लाइव, ईरानी न्यूज़ एजेंसी ने अमेरिका की सबसे आधुनिक पनडुब्बी को पकड़ने का किया दावा
ईरान ने अमेरिका की एक अत्याधुनिक पनडुब्बी को पकड़ लिया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के क़रीबी मानी जाने वाली समाचार एजेंसी फ़ार्स न्यूज़ ने यह दावा किया है.
ईरानी न्यूज़ एजेंसी ने अमेरिका की सबसे आधुनिक पनडुब्बी को पकड़ने का किया दावा
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इमेज कैप्शन, फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि इस पनडुब्बी को होर्मुज़ स्ट्रेट के एंट्री गेट के पास पकड़ा गया (सांकेतिक तस्वीर)
ईरान ने अमेरिका की एक अत्याधुनिक पनडुब्बी को पकड़ लिया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के क़रीबी मानी जाने वाली समाचार एजेंसी फ़ार्स न्यूज़ ने यह दावा किया है.
फ़ार्स के मुताबिक़, यह पनडुब्बी अमेरिकी सेना की सबसे आधुनिक और ‘इंटेलिजेंट अनमैन्ड सबमरीन' में से एक है. एजेंसी का दावा है कि इसे होर्मुज़ स्ट्रेट के एंट्री गेट के पास पकड़ा गया.
फ़ार्स ने इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है कि पनडुब्बी को किस तरह और कब क़ब्ज़े में लिया गया.
अमेरिका की ओर से फ़िलहाल इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
गौरतलब है कि हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है और ईरान ने यह भी कहा है कि उसने अपनी सैन्य रणनीति बदल ली है.
एनसीपीसीआर ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों के मामले में मेटा को तलब किया, बीबीसी की रिपोर्ट पर लिया था संज्ञान
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इमेज कैप्शन, आयोग ने मेटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड को 9 सितंबर को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है (फ़ाइल फ़ोटो)
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म मेटा से जुड़े 'चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज़ मटेरियल के विज्ञापन' मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने समन जारी किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, आयोग ने मेटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड को 9 सितंबर को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है.
दरअसल, बीबीसी आई ने अपनी पड़ताल में पाया कि इंस्टाग्राम भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों को प्रसारित कर रहा है. ऐसा करके कंपनी कमाई भी कर रही है. ये विज्ञापन यूज़र्स को मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम तक ले जाते हैं, जहां ये लोग बच्चों के यौन शोषण वाले वीडियो ख़रीद सकते हैं.
वीडियो कैप्शन, इंस्टाग्राम में छिपी एक भयानक दुनिया का पर्दाफ़ाश
एनसीपीसीआर ने बीबीसी आई की रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए 3 जुलाई 2026 को मेटा प्लेटफ़ॉर्म्स को नोटिस जारी किया था. आयोग ने नोटिस के ज़रिए कंपनी से मामले में स्पष्टीकरण मांगा था. मेटा ने नोटिस जारी होने के क़रीब एक सप्ताह बाद आयोग को अपना जवाब सौंप दिया था.
मेटा के जवाब की जांच के बाद एनसीपीसीआर ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए औपचारिक जांच शुरू करने का फ़ैसला लिया.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, आयोग की जांच का उद्देश्य लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना और मेटा की ओर से दाख़िल किए गए जवाब की भी पड़ताल करना है.
मनवाधिकार आयोग दिल्ली पुलिस को दे चुका जांच के निर्देश
इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी पहले दिल्ली पुलिस को जांच के निर्देश दे चुका है. मानवाधिकार आयोग ने मेटा के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम पर भारत में चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज़ मटेरियल को बढ़ावा देने वाले पेड विज्ञापनों के आरोपों की जांच करने को कहा था.
मानवाधिकार आयोग ने भी बीबीसी वर्ल्ड सर्विसेस की मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लिया था.
झारखंड हाई कोर्ट: 'महिला के घर में घुसना, कपड़े खींचना रेप का प्रयास नहीं', मोहम्मद सरताज़ आलम, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, अभियुक्त पहले ही ट्रायल के दौरान आठ महीने की जेल काट चुका, इसको ध्यान में रखते हुए अदालत ने मामला समाप्त कर दिया. (फ़ाइल फ़ोटो: झारखंड हाई कोर्ट)
झारखंड हाई कोर्ट ने 26 साल पुराने मामले में फ़ैसला सुनाते हुए कहा है कि रात के समय किसी महिला के घर में घुसकर उसके कपड़े खींचने की कोशिश करना रेप का प्रयास नहीं माना जा सकता.
जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश में संशोधन किया और इसे रेप की बजाय महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और आपराधिक बल प्रयोग का मामला बना दिया.
क्या था पूरा मामला?
मामला 27 दिसंबर 1999 का है, जब ज़िला पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया थाने में रेप के प्रयास से संबंधित एक एफ़आईआर दर्ज हुई थी.
इसमें महिला ने आरोप लगाया था कि अभियुक्त आधी रात को उसके घर में जबरन घुस आया और रेप की नीयत से उसके कपड़े खींचने की कोशिश की.
तब इस मामले में दर्ज हुई एफ़आईआर पर पुलिस ने अभियुक्त को रेप के प्रयास का दोषी मानते हुए चार्जशीट दाख़िल की.
इसके बाद स्थानीय घाटशिला सेशन कोर्ट ने 25 जुलाई 2006 को अभियुक्त को दोषी करार देते हुए चार साल कैद की सज़ा सुनाई थी.
इसके बाद व्यक्ति ने इस सज़ा के ख़िलाफ़ झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की. इस मामले में जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने फ़ैसला सुनाया.
अदालत ने मामले में आईपीसी की धारा 354 के तहत महिला की गरिमा भंग करने और आपराधिक बल के इस्तेमाल का मामला माना. अभियुक्त को पहले सुनाई गई 4 साल की सज़ा के बजाय 8 महीने की सज़ा को पर्याप्त माना.
अदालत का तर्क और फ़ैसला
यह फ़ैसला 31 अगस्त को सुनाया गया था और सोमवार को जारी किया गया.
जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा, "रेप के प्रयास के लिए ऐसा विशिष्ट प्रत्यक्ष कृत्य होना ज़रूरी है, जो रेप किए जाने के क़रीब हो."
अदालत ने स्पष्ट किया कि महज़ ऐसा कृत्य, जो रेप की ओर बढ़ने का संकेत देता हो, आईपीसी के तहत रेप के प्रयास के लिए पर्याप्त नहीं है.
इसी आधार पर अदालत ने दोषसिद्धि को आईपीसी की धारा 354 के अपराध तक सीमित किया और 8 माह की सज़ा को मामले के लिए पर्याप्त माना.
अभियुक्त पहले ही ट्रायल के दौरान आठ महीने की जेल काट चुका, इसको ध्यान में रखते हुए अदालत ने मामला समाप्त कर दिया.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने मुस्लिम देशों से की ये अपील
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इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने सोमवार को इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के नवनियुक्त सेक्रेटरी जनरल इस्माइल ओल्द शेख़ अहमद से फ़ोन पर बातचीत की.
इस दौरान उन्होंने ओल्द शेख़ अहमद को ओआईसी सेक्रेटरी जनरल चुने जाने पर बधाई दी और उनके नए कार्यकाल के लिए सफलता की कामना की.
ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "अराग़ची ने अमेरिकी और इसराइली हमले के बाद क्षेत्र में बने हालात से ओआईसी महासचिव को अवगत कराया. ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन के ख़िलाफ़ मुस्लिम देशों से ज़िम्मेदार रुख़ अपनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. साथ ही, बल प्रयोग और आक्रामक कार्रवाई का विरोध करने की आवश्यकता बताई."
अराग़ची ने मुस्लिम दुनिया के सामने मौजूद गंभीर परिस्थितियों और चुनौतियों का भी उल्लेख किया.
आधिकारिक बयान के मुताबिक़, उन्होंने ख़ास तौर पर फ़लस्तीन और लेबनान में इसराइल की जारी सैन्य कार्रवाई का ज़िक्र किया और वहां के लोगों को समर्थन देने पर ज़ोर दिया.
उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रमों के संबंध में इस्लामिक देशों को एकजुट और प्रभावी रुख़ अपनाना चाहिए.
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सीजेपी नेताओं पर दायर किया 2 करोड़ का मानहानि का केस
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इमेज कैप्शन, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और उसके नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट में 2 करोड़ रुपये का मानहानि मुक़दमा दायर किया है.
लाइव लॉ मुताबिक़, यह मुक़दमा 5 सितंबर को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सौरव दास और आशुतोष रांका की ओर से किए गए एक पोस्ट को लेकर दायर किया गया है.
भाटिया का आरोप है कि दास और रांका ने उनके किसी वास्तविक बयान की आलोचना या उस पर असहमति जताने तक ख़ुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके नाम से ऐसे बयान को जोड़कर सार्वजनिक किया, जो उन्होंने कभी दिया ही नहीं.
मानहानि याचिका में कहा गया है, "आपत्तिजनक कंटेंट के साथ भाटिया की तस्वीर लगाई गई और उसके बाद एक फ़र्ज़ी बयान प्रकाशित किया गया. इससे लोगों के बीच यह ग़लत संदेश गया कि वह बयान भाटिया ने ही दिया था."
मुक़दमे में सीजेपी और उसके नेताओं पर न्यायपालिका की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले बयान और पोस्ट लगातार जारी करने का भी आरोप लगाया गया है.
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इस देश के प्रधानमंत्री पाते हैं सबसे ज़्यादा सैलरी, अब हुई और भी बढ़ोतरी, टेसा वोंग, बीबीसी न्यूज़, एशिया डिजिटल रिपोर्टर, सिंगापुर
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इमेज कैप्शन, सिंगापूर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग का सालाना वेतन 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर हो जाएगा.
सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री समेत मंत्रियों और अन्य शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों के सालाना वेतन में बढ़ोतरी का फ़ैसला किया है.
इस बढ़ोतरी के बाद प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग का सालाना वेतन 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर हो जाएगा.
इससे पहले उनका सालाना वेतन 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर था, जिसमें अब 60 फ़ीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. वह दुनिया के सबसे ज़्यादा वेतन पाने वाले नेता हैं. नई सैलरी लागू होने से पहले भी वह दुनिया के अन्य नेताओं के मुक़ाबले सबसे ज़्यादा वेतन पाने वाले नेता थे.
वोंग ने कहा है कि वह वेतन में हुई इस बढ़ोतरी की रकम अगले पाँच वर्षों के लिए चैरिटी में दान करेंगे.
सरकार के इस फ़ैसले को लेकर सिंगापुर में आलोचना भी हो रही है. देश में रोज़गार को लेकर पहले से ही लोगों के बीच चिंता बनी हुई है. ऐसे में शीर्ष नेताओं के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सालाना 4 लाख डॉलर का वेतन मिलता है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम की सालाना आय क़रीब 2.3 लाख डॉलर है.
मुंबई में पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले दो संदिग्ध हिरासत में लिए गए
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी का बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में कार्यक्रम था, इससे पहले संदिग्ध हिरासत में लिए गए (फ़ाइल फ़ोटो)
महाराष्ट्र के मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है.
यह कार्रवाई पीएम मोदी के मंगलवार शाम बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में एक कार्यक्रम में शामिल होने से पहले हुई.
पुलिस के मुताबिक़, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का अधिकारी बनकर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने वाले 24 वर्षीय युवक और उसके कथित सशस्त्र बॉडीगार्ड को हिरासत में लिया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि युवक ने ख़ुद को पीएमओ का अधिकारी बताकर बांद्रा ईस्ट स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में प्रवेश किया था. उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड के पास से एक हथियार भी बरामद किया गया है.
कार्यक्रम स्थल पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस अधिकारियों को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. इसके बाद उन्होंने दोनों को रोककर पूछताछ की.
पुलिस के अनुसार, युवक पीएमओ से संबंधित कोई वैध पहचान-पत्र या अन्य प्रमाण पेश नहीं कर सका. इसके बाद युवक और उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड को हिरासत में ले लिया गया. बाद में दोनों को पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया.
मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट और स्थानीय पुलिस कर रही है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों से पूछताछ के साथ पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है.
राहुल गांधी बोले, 'भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य...'
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मध्य प्रदेश में शासन और जवाबदेही का अभाव है (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में ज़हरीली शराब से हुई मौतों को लेकर राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला.
उन्होंने आरोप मंगलवार लगाया कि प्रदेश में शासन और जवाबदेही का अभाव है और हादसों के बाद केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज़ बची ही नहीं. ज़हरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है. मगर पूरे मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा - कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है."
"कुछ ही वक्त पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई. पिछले साल ज़हरीली कफ़ सिरप से जाने कितने छोटे बच्चों की जान चली गई. दवा ज़हरीली. शराब ज़हरीली. पानी ज़हरीला. नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है - अगले हादसे तक."
उन्होंने लिखा, "20 साल से ज्यादा समय से BJP की सरकार मध्यप्रदेश में है. हादसे की कोई रोकथाम नहीं, उसके बाद नाम की कार्रवाई - कहां है जवाबदेही? आखिर कब तक लोगों की जान की कीमत सिर्फ हादसे के बाद की कार्रवाई होगी?"
राहुल गांधी ने इन मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सागर जिले में कथित ज़हरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया है.
अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर इलाज के दौरान एक और व्यक्ति की मौत हो गई. हादसे के बाद करीब 96 लोगों का चार अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें सात की हालत गंभीर बताई जा रही है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले पर कहा था कि उनकी सरकार ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने बताया था कि जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और 'सख्त से सख्त' क़दम उठाने को कहा है.
भारत-चीन के बीच पहली बार हुई इस लेवल की मीटिंग, विदेश मंत्रालय ने साझा की जानकारी
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इमेज कैप्शन, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को बताया कि भारत और चीन के बीच सीनियर हाईएस्ट मिलिट्री कमांडर लेवल की पहली फ़्लैग मीटिंग 6 और 7 सितंबर को हुई.
उन्होंने कहा कि यह बैठक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय पक्ष के वाचा में और चीनी पक्ष की ओर दमाई में हुई.
रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया, "भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में बनी सहमतियों के बाद यह प्रक्रिया आगे बढ़ी. इसके तहत परामर्श एवं समन्वय के लिए गठित वर्किंग मैकेनिज़्म फ़ॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन की बैठकें भी हुईं."
उन्होंने कहा कि ये बैठक मई में बीजिंग और अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित की गई थी.
वहीं, ब्रिक्स से जुड़े सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इससे जुड़ी जानकारी जल्द साझा की जाएगी.
गौरतलब है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने को लेकर अभी स्थिति साफ़ नहीं है.
कार्टून: तो इनका क्या होता?
इमेज कैप्शन, हिंदू समूह के दौरे के समय महिला स्टाफ को हटाने के मामले पर आज का कार्टून
सत्य निकेतन इमारत हादसा: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, 10 सितंबर को होगी सुनवाई
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इमेज कैप्शन, सीनियर एडवोकेट अजीत कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंज़िला इमारत गिरने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट 10 सितंबर को (शुक्रवार) को सुनवाई करेगा.
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है. सीनियर एडवोकेट अजीत कुमार सिन्हा ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी.
लाइव लॉ के मुताबिक़, यह मामला देशभर में बिल्डिंग बायलॉज़ के उल्लंघन और आवासीय परिसरों को अनधिकृत तरीक़े से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तब्दील किए जाने से जुड़ा है.
सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाख़िल कर 6 सितंबर को सत्य निकेतन में हुई इमारत गिरने की घटना का भी उल्लेख किया है. उन्होंने कोर्ट से आगे के निर्देश जारी करने की मांग की है.
स्टेटस रिपोर्ट में दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास संचालित पीजी आवास, निजी हॉस्टल और इसी तरह इमारतों का निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश देने की मांग की गई है.
वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस घटना को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रहा है और कई निर्देश जारी कर चुका है.
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि हाई कोर्ट में लंबित पीआईएल के मुद्दे सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले से काफ़ी हद तक जुड़े हुए हैं.
उन्होंने संकेत दिया कि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित इस जनहित याचिका को अपने पास ट्रांसफ़र कर सकता है.
सऊदी अरब में हुए हूती हमलों पर पाकिस्तान ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने हूतियों की ओर से किए गए हमलों को 'कायरतापूर्ण' बताया (फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी अरब में हुए हूती हमले की मंगलवार को कड़ी निंदा की है.
शहबाज़ शरीफ़ ने मंगलवार को कहा कि यह एक कायरतापूर्ण हमला था, जो बेगुनाह लोगों की जान के लिए ख़तरा था.
सऊदी अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि हूतियों की ओर से ड्रोन और मिसाइलों से किए गए हमलों में ज़्यादा लोग घायल हुए और कई जगहों पर आग लग गई.
इनमें किंग ख़ालिद एयर बेस, अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सरकारी तेल कंपनी अरामको की यूनिट्स भी शामिल हैं.
शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं सऊदी अरब में नागरिकों और ऊर्जा से जुड़ी जगहों-ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हूतियों के कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं. इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं."
"पाकिस्तान सऊदी के किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद, उनके शाही उत्तराधिकारी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और वहां के लोगों के साथ पूरी तरह खड़ा है."
उन्होंने लिखा, "इस तरह के कायराना हमले बेगुनाह लोगों की जान के साथ-साथ क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए भी ख़तरा हैं. हम सऊदी अरब की संप्रभुता, सुरक्षा और उसकी सीमाओं की पूरी तरह रक्षा के लिए अपना समर्थन दोहराते हैं और सभी घायलों के जल्द ठीक होने की दुआ करते हैं."
गौरतलब है कि हाल ही में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौता हुआ था. इसके तहत यदि इन तीनों देशों में से किसी एक पर भी हमला होता है, तो तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और देशों की सेनाएं मिलकर जवाब दे सकेंगी.
भारत आएंगे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, पीएम मोदी से करेंगे मुलाक़ात
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इमेज कैप्शन, पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक के एजेंडे में व्यापार और आर्थिक सहयोग प्रमुख मुद्दों में शामिल होंगे (फ़ाइल फ़ोटो)
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आएंगे. वो 11 सितंबर (शुक्रवार) को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी है. उन्होंने ये भी बताया है कि बैठक के एजेंडे में व्यापार और आर्थिक सहयोग प्रमुख मुद्दों में शामिल होंगे.
दिमित्री पेस्कोव ने यह भी कहा कि रूस शांति समाधान की कोशिशों में भारत के सहयोग का स्वागत करता है.
उन्होंने रूसी कच्चे तेल की ख़रीद करने वाले देशों पर अमेरिका की ओर से 100 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाए जाने के प्रस्ताव पर भी प्रतिक्रिया दी.
पेस्कोव ने इस तरह के क़दम को “अवैध और अस्वीकार्य” बताया.
गौरतलब है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने को लेकर अभी स्थिति साफ़ नहीं है.
ईरान की अमेरिका को नई चेतावनी- हमने अपनी सैन्य रणनीति बदल ली है
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इमेज कैप्शन, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मेजर जनरल मोहसिन रेज़ाई (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान ने अमेरिका को नई चेतावनी देते हुए कहा है कि उसने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव किया है.
यह दावा ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मेजर जनरल मोहसिन रेज़ाई ने किया है.
मोहसिन रेज़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, "हाल के दिनों में ईरान की नई मिसाइलों से वॉशिंगटन को साफ़ चेतावनी मिल गई है. आर्थिक युद्ध का जवाब फ़ारस की खाड़ी में समुद्री रास्तों को रोककर और नाकाबंदी करके दिया जाएगा. अमेरिकी युद्धपोतों और ठिकानों के खिलाफ़ कार्रवाई के तरीक़े में पूरी तरह बदलाव किया गया है."
दरअसल, इससे पहले अमेरिका की ओर से भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद ईरान की ओर से जवाब दिया गया है.
दो दिन पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को चेतावनी देते हुए कहा था, "अगर ईरान ने अमेरिकी दो जहाज़ों पर हमला किया, तो अमेरिका उस पर भारी आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा और उसके तीन जहाज़ों को नष्ट कर देगा."
हाई कोर्ट का आदेश: मुस्लिम महिला को जबरन बांग्लादेश भेजने के मामले में असम सरकार देगी दो लाख रुपये
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गुवाहाटी हाई कोर्ट ने असम सरकार को भारत से बांग्लादेश में एक बंगाली भाषी मुस्लिम महिला को 'पुशबैक' के लिए 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.
यह पहली बार है कि किसी राज्य सरकार को भारत से बांग्लादेश में किसी व्यक्ति को भेजने में निर्वासन नियमों का उल्लंघन करने के लिए अदालती खर्च या मुआवजा देने के लिए कहा गया है.
बीबीसी की बांग्ला सेवा के मुताबिक़, गुवाहाटी हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने के बाद मुमताज बेगम के परिवार को पता चला कि उन्हें जबरन भारत से बांग्लादेश निर्वासित कर दिया गया था.
हाई कोर्ट ने भारतीय विदेश मंत्रालय को भी इस मामले में पक्षकार बनाया है.
अदालत ने कहा कि वह भारत सरकार को बांग्लादेश में महिला का पता लगाने और उसे भारत वापस लाने के लिए "कोशिश करने" का आदेश देगी.
हाई कोर्ट ने असम के नगांव फॉरनर्स ट्रिब्यूनल की ओर से मुमताज बेगम को बांग्लादेश भेजने के मामले में निभाई गई भूमिका पर भी कड़ी असंतोष व्यक्त किया है.
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ब्रिक्स सम्मेलन के लिए शी जिनपिंग भारत आएंगे या नहीं, चीन के विदेश मंत्रालय ने क्या बताया
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने को लेकर अभी स्थिति साफ़ नहीं है.
चीन ने मंगलवार को शी जिनपिंग के सम्मेलन में हिस्सा लेने की संभावना पर कोई साफ़ जवाब नहीं दिया है.
चीन के सरकारी मीडिया आउटलेट ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़ चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन ब्रिक्स सहयोग को काफी अहमियत देता है और इस साल ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए भारत का समर्थन करता है.
माओ निंग से पूछा गया था कि क्या चीन यह पुष्टि कर सकता है कि नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में चीन की ओर से कौन शामिल होगा और सम्मेलन को लेकर चीन की क्या उम्मीदें हैं.
इस पर उन्होंने कहा, "आपके इस सवाल के बारे में फिलहाल मेरे पास साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है."
माओ निंग का यह बयान ऐसे समय आया है, जब शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं.
चीन की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उसका प्रतिनिधित्व कौन करेगा.
पीएम मोदी के ख़िलाफ़ मानहानि वाले मामले में राहुल गांधी की याचिका ख़ारिज
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ राहुल गांधी की एक टिप्पणी को लेकर मानहानि का मुक़दमा चल रहा है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने इससे जुड़े मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की याचिका ख़ारिज कर दी.
क़ानूनी मामलों की ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक़ जस्टिस एनआर बोरकर ने यह आदेश राहुल गांधी की उस याचिका पर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने ख़िलाफ़ समन जारी करने के आदेश को रद्द करने की मांग की थी.
हालांकि अदालत ने राहुल गांधी को इस मामले में मजिस्ट्रेट अदालत में पेश होने से छह हफ्ते की राहत दी है.
इस दौरान उन्हें हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का मौका मिलेगा.
यह मानहानि का मामला बीजेपी नेता महेश श्रीमल ने गिरगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट में दायर किया था.
शिकायतकर्ता का आरोप था कि सितंबर 2018 में राहुल गांधी ने राजस्थान में एक रैली की थी और उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मानहानि करने वाले बयान दिए थे.