लाइव, अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर कहां किया हवाई हमला

सऊदी अरब और अमेरिका ने बुधवार को इराक़ में ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए.

सारांश

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  • जापान में मंगलवार को भूकंप आय था
  • शर्मिला धनखड़ ने गोल्ड मेडल जीता है
  • ये नज़ारा चीन के अनहुई प्रांत का है
  • धर्मेंद्र प्रधान
  • तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, ये है मामला
  • पीएम मोदी
  • राहुल गांधी

लाइव कवरेज

संदीप राय, रौनक भैड़ा

  1. अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर कहां किया हवाई हमला, डेविड ग्रिटेन

    इराक़

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    इमेज कैप्शन, पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ (पीएमएफ़) ने दावा किया है कि इन हमलों में उसके कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई है और 32 अन्य घायल हुए हैं

    सऊदी अरब और अमेरिका ने बुधवार को इराक़ में ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए.

    अमेरिका ने इसे अपने सैनिकों और सऊदी के ऊर्जा ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है.

    वहीं, ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ (पीएमएफ़) ने दावा किया है कि इन हमलों में उसके कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई है और 32 अन्य घायल हुए हैं.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा, "हमले इराक़ के पूर्वी हिस्से में मौजूद ईरान समर्थित आतंकवादी ठिकानों पर किए गए. पिछले 72 घंटों में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के निर्देश अमेरिकी बलों और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर 30 से अधिक ड्रोन हमले किए गए थे, जिन्हें विफल कर दिया गया."

    सेंटकॉम ने दावा किया कि मंगलवार को ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला करने की भी कोशिश की थी, लेकिन इन्हें इंटरसेप्ट कर लिया गया.

    वहीं, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी एयरबेस और कमांड सेंटर को अमेरिका की 'आक्रामक कार्रवाइयों' के जवाब में निशाना बनाया.

    आईआरजीसी ने यह भी कहा कि उसकी नौसेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों पर कार्रवाई की, क्योंकि वे चेतावनी के बावजूद वहां से गुज़र रहे थे.

    दूसरी ओर, पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ (पीएमएफ़) ने अमेरिका और सऊदी अरब के हमलों को इराक़ की संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया.

  2. कोयला घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ मामला बंद किया, कांग्रेस ने क्या कहा

    मनमोहन सिंह

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    इमेज कैप्शन, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ कोयला घोटाला मामले में सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट स्वीकार करते हुए उनके ख़िलाफ़ चल रही कार्यवाही को समाप्त कर दिया.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की पीठ ने 2015 में ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी समन को चुनौती देने वाली मनमोहन सिंह की याचिका स्वीकार कर ली.

    अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के पास सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट ख़ारिज करने और मामले में संज्ञान लेने का कोई ठोस आधार नहीं था.

    यह फ़ैसला डॉ मनमोहन सिंह के निधन के डेढ़ साल से अधिक समय बाद आया है. उनका निधन 26 दिसंबर 2024 को हुआ था.

    सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से माफ़ी की मांग की है.

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कोर्ट के फ़ैसले को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री देश से माफ़ी मांगें."

    इस पर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन वास्तव में करप्शन अगेंस्ट इंडिया था."

  3. अभी तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से बढ़ सकते हैं.

  4. राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा, अमित शाह पर लगाया शूटिंग का आदेश देने का आरोप

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, संसद में राहुल गांधी

    पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में कुछ ऐसा कहा जिस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने काफ़ी हंगामा किया.

    राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, "गृह मंत्री अमित शाह ने स्टूडेंट्स पर गोली चलाने का आदेश दिया था."

    उन्होंने कहा, "गृह मंत्री के अंदर इतनी हिम्मत नहीें है कि वो सदन में आकर बैठें. मैंने देखा कि 30 कारों के काफ़िले में गृहमंत्री कांपते हुए बैठे हुए थे. गृह मंत्री आज यहां क्यों नहीं है? गृह मंत्री ने स्टूडेंट्स पर शूटिंग का आदेश दिया था."

    इस पर सदन में भारी हंगामा हुआ और सत्तारूढ़ दलों के सांसदों ने उनसे माफ़ी मांगने को कहा.

    इससे पहले भाषण शुरू करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "कुछ युवा लड़कियों से मेरी बात हुई. मैंने उनसे पूछा कि आप स्टूडेंट हैं इसका क्या मतलब है. उस लड़की ने बहुत ख़ूबसूरत जवाब दिया. उसने कहा, स्टूडेंट वो है जिसका दिल और दिमाग खुला है. स्टूडेंंट जानते हैं कि उन्हें और जानना है और ब्रह्मांड लगातार बदल रहा है. इसलिए वो मानते हैं कि ज्ञान भी लगातार बदलता रहता है."

    "उसने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो स्टूडेंट नहीं होते, वे पूरी तरह मानते हैं कि उन्हें सब कुछ पता है और ज्ञान उनके अंदर से आता है. वो खुद को भगवान मानते हैं. वे अहंकारी हैं और किसी की नहीं सुनते. वे दूसरे के सच का सम्मान नहीं करते."

    इसके बाद सदन में भारी हंगामा होने लगा और सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने इसे आपत्तिजनक कहा.

    भारी हंगामे के बीच जब राहुल गांधी ने कहा कि अब वो भाषण नहीं देंगे और बैठ गए तो संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने आग्रह किया कि वो वह शब्द न इस्तेमाल करें और अपना भाषण जारी रखें.

    इससे पहले, जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को लेकर राहुल गांधी ने कहा, “मैं बहुत उत्साहित था. देश के भविष्य ने हमारी सड़कों पर जो दिखाया, उससे मुझे भरोसा मिला. यह गुस्सा नहीं था, हिंसा नहीं थी, नफ़रत नहीं थी.“

    “यह इस देश के युवाओं, इस देश की आने वाली पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी. मेरा मानना है कि सभी राजनीतिक दलों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए, जिसमें बीजेपी में मेरे मित्र भी शामिल हैं.“

    “मुझे पूरा भरोसा है कि अगर बीजेपी में मेरे मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उन्होंने अपने भाइयों और बहनों को जो करते देखा, उसके बारे में उनकी क्या भावना है, तो उन्हें अपने ही बच्चों के बीच सहमति मिलेगी. जो हुआ उसमें कुछ भी ग़लत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए.”

  5. भोपाल में किसानों का विशाल आंदोलन, सीएम आवास की ओर कूच की तैयारी, शुरैह नियाज़ी, भोपाल से बीबीसी हिन्दी के लिए

    किसान आंदोलन

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    भोपाल में लगभग तीन हज़ार किसानों ने सड़क पर डेरा डाल दिया है और वे मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने की तैयारी में हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग की 100 प्रतिशत खरीद की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के किसान मंगलवार को भोपाल की सीमा तक पहुंच गए थे.

    संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 19 किसान संगठनों के नेतृत्व में निकले किसानों ने राजधानी के दक्षिणी छोर पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी थी.

    किसान अपने साथ अनाज की बोरियां, बिस्तर, खाना बनाने के बर्तन और एक सप्ताह का राशन भी लेकर आए हैं. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

    किसानों की प्रमुख मांग है कि केंद्र सरकार तुअर, उड़द और मसूर की तरह मूंग की भी 100 प्रतिशत खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित करे. फ़िलहाल मूंग की खरीद मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत सीमित मात्रा में होती है, जिसके कारण बड़ी संख्या में किसानों को अपनी उपज खुले बाज़ार में एमएसपी से कम क़ीमत पर बेचनी पड़ती है. किसान खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग भी कर रहे हैं.

    किसान नेता संतोष पटवारी ने कहा कि पिछले 20 दिनों से प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला है. उनका कहना है कि किसानों को मूंग का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, इसलिए वे मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं.

    आंदोलन की शुरुआत नर्मदापुरम से हुई थी. वहां से किसान ओबेदुल्लागंज और रायसेन होते हुए भोपाल की ओर बढ़े. रास्ते में कई जगह पुलिस ने बैरिकेड लगाए और किसानों को रोकने की कोशिश की, जबकि प्रशासन ने उनसे भोपाल में प्रवेश करने के बजाय ज्ञापन सौंपने की अपील की.

    किसान संगठनों का आरोप है कि रायसेन, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम और बुधनी सहित कई ज़िलों में समर्थकों को भोपाल पहुंचने से रोकने के लिए सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए हैं. प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस की तैनाती केवल क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है.

    मूंग खरीद को लेकर तेज़ होता यह आंदोलन मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के सामने एक अहम राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.

    वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि उन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक समिति बनाई है, जो किसानों से संवाद करेगी और उनकी समस्याओं का समाधान तलाशेगी.

  6. जब प्रियंका बोलीं, 'सच्चाई के लिए सज़ा देना चाहें तो दें, मैं तो सच बोलूंगी'

    प्रियंका गांधी

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    इमेज कैप्शन, प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के बारे में टिप्पणी की थी, जिस पर विवाद हो रहा है

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर अपनी टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है.

    बुधवार को संसद के बाहर पत्रकारों से उन्होंने कहा, “उसमें असंसदीय क्या था? वह तो सिर्फ़ सच्चाई थी. अगर वे मुझे सच बोलने के लिए सज़ा देना चाहते हैं तो दें, मैं तो सच बोलूंगी."

    प्रियंका गांधी ने कहा, "आपने देखा है कि वीडियो मौजूद हैं, और यह सिर्फ़ एक घटना नहीं है. महिलाओं पर मैंगलुरु पब हमले में शामिल व्यक्ति को बीजेपी में किसने शामिल कराया था? प्रल्हाद जोशी ने. उन्हें पांच घंटे बाद या जब भी हो, निकाल दिया गया, लेकिन उन्हें पार्टी में शामिल कराए जाने की तस्वीर मौजूद है."

    "यह कोई एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि महिलाओं के प्रति उनके रवैये को दिखाती है.”

    लोकसभा में मंगलवार दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को पेश किया गया था. इस विधेयक में 2024 में बने क़ानून में बदलाव का प्रस्ताव है.

    इसके बाद बीजेपी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि प्रल्हाद जोशी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया और प्रियंका गांधी से माफ़ी मांगने को कहा.

    उन्होंने प्रियंका गांधी के बयान को 'गुमराह करने वाला, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' बताया.

    इसे लेकर सदन में काफ़ी हंगामा हुआ और उनकी टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की गई.

    हालांकि कांग्रेस नेताओं ने बयान का बचाव किया है.

  7. जंतर-मंतर पर गोली चलाने की वकालत करने वाले हिंदुत्व विचारक पर पुलिस ने दर्ज किया केस

    टीजी मोहनदास

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    इमेज कैप्शन, टीजी मोहनदास 'पत्रिका' नामक यूट्यूब चैनल चलाते हैं जिस पर उनके 2 लाख सब्सक्राइबर्स हैं

    केरल साइबर पुलिस ने दिल्ली में जेन ज़ी प्रदर्शन को लेकर दिए गए भड़काऊ बयान को लेकर आरएसएस नेता टीजी मोहनदास के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, यह मामला तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को निशाना बनाकर की गई उनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों के ख़िलाफ़ मिली शिकायतों के बाद दर्ज किया.

    टीजी मोहनदास के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में कथित तौर पर उन्होंने कहा था, "प्रदर्शनकारियों में ऐसी महिलाएं शामिल हैं जिन्हें बलात्कार पसंद है और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को पीटना चाहिए और उन पर गोली चलानी चाहिए."

    उन्होंने कहा था, "अगर मैं ज़िम्मेदारी में होता, तो जंतर-मंतर के चार वर्ग किलोमीटर के इलाके में कर्फ्यू लगा देता. मैं लोगों से तीन बार वहां से हटने के लिए कहता. इसके बाद गोली चलवा देता. लोग भाग जाते, कुछ मर जाते, कुछ बच जाते और कुछ के हाथ-पैर चले जाते. चार घंटे के भीतर स्थिति पूरी तरह शांत हो जाती."

    बार एंड बेंच के अनुसार, एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 192 और 353(1)(बी), आईटी एक्ट की धारा 66 और केरल पुलिस एक्ट की धारा 120(o) के तहत आरोप लगाए गए हैं.

    इन धाराओं में दंगा भड़काने के इरादे से उकसावे, हिंसा भड़काने के उद्देश्य से बयान प्रकाशित करने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने से जुड़े अपराधों के लिए सज़ा का प्रावधान है.

  8. यूक्रेन में कार्गो जहाज़ पर हमले में दो भारतीय नाविक सुरक्षित, दूतावास ने और क्या बताया

    कार्गो जहाज़

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    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने कार्गो जहाज़ एमवी एजीएन राग्नर पर हुए हमले को लेकर बयान जारी किया है.

    दूतावास ने एक्स पर जारी बयान में कहा, "एमवीएजीएन राग्नर से जुड़े घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है. यह जहाज़ कल ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आया था."

    बयान के अनुसार, 25 जुलाई को एमवी एजीएन राग्नर पर ओडेसा पोर्ट के पास हमला हुआ था. इस पर चार भारतीय नाविक सवार थे.

    ब्लैक सी में स्थित यह यूक्रेन का सबसे बड़ा पोर्ट है और 2022 से शुरू हुई रूस के साथ जंग में यह कई बार निशाने पर आ चुका है.

    दूतावास ने बताया, "जहाज़ पर चार भारतीय नागरिक सवार थे. इनमें से दो के सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है, जबकि बाकी दो के बारे में जानकारी का इंतज़ार है."

    दूतावास ने यह भी कहा कि खोज और बचाव अभियान जारी है और वह संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है.

    बयान के अनुसार, "भारतीय नाविकों से जुड़ी स्थिति की जानकारी भी हमारे संज्ञान में आई है. हम इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं और जहाज़ पर मौजूद सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित सभी पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं."

    भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में कांसुलर से संपर्क के लिए आपातकालीन नंबर (+380933559958) और मेल आईडी (cons.kyiv@mea.gov.in और cons1.kyiv@mea.gov.in) भी जारी किया है.

  9. पेपर लीक रोकने को लाए गए संशोधन क़ानून पर क्या बोले अखिलेश यादव

    अख़िलेश यादव

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    इमेज कैप्शन, अख़िलेश यादव ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि 20 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पेपर लीक रोकने के लिए संशोधन बिल पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने पूछा कि मौजूदा क़ानून के तहत अभी तक कितनी गिरफ़्तारियां हुई हैं?

    अखिलेश ने कहा, “ज़िम्मेदारी मौजूदा सरकार की है. सबसे ज़्यादा पेपर लीक बीजेपी सरकार के दौरान हुए हैं. जनता यह जानती है और यही कारण है कि इतनी बड़ी संख्या में युवा यहां दिल्ली में जुटे हैं."

    "यह विधेयक मौजूदा कानून में संशोधन है. पहले वाले कानून के तहत कितने लोगों को वास्तव में पकड़ा गया? केवल उत्तर प्रदेश में ही 20 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं."

    उन्होंने पूछा, "उन मामलों में कितने लोगों को गिरफ़्तार किया गया? सरकार को यह बताना चाहिए कि कितने लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हुई और कितनों को ग़िरफ़्तार किया गया. जब सरकार खुद और उसकी अपनी पार्टी के लोग ही इसमें शामिल हों, तो क़ानून से क्या उम्मीद की जा सकती है?”

    मंगलवार को लोकसभा में 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया गया था.

    बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार पर युवाओं की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया था.

    उससे पहले चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा था कि पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक भारतीय संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला क़ानून है.

  10. जापान: भूकंप से अब तक 13 लोगों की मौत, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

    जापान में भूकंप

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    जापान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आए तेज़ भूकंप में अब तक 13 लोगों की मौत हो गई है.

    प्रधानमंत्री सनाई तकाइची ने कहा कि राहत और बचाव दल 'समय के साथ होड़' कर रहे हैं.

    यह भूकंप मंगलवार को स्थानीय समयानुसार शाम 4:27 बजे क्यूशू द्वीप के अंदरूनी हिस्से में आया था. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसकी तीव्रता 6.8 बताई है.

    भूकंप के कारण कुमामोतो शहर के एक शॉपिंग मॉल में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मॉल की दूसरी मंजिल गिर गई.

    जापान के अधिकारियों ने बताया कि मॉल में कई लोग लापता हैं जबकि और एक फैक्ट्री की चिमनी गिरने से कई लोग घायल हैं.

    कुमामोतो प्रांत प्रशासन के अनुसार 9,872 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

    लगभग 36,700 घरों में बिजली आपूर्ति बाधित है.

    बुधवार सुबह स्थिति की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री तकाइची ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और आपातकालीन सेवाओं के प्रयासों की सराहना की.

    उन्होंने कहा, “अब भी कई लोग बचाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं. यह समय साथ होड़ है."

    प्रशासन ने लोगों से प्रभावित इलाकों से दूर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है. बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं.

  11. संसद परिसर में कार्ति चिदंबरम और निशिकांत दुबे के बीच किस बात पर हुई बहस

    कार्ति चिदंबरम और निशिकांत दुबे

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    इमेज कैप्शन, कार्ति चिदंबरम और निशिकांत दुबे (फ़ाइल फ़ोटो)

    मंगलवार की रात संसद परिसर में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बीच बहस हो गई.

    रात क़रीब 10 बजे निशिकांत दुबे ने एक्स पर पोस्ट किया, "उन्होंने स्वीकार किया कि सांसद ब्रिटिश कम्पनी में डायरेक्टर थे."

    एएनआई पर जारी वीडियो में कार्ति चिदंबरम कहते सुनाई देते हैं- नॉमिनी डायरेक्टर कंपनी से लिंक होता है..., इस पर निशिकांत दुबे सवाल करते हैं- डायरेक्टर क्यों हैं.

    इसके जवाब में कार्ति चिदंबरम कहते सुनाई देते हैं, "मैं आपको विस्तार से समझाउंगा कि कंपनियां कैसे काम करती हैं."

    दरअसल उस समय कार्ति चिदंबरम संसद में जा रहे थे और निशिकांत दुबे अपने कार में बैठे हुए थे.

    बाद में कार्ति चिदंबरम ने एएनआई से कहा, "मुझे नहीं लगता कि दुबे को यह समझ है कि ब्रिटेन में कंपनियां कैसे रजिस्टर होती हैं, कहां स्थित होती हैं या कैसे चलाई जाती हैं. मैं कल उन्हें मुफ़्त में ट्यूटोरियल देने के लिए तैयार हूँ."

    दरअसल, निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था, “एक भारतीय सांसद हैं जिन्होंने 2003 में ‘बैकप्स लिमिटेड यूके’ नाम की कंपनी रजिस्टर कराई थी. इसका रजिस्टर्ड पता 2 फ़्रांगल वे, लंदन है. इसके दो निदेशक हैं, जिनमें एक का नाम लवग्रोव और दूसरे का नाम मैकनाइट है. लवग्रो 1,056 कंपनियों में निदेशक हैं, जबकि मैकनाइट करीब 256 कंपनियों में निदेशक हैं."

    "इसके अलावा उसी पते 2 फ़्रांगल वे पर 60 अन्य कंपनियां भी रजिस्टर्ड हैं. उन 60 कंपनियों में कई टीवी चैनल भी शामिल हैं, जिनका एकमात्र काम भारत में घटनाओं को सनसनीख़ेज़ बनाना और राष्ट्रविरोधी ताकतों को एकजुट करना रहा है."

    "इसलिए मैं संसद में यह पूरा मामला उठाऊंगा कि वह सांसद कौन हैं और उन्होंने यह कंपनी कैसे रजिस्टर कराई? उनका लवग्रोव और मैकनाइट से क्या संबंध है?

  12. गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, 10,000 मीटर की दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय

    गुलवीर सिंह

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    इमेज कैप्शन, गुलवीर सिंह

    भारत के स्टार धावक गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में मंगलवार को इतिहास रच दिया.

    2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर वह इस इवेंट में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय बने.

    27 वर्षीय गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहे.

    इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने जीता, जबकि डेविड मुलार्की ने कांस्य पदक अपने नाम किया.

    यह उपलब्धि इसलिए भी ख़ास रही क्योंकि लंबी दूरी की दौड़ में परंपरागत रूप से मजबूत माने जाने वाले कीनिया और युगांडा के धावक इस बार पोडियम में जगह नहीं बना सके.

    गुलवीर सिंह को भारत का सर्वश्रेष्ठ लंबी दूरी धावक माना जाता है और ग्लासगो में उनका यह प्रदर्शन उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है.

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन भारत का यह दूसरा मेडल था. हरजिंदर कौर महिला 69 किलोग्राम भार वर्ग में वेटलिफ़्टिंग में दूसरे नंबर रहीं.

    इसके साथ ही भारत के कुल मेडल्स की संख्या 12 पहुंच गई है.

  13. ट्रंप ने चीन पर लगाया ये बैन, इस टेक्नोलॉज़ी को बताया सुरक्षा के लिए 'बड़ा ख़तरा'

    शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका और चीन के बीच एआई क्षेत्र में बढ़त को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा है

    ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को अमेरिका में ह्यूमनॉइड रोबोटों के नए आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है.

    प्रशासन ने कहा कि ये रोबोट देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 'जोखिम' पैदा कर सकते हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

    यह प्रतिबंध उन्नत रोबोटों पर लागू होगा, जिनमें ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट शामिल हैं. इनमें से कई रोबोट चीन में बनाए जाते हैं.

    चीन और अमेरिका इस समय रोबोटिक्स और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में बढ़त हासिल करने की प्रतिस्पर्धा में हैं.

    ह्यूमेनॉयड रोबोट

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी प्रशासन ने ह्यूमनॉइड रोबोटों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा माना है

    अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफ़सीसी) ने पावर इन्वर्टर के आयात पर भी रोक लगा दी है. इन्वर्टर का इस्तेमाल डेटा सेंटर और सोलर पैनलों में होता है.

    एफ़सीसी का कहना है कि ये उपकरण अमेरिकी अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं.

    एफ़सीसी के अध्यक्ष ब्रेंडन कार ने कहा कि एजेंसी 'अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित करने' के लिए अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही है.

    एफ़सीसी ने इन रोबोटों और इन्वर्टरों को अपनी 'कवर्ड लिस्ट' में शामिल कर लिया है.

    इस सूची में उन वस्तुओं और सेवाओं को रखा जाता है जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित ख़तरा माना जाता है.

    अभी तक चीन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है.

  14. ईरान ने मध्य पूर्व के अमेरिकी ठिकानों पर 'अचानक हमला' बोला

    ईरान मिसाइल

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेना ने कहा है कि सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया गया

    अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान ने मध्य पूर्व में उसके ठिकानों पर 'अचानक हमला' कर दिया और कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.

    हालाँकि अमेरिकी सेना का कहना है कि सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक़ हमला मंगलवार शाम को हुआ. संभावित निशानों या ठिकानों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.

    इसके जवाब में अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाओं ने पूर्वी इराक़ में 'ईरान समर्थित आतंकवादी ठिकानों' पर संयुक्त कार्रवाई की.

    सेंटकॉम ने कहा कि यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों में अमेरिकी ठिकानों पर हुए 30 ड्रोन हमलों के जवाब में की गई, जिनके पीछे ईरान का समर्थन होने का आरोप है.

    तेहरान ने अभी तक इन आरोपों या कथित मिसाइल हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    ये जवाबी हमले ऐसे समय में हुए जब अमेरिका और ईरान के बीच कुछ दिनों से सीधे हमले नहीं हुए थे और बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ 'बहुत दोस्ताना बातचीत' होने की बात कही थी.

    ताज़ा घटनाओं ने दोनों देशों के बीच बनी अस्थायी शांति को फिर से ख़तरे में डाल दिया है और मध्य पूर्व में तनाव दोबारा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है.

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