ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को अदालत की अवमानना के आरोप में नोटिस, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को अदालत की अवमानना के आरोप में नोटिस भेजा है.
उन पर बीते साल 21 जुलाई को महानगर की मुख्य सड़क को बंद कर, पार्टी की शहीद रैली के आयोजन का आरोप है.
साल 2018 में हाई कोर्ट ने कहा था कि किसी भी सभा या रैली के लिए महानगर की किसी प्रमुख सड़क को बंद नहीं किया जा सकता.
आरोप है कि टीएमसी ने उस निर्देशों की अनदेखी कर बीते साल शहीद दिवस रैली आयोजित की थी.
तृणमूल कांग्रेस पर अदालत की अवमानना का आरोप लगाते हुए हाल में हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. शुक्रवार को न्यायाधीश अरिजीत बंदोपाध्याय और न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा की खंडपीठ के समक्ष उस पर सुनवाई के बाद अदालत ने अवमानना का नोटिस भेजने का निर्देश दिया.
इस मामले की अगली सुनवाई तीन जुलाई को होगी.
साल 1993 में राज्य सचिवालय अभियान के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की याद में टीएमसी हर साल 21 जुलाई को कोलकाता में शहीद रैली का आयोजन करती रही है.
महानगर की सड़कों पर आवाजाही रोक कर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से सभा के आयोजन के मुद्दे पर टीएमसी समेत 38 राजनीतिक दलों के ख़िलाफ़ दायर एक जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने कहा था कि सभा के लिए किसी भी बड़ी या प्रमुख सड़क को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता.
कोर्ट ने कहा था कि पैदल चलने वाले और वाहनों की आवाजाही के लिए उसका एक हिस्सा हमेशा खुला रखना होगा.
अदालत ने कहा था कि ज़रूरत पड़ने पर विकल्प रास्ते की भी व्यवस्था करनी होगी और आम लोगों को मीडिया के जरिए पहले से इसकी जानकारी देनी होगी.
अब इस मामले में दायर एक याचिका में आरोप लगाया है कि साल 2025 में टीएमसी ने अदालत के उक्त निर्देश का पालन नहीं किया था.























