अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर कहां किया हवाई हमला, डेविड ग्रिटेन

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सऊदी अरब और अमेरिका ने बुधवार को इराक़ में ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए.
अमेरिका ने इसे अपने सैनिकों और सऊदी के ऊर्जा ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है.
वहीं, ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ (पीएमएफ़) ने दावा किया है कि इन हमलों में उसके कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई है और 32 अन्य घायल हुए हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा, "हमले इराक़ के पूर्वी हिस्से में मौजूद ईरान समर्थित आतंकवादी ठिकानों पर किए गए. पिछले 72 घंटों में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के निर्देश अमेरिकी बलों और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर 30 से अधिक ड्रोन हमले किए गए थे, जिन्हें विफल कर दिया गया."
सेंटकॉम ने दावा किया कि मंगलवार को ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला करने की भी कोशिश की थी, लेकिन इन्हें इंटरसेप्ट कर लिया गया.
वहीं, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी एयरबेस और कमांड सेंटर को अमेरिका की 'आक्रामक कार्रवाइयों' के जवाब में निशाना बनाया.
आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसकी नौसेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों पर कार्रवाई की, क्योंकि वे चेतावनी के बावजूद वहां से गुज़र रहे थे.
दूसरी ओर, पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ (पीएमएफ़) ने अमेरिका और सऊदी अरब के हमलों को इराक़ की संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया.




















