह कहा है कि हम हमेशा गांधी जी के शांति और अहिंसा के रास्ते पर चलेंगे और हम अपने इस वादे पर कायम रहे हैं. हमने मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में विरोध-प्रदर्शन किए हैं और इनमें से हर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है. जयपुर में मुझ पर खुद हमला किया गया था, लेकिन तब भी मैंने जवाबी हमला नहीं किया."

    "सरकार से जवाब मांगना अराजकता नहीं है, सड़कों पर अन्याय के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करना अराजकता नहीं है और सरकारी पदों पर बैठे लोगों से सवाल करना तो बिल्कुल भी अराजकता नहीं है. ये लोकतंत्र को ज़ाहिर करने के सबसे बुनियादी तरीके हैं."

    अभिजीत दीपके ने लिखा, "आज जो पार्टी सत्ता में है, उसने विपक्ष में रहते हुए दशकों तक विरोध-प्रदर्शन किए, सड़कों पर उतरकर आंदोलन किए और उस समय की सरकारों से सवाल पूछे. अगर उनके ख़िलाफ़ भी इसी तरह की पाबंदियां लगाई गई होतीं, उन्हें डराया गया होता और पुलिस ने सख़्ती की होती, तो हो सकता है कि आज सत्ता में बैठे कई लोग कभी इस मुक़ाम तक नहीं पहुंच पाते."

    दीपके ने कहा कि लोगों की ओर चुनी गई सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह लोगों की बात सुने, न कि उनकी आवाज़ दबाए.

  12. कांग्रेस बोली- मीडिया ने फ़ेक ख़बर चलाई, राहुल गांधी को कोर्ट से फटकार नहीं लगी

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी राहुल गांधी पर नहीं थी (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को फ़र्ज़ी बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को फटकार लगाई है.

    पार्टी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि अदालत की टिप्पणी याचिकाकर्ता संख्या 6 पर थी, न कि राहुल गांधी पर.

    कांग्रेस ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "कल मीडिया ने ख़बर चलाई कि सुप्रीम कोर्ट ने नेता विपक्ष राहुल गांधी जी को 'फटकार' लगाई है. जबकि ये ख़बर पूरी तरह से फ़ेक है."

    "सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी वादी नंबर 6 पर की थी, न कि राहुल गांधी जी पर. कोर्ट ने ऑर्डर डिक्टेट करते समय भी राहुल गांधी जी का नाम नहीं लिया था, फिर भी जबरन, बदनीयती से यह झूठ खूब फैलाया गया."

    "इस फे़क न्यूज़ के लिए मीडिया संस्थानों को माफ़ी मांगनी चाहिए. नेता विपक्ष राहुल गांधी जी 'वोट चोरी' के ख़िलाफ़ एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, और हर हाल में जीतेंगे."

    कांग्रेस ने कहा, "कांग्रेस पार्टी उच्चतम न्यायालय का सम्मान करती है और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र में वोट के अधिकार को बचाए रखने की लड़ाई में हमें न्याय मिलेगा."

    गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ही विपक्षी नेताओं की एसआईआर से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की थी. इस दौरान कोर्ट ने एक याचिकाकर्ता के आचरण पर सवाल उठाया था, लेकिन उसका नाम नहीं लिया.

  13. पीएम मोदी 11 और 12 दिसंबर को कनाडा दौरे पर रहेंगे

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी
    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 और 12 दिसंबर 2026 को कनाडा का दौरा करेंगे. कनाडा में भारत के उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी है.

    दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हाल ही में हुई बातचीत के बाद यह घोषणा की गई है.

    पीएम मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच 13 अक्तूबर को फ़ोन पर बातचीत हुई थी.

    भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक़, "दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में आई सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में ठोस नतीजे हासिल करने पर सहमति जताई."

    कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, "दोनों नेताओं ने भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत जल्द पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई. इस समझौते का उद्देश्य 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की दिशा में आगे बढ़ना है."

    बयान में यह भी कहा गया कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रभावों पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने ऊर्जा और कृषि के क्षेत्र में भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत पर भी जोर दिया.

  14. सऊदी अरब के लिए एयर इंडिया की उड़ानें 20 अक्तूबर तक रद्द

    एयर इंडिया प्लेन
    इमेज कैप्शन, एयर इंडिया के मुताबिक़, उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जा रहा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    एयर इंडिया ने सऊदी अरब में बदलते हालात के मद्देनजर रियाद, दम्माम और जेद्दा से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर 2026 तक रद्द कर दी हैं.

    एयरलाइन ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान में बताया, "हम हालात पर क़रीब से नज़र रख रहे हैं और उड़ानें सुरक्षित रूप से दोबारा शुरू करने के लिए लगातार स्थिति का आकलन कर रहे हैं."

    एयर इंडिया के मुताबिक़, उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जा रहा है. एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

    इससे पहले भारतीय दूतावास ने जारी एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और हवाई हमले की स्थिति में घर के अंदर रहने की अपील की है.

    एडवाइजरी में कहा गया है कि सऊदी अरब से तत्काल निकलने की ज़रूरत वाले भारतीय नागरिक बहरीन, कुवैत और कतर समेत पड़ोसी देशों से उड़ान लेने पर विचार कर सकते हैं.

    गौरतलब है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किए गए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी और 10 घायल हुए थे.

  15. 'पाकिस्तान का साथ देंगे...' वाले बयान पर राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष ने दी सफ़ाई

    मदन राठौड़
    इमेज कैप्शन, राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पाकिस्तान को लेकर दिए गए अपने बयान पर सफ़ाई दी है.

    अमेरिका और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होने पर पाकिस्तान का समर्थन करने संबंधी उनकी टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा था.

    इस पर राठौड़ ने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है. उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी केवल क्रिकेट मैच को लेकर थी, युद्ध को लेकर नहीं.

    दरअसल, मदन राठौड़ ने अपने एक बयान में कहा था, "अमेरिका और पाकिस्तान का मैच हो तो हम पाकिस्तान के साथ हैं, क्योंकि पाकिस्तान हमारा पड़ोसी है."

    उनका यह बयान सामने आने के बाद कांग्रेस ने वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "बीजेपी का पाकिस्तान प्रेम फिर सामने आया. बीजेपी वालों की रग-रग में देशद्रोह भरा है."

    विवाद बढ़ने के बाद मदन राठौड़ ने शुक्रवार को सफ़ाई देते हुए कहा, "कल पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की जयंती थी. इस मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें मुस्लिम समुदाय के कार्यकर्ता बैठे थे. मैंने कहा था कि राष्ट्रभक्ति ज़रूरी है. अगर भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हो और दुर्भाग्य से भारत हार जाए और उस समय जो पटाखा फोड़ता है, वो देशभक्त नहीं है."

    "मैंने आगे कहा कि यदि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मैच हो तो वो बात अलग है. लेकिन अगर इसको युद्ध ले लिया जाए तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है. किसी ने मुझे नुक़सान पहुंचाने के लिए ऐसी बात कही है. मैंने जो कहा उसका हर शब्द सुनो और अगर पूरा सुनेंगे तो साफ़ हो जाएगा. आपको संदर्भ पर भी ध्यान देना चाहिए. 2 सेकंड या 8-10 सेकंड का क्लिप निकालकर कोई दे दे तो इसमें षडयंत्र है, दुर्भावना है."

    उन्होंने आगे कहा, "पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते दुश्मनी वाले हैं. वे आतंकवाद पैदा करते हैं और आतंकवादियों को ट्रेनिंग देते हैं. वे हमारे ख़िलाफ़ साज़िशें रचते हैं और हमले करते हैं. ऐसे में हम उनके साथ कैसे रह सकते हैं? हम कभी साथ नहीं रह सकते. हमारा रुख एकदम साफ़ है लेकिन क्रिकेट मैच से जुड़ी एक टिप्पणी को इस तरह तोड़-मरोड़ कर पेश करना, यह बिल्कुल गलत है. यह पूरी तरह से क्रिकेट मैच के बारे में था. इसमें युद्ध का कोई ज़िक्र नहीं था."

  16. राजनाथ सिंह ने कहा- बांग्लादेश की तर्ज़ पर शासन बदलने की कोशिश हो रही

    राजनाथ सिंह
    इमेज कैप्शन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को यूपी के लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की

    निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शनों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगियों पर निशाना साधा है.

    उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय उन्हें अराजकता और राजनीतिक टकराव का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है.

    राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही.

    राजनाथ सिंह ने कहा, "दिल्ली में पिछले दिनों जो घटनाक्रम हुए, वो कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं. ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उनके राजनीतिक सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से और अपने समर्थक संगठनों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में लाने की जगह राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं."

    "देश के नौजवानों को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है. बांग्लादेश की तर्ज़ पर शासन बदलना चाहते हैं और एक प्रेस वार्ता में खुलकर कहते हैं कि उसने शासन बदलने की प्रेरणा बांग्लादेश से ली है. तो दूसरा डंके की चोट पर सरकार गिराने की बात करता है. यह साफ़ करता है कि इनका इकलौता एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है."

    राजनाथ ने कहा, "शासन बदलने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इससे पता चलता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार, एसआईआर, ज्ञानेश कुमार, देश के नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नहीं है. उनकी लड़ाई देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी साज़िश है."

    दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तंज कसते हुए इसे उत्तर प्रदेश की राजनीति से जोड़ दिया.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "सुना है सत्ताधारियों की तरफ़ से कोई बड़ी प्रेस-कांफ्रेंस हो रही है. लगता है ‘लखनऊ-एक्सप्रेस’ का इंजन फ़ेल हो गया है, तभी दिल्ली के इंजन ने लखनऊ की कमान किसी और को थमाने का अंदरूनी फ़ैसला कर लिया है."

    अखिलेश ने लिखा, "ये प्रेस कॉन्फ़्रेंस तो बस दिखावटी है, असली खेल तो लखनऊ के इंजन को खटारा साबित करके उसे पर्मानेंट हटाने का है. अब लखनऊवालों की रक्षा कौन करेगा?"

  17. अभिजीत दीपके के एलान के बाद कनॉट प्लेस पर भारी सुरक्षा बल तैनात, देखें तस्वीरें

    दिल्ली पुलिस
    इमेज कैप्शन, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाक़ों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं

    दिल्ली के कनॉट प्लेस में सेंट्रल पार्क में 16 अक्टूबर को सीजेपी के तिरंगा फहराने के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने नई दिल्ली और आसपास के इलाक़ों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं.

    दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि सीजेपी ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए लोगों से 16 अक्तूबर को शाम पांच बजे सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटने की अपील की है.

    नेहा यादव ने कहा, "मौजूदा सुरक्षा और क़ानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाक़ों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है."

    इस बीच कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें कनॉट प्लेस पर दुकानें बंद दिखाई दे रही हैं और भारी पुलिस बल तैनात है.

    सुरक्षा बल
    सुरक्षा बल
    सुरक्षा बल
    सुरक्षा बल
    सुरक्षा बल
  18. एलन मस्क के आरोपों पर रिलायंस ने दिया जवाब- हम प्रतिस्पर्धा से नहीं डरते

    मुकेश अंबानी
    इमेज कैप्शन, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष सामने रखा है और कहा है कि वो कभी प्रतिस्पर्धा से नहीं डरते (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका के चर्चित कारोबारी एलन मस्क ने हाल ही में आरोप लगाया था स्टारलिंक की भारत में एंट्री रोकी जा रही है.

    एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर तंज़ कसते हुए उन्हें 'प्रधानमंत्री अंबानी' तक कह दिया था और पूछा कि क्या वह स्टारलिंक को भारत में निष्पक्ष रूप से प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देंगे.

    इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष सामने रखा है और कहा है कि वो कभी प्रतिस्पर्धा से नहीं डरते.

    इस पर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ कहा, "हर भारतीय कंपनी की तरह, रिलायंस भी ऐसे देश में आगे बढ़ी है, जहां देशी और विदेशी निवेश के साथ-साथ नए विचारों का स्वागत किया जाता है. ख़ासकर ऐसे कामों का, जिनसे लोगों की ज़िंदगी बेहतर होती है."

    "यह आज़ादी कानून के नियमों पर टिकी है. भारत सरकार ने कहा है कि हर आवेदन करने वाले के लिए एक जैसी प्रक्रिया अपनाई जाती है, चाहे वह भारतीय हो या विदेशी. जियो की अपनी सैटेलाइट सेवाओं को भी अभी मंज़ूरी मिलने का इंतज़ार है."

    "रिलायंस ने कभी भी प्रतिस्पर्धा से डर महसूस नहीं किया. हम इसे इस बात की सबसे बड़ी कसौटी मानते हैं कि ग्राहकों को सबसे अच्छी सेवा कौन देता है. जियो ने भी 2016 में भारत के टेलीकॉम बाज़ार में कदम रखा था, जहां पहले से कई कंपनियां थीं. उस समय जियो के पास एक भी ग्राहक नहीं था. सिर्फ़ दस साल में जियो ने 53 करोड़ से ज़्यादा ग्राहकों का भरोसा जीता है और भारतीयों को दुनिया के सबसे अच्छे डिजिटल ढांचे में से एक और सबसे सस्ता डेटा उपलब्ध कराया है."

    रिलायंस ने कहा हम स्टारलिंक समेत सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में मुक़ाबले का स्वागत करते हैं.

    बयान में कहा गया कि जियो समेत हर कंपनी को भारत के लोगों को सेवाएं देनी चाहिए और देश के कानूनों और नीतियों का पालन करना चाहिए.

  19. ईरान पर परमाणु हथियार के इस्तेमाल करने के सवाल पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ज़मीन पर अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की संभावना से भी इनकार किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के ख़िलाफ़ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ज़मीन पर अमेरिकी सैनिकों को तैनात करने की संभावना से भी इनकार किया है.

    न्यूज़मैक्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "मैं परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करूंगा. हमें ऐसा करने की ज़रूरत नहीं है."

    ट्रंप ने इस दौरान ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ का भी ज़िक्र किया. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान पर संभावित हमलों के लिए इस बेहद शक्तिशाली बम के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है. ट्रंप ने इसे गैर-परमाणु हथियार बताते हुए कहा, "यह एक बहुत बड़ा बम है, लेकिन परमाणु बम नहीं है."

    इसके अलावा, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर रूस और चीन के साथ बातचीत कर रहा है.

    गौरतलब है कि अमेरिका में जल्द ही मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं, हाल के सर्वेक्षणों में ईरान युद्ध के चलते ट्रंप की लोकप्रियता कम हुई है.

  20. एसआईआर पर सवाल उठाने वाली अमेरिकी सांसद को भारत ने दिया ये जवाब

    प्रमिला जयपाल
    इमेज कैप्शन, अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाया था, जिसके बाद भारत की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने गुरुवार को कहा कि भारत की चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणी करना आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत की चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर प्रमिला जयपाल की टिप्पणियां देश के आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप हैं, जिन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता."

    उन्होंने लिखा, "भारत एक मजबूत लोकतंत्र है, जहां स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएं हैं और लंबे समय से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का रिकॉर्ड रहा है. उनकी ग़लतफ़हमियों को दूर करने के लिए हम रचनात्मक बातचीत करने के लिए हमेशा तैयार हैं."

    दरअसल, प्रमिला जयपाल ने भारत में एसआईआर को लोकतंत्र-विरोधी प्रयास बताया था.

    उन्होंने लिखा था, "यह वैसा ही लगता है, जैसा ट्रंप प्रशासन मतदान के अधिकार को कमज़ोर करने के लिए अमेरिका में कर रहा है."