नेहा बोरा बोलीं- 'बीजेपी लोकतंत्र और संविधान की दुश्मन है'
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इमेज कैप्शन, नेहा बोरा ने कहा, "मतदाताओं के अधिकारों पर हमला भारत और लोकतंत्र पर हमला है"
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने मंगलवार को दिल्ली में इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर जमकर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, "जब हम कहते हैं कि यह लड़ाई जनता बनाम बीजेपी की है, तब हम एक ऐसे दुश्मन की बात कर रहे होते हैं, जो इस देश के लोगों, भारतीय लोकतंत्र और संविधान का दुश्मन है. उसका नाम बीजेपी है."
नेहा बोरा ने कहा, "अगर बीजेपी सोचती है कि वह लोकतंत्र की नींव पर हमला करेगी और जब लोग अपने वोट के अधिकार की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेंगे, तो उनसे प्रदर्शन का अधिकार भी छीन लेगी, तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा."
उन्होंने कहा, "मतदाताओं के अधिकारों पर हमला भारत और लोकतंत्र पर हमला है."
नेहा बोरा ने आरोप लगाया, "एसआईआर प्रक्रिया के साथ समझौता हो चुका है, इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा."
टीएमसी का दावा- ममता बनर्जी पर एक महिला ने चाकू से हमले की कोशिश की
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इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फ़ाइल फ़ोटो)
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और पूर्व सांसद साकेत गोखले ने दावा किया है कि एक महिला ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करने की कोशिश की.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नशे की आदी एक महिला ममता बनर्जी के घर तक पहुंच गई और उन पर चाकू से हमला करने की कोशिश की.
गोखले ने लिखा, "बंगाल की स्थिति ऐसी है कि ज़ेड प्लस सुरक्षा प्राप्त और तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी नेता भी सुरक्षित नहीं हैं. क्या यह भाजपा की कोई सुनियोजित साज़िश थी, क्योंकि दीदी दिल्ली में उन्हें चुनौती देने के लिए दृढ़ हैं?"
उन्होंने पुलिस शिकायत की एक कॉपी भी शेयर की है. इसमें लिखा है कि आज शाम क़रीब छह बजे एक महिला आक्रामक हालत में वहां पहुंची और उसने चाकू से ममता बनर्जी पर हमला करने की कोशिश की.
शिकायत के मुताबिक़ उसने खुद को ममता बनर्जी की भतीजी होने का दावा भी किया.
हालांकि अभी तक इस मामले पर पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है.
ब्रिटेन की ख़ुफ़िया एजेंसी की चेतावनी- रूस सबसे बड़ा ख़तरा, एआई और ईरान से भी सावधान रहने की ज़रूरत
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इमेज कैप्शन, एमआई5 के प्रमुख सर केन मैककैलम ने सेंट्रल लंदन स्थित एमआई5 मुख्यालय में अपना वार्षिक संबोधन दिया
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई5 के प्रमुख केन मैककैलम ने कहा है कि रूस इस समय ब्रिटेन और उसके सहयोगी देशों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा ख़तरा बना हुआ है.
उन्होंने रूस को "आक्रामक नंबर एक" बताते हुए कहा कि रूस से जुड़े ख़तरों से निपटने के लिए एमआई5 अब कोल्ड वॉर के दौर से भी ज़्यादा संसाधन लगा रही है.
लंदन स्थित एमआई5 मुख्यालय में अपने वार्षिक संबोधन में मैककैलम ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में विदेश से जुड़े सुरक्षा ख़तरों में चार गुना वृद्धि हुई है.
उन्होंने बताया कि अब आतंकवाद और विदेश से जुड़े ख़तरों से निपटने का काम लगभग समान स्तर पर पहुंच गया है.
एमआई5 प्रमुख ने ईरान और दक्षिणपंथी उग्रवाद से बढ़ते ख़तरे को लेकर भी चेतावनी दी.
उन्होंने कहा कि एजेंसी ने ऐसे आतंकवादियों को पकड़ा है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे. कुछ मामलों में एआई को ड्रोन के साथ जोड़ने की कोशिश भी की गई थी.
मैककैलम ने कहा कि रूस नेटो देशों के ख़िलाफ़ प्रत्यक्ष युद्ध की बजाय "हाइब्रिड वॉरफेयर" यानी अप्रत्यक्ष तरीकों से दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है.
हालांकि उन्होंने कहा कि रूस अब तक नेटो के साथ सीधे सैन्य संघर्ष की सीमा पार करने से बचता रहा है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि यूक्रेन पर हमले के बाद बड़ी संख्या में रूसी जासूसों को ब्रिटेन और अन्य देशों से निष्कासित किए जाने के कारण क्रेमलिन का पारंपरिक गुप्त नेटवर्क काफी कमज़ोर हो गया है.
उनके अनुसार, अब रूस अपने मक़सद पूरे करने के लिए अपराधियों को पैसे देकर उनका इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है.
अमित शाह बोले, '2029 में लगातार चौथी हार के लिए तैयार रहें राहुल गांधी'
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इमेज कैप्शन, अमित शाह बोले- देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी और एनडीए के साथ मज़बूती से खड़ी है (फ़ाइल फ़ोटो)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि साल 2029 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत मिलेगा, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा.
मंगलवार को दिल्ली में न्यूज़ एजेंसीज़ से बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को 2029 में करारी हार के लिए तैयार रहना चाहिए.
उन्होंने दावा किया कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी और एनडीए के साथ मज़बूती से खड़ी है.
उन्होंने कहा, "मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि इस देश की जनता एसआईआर के नाम पर घुसपैठियों को बचाने की आपकी रणनीति को पूरी तरह समझ चुकी है और अब आपके बहकावे में नहीं आएगी."
"मैं राहुल गांधी और उनके सहयोगियों से यह भी कहना चाहता हूं कि वे 2029 में करारी हार के लिए तैयार रहें. 2029 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत मिलने जा रहा है, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा."
शाह ने त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल और असम की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा के कमल निशान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के पक्ष में अपना समर्थन दिया है.
अमित शाह ने कहा कि इन राज्यों के चुनावी नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश की जनता बीजेपी और एनडीए के साथ है.
सूचना आयोगों में लंबित मामलों का अंबार, रिपोर्ट में दावा- कुछ राज्यों में फैसले के लिए 15 साल से ज़्यादा का इंतज़ार
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सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून लागू होने के 21 साल पूरे होने के मौके पर जारी एक नई रिपोर्ट में देश के सूचना आयोगों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं.
सतर्क नागरिक संगठन की ओर से तैयार ‘रिपोर्ट कार्ड ऑन द परफॉर्मेंस ऑफ इन्फॉर्मेशन कमिशन्स इन इंडिया 2025-26’ के अनुसार, देशभर के सूचना आयोगों में करीब चार लाख मामले लंबित हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक़, 14 सूचना आयोगों में किसी मामले के निपटारे के लिए अनुमानित प्रतीक्षा अवधि एक साल से अधिक है. इनमें से तीन आयोग ऐसे हैं, जहां मौजूदा लंबित मामलों के आधार पर किसी अपील या शिकायत के निपटारे में 15 साल से भी अधिक समय लग सकता है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 अक्तूबर को भारत में आरटीआई कानून लागू होने के 21 साल पूरे हुए. इस दौरान यह कानून नागरिकों को सरकारी सूचनाएं हासिल करने और सार्वजनिक संस्थाओं की जवाबदेही तय करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना है.
रिपोर्ट में यह भी ज़िक्र है कि हाल के वर्षों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर जानकारी हासिल करने के लिए भी आरटीआई का इस्तेमाल किया गया है.
मोदी सरकार में एक और मंत्री ने दिया इस्तीफ़ा, पीएम को लिखे ख़त में ये कहा
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मुरुगन ने सरकार और पार्टी में मिले अवसरों के लिए आभार जताया (फ़ाइल फ़ोटो)
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल मुरुगन ने मंगलवार को अपने मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफ़ा देने की घोषणा की.
उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी इच्छा से अवगत कराया.
एल मुरुगन ने कहा कि वह अब तमिलनाडु लौटकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मज़बूत करना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी में पूरी तरह जुटना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया तमिलनाडु दौरे के दौरान लोगों का उत्साह और समर्थन देखकर उन्हें राज्य में अधिक सक्रिय होकर काम करने की प्रेरणा मिली.
मुरुगन ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि उन्हें मंत्री पद की ज़िम्मेदारियों से मुक्त किया जाए ताकि वह तमिलनाडु में पार्टी संगठन को मज़बूत करने के लिए पूरा समय दे सकें.
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मुरुगन ने सरकार और पार्टी में मिले अवसरों के लिए आभार जताया.
उन्होंने कहा कि पार्टी और प्रधानमंत्री के नेतृत्व से मिली ज़िम्मेदारियों ने उनके भीतर सेवा की भावना को और मज़बूत किया है.
मुरुगन ने अपने राजनीतिक सफर का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक दिहाड़ी मज़दूर के बेटे से लेकर केंद्र सरकार में मंत्री बनने तक का सफर उनके लिए गर्व और सम्मान की बात रही है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत माता और तमिलनाडु की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है.
राहुल गांधी बोले, ‘हम सीजेआई की बहुत इज़्ज़त करते हैं, उम्मीद है वो अपनी भूमिका अच्छे से निभाएंगे’
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विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेताओं को चाय पार्टी पर बुलाने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा.
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भारत के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट और भारत की न्याय व्यवस्था के प्रति हमारे मन में बेहद सम्मान है. उनकी अपनी भूमिका है. हमें उम्मीद है कि वे वह भूमिका निभाएंगे. लेकिन हम राजनीतिक लोग भी हैं. चाहे कुछ भी हो, राजनीतिक प्रतिरोध जारी रहेगा, जनता का प्रतिरोध जारी रहेगा और अंततः उसकी जीत होगी.”
राहुल गांधी समेत विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.
यह मांग ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में उठाई गई है, जिसमें बताया गया है कि पिछले साल स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न यानी एसआईआर अभियान के दौरान चुनाव आयुक्तों को कई फ़ैसलों की जानकारी नहीं दी गई थी और दोनों चुनाव आयुक्तों ने इन फ़ैसलों पर बार-बार आपत्ति जताई थी.
चीन ने कहा, 'हम लद्दाख पर भारत के दावे को मान्यता नहीं देते', भारत ने दिया ये जवाब
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इमेज कैप्शन, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग
चीन ने लद्दाख में 28 जगहों के नाम तय करने के भारत के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है.
चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा कि चीन भारत के एकतरफा और अवैध रूप से स्थापित किए गए तथाकथित "केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख" को कभी मान्यता नहीं देता और भारत के ज़रिये घोषित किए गए इन नामों का मज़बूती से विरोध करता है.
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है और चीन का कोई भी दावा इस तथ्य को नहीं बदल सकता.
माओ निंग भारत के गृह मंत्रालय के उस फैसले पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थीं, जिसमें लद्दाख के 28 स्थानों को आधिकारिक मानचित्रों में शामिल करने और उनके मानक नाम घोषित करने की बात कही गई थी.
उन्होंने कहा कि भारत का यह कदम "अवैध और अमान्य" है और इससे यह तथ्य नहीं बदलेगा कि चीन-भारत सीमा के पश्चिमी सेक्टर के संबंधित क्षेत्र हमेशा से चीन के रहे हैं.
भारत ने 2 अक्तूबर को लद्दाख के 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक स्थलों, जिनमें गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं, के नाम आधिकारिक तौर पर तय किए थे.
सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य आधिकारिक मानचित्रण को अधिक सटीक बनाना और इन स्थानों की पहचान को स्पष्ट करना है.
कार्टून: मीडिया ऐसा नहीं होता
इमेज कैप्शन, प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ पुलिस की बदसलूकी पर आज का कार्टून
अभिजीत दीपके ने सीजेपी और विपक्ष के प्रदर्शनों के साथ सरकार के अलग-अलग रवैये पर ये बात कही
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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके के कहा कि सरकार अलग-अलग प्रदर्शनों के साथ अलग व्यवहार करके लोगों के बीच संदेह और अविश्वास पैदा करती है
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वो विपक्ष और सीजेपी के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "जब सीजेपी को प्रदर्शन की इजाज़त दी गई, तो कई लोगों ने तुरंत साज़िश की थ्योरी फैलानी शुरू कर दी कि हमें बीजेपी ने वहां भेजा था. कल इंडिया ब्लॉक ने बड़ा प्रदर्शन किया, लेकिन 10 अक्टूबर को हमने जो पुलिस कार्रवाई देखी थी, वैसी कार्रवाई नहीं हुई."
"सरकार इसी तरह हमें एक-दूसरे के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करती है. अलग-अलग प्रदर्शनों के साथ अलग-अलग तरीक़े से पेश आकर वे उन लोगों के बीच शक और अविश्वास पैदा करते हैं, जो आख़िरकार एक ही मसले के लिए लड़ रहे हैं."
उन्होंने कहा, "मैं बस सभी से यही अपील करना चाहता हूं कि इन चालों को समझें. आज वे एक प्रदर्शन की इजाज़त दे सकते हैं और दूसरे को कुचल सकते हैं. कल वे इसका उलटा कर सकते हैं. उनका मक़सद यही है कि हम एक-दूसरे पर शक करते रहें, बजाय इसके कि सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करें."
"साज़िश की थ्योरी को हमें बांटने मत दीजिए. जब हमें एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए, तब आपस में लड़ने के जाल में मत फंसिए."
इंडिगो और अकासा एयर ने सऊदी अरब जाने वाली सभी फ़्लाइट्स रद्द कीं
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इमेज कैप्शन, इंडिगो ने बताया कि बुकिंग के समय दर्ज कराए गए कॉन्टेक्ट डीटेल्स पर यात्रियों को लगातार अपडेट भेजे जा रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
इंडिगो ने सऊदी अरब की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है. एयरलाइन ने कहा है कि रियाद, जेद्दा, दमाम और मदीना के लिए और वहां से संचालित होने वाली उसकी सभी उड़ानें 17 अक्तूबर 2026 तक रद्द रहेंगी.
वहीं अकासा एयर ने रियाद और जेद्दा की अपनी सभी फ़्लाइट्स रद्द कर दी हैं.
एयरलाइन ने यात्रियों से एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की अपील की है.
इंडिगो के मुताबिक, बुकिंग के समय दर्ज कराए गए कॉन्टेक्ट डीटेल्स पर यात्रियों को लगातार अपडेट भेजे जा रहे हैं. किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए एयरलाइन की सहायता टीमें मौजूद हैं.
एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और कुशलता उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय में है.
इस साल जुलाई में कई वर्षों से जारी संघर्ष के दोबारा भड़कने के बाद से ईरान समर्थित हथियारबंद समूह हूती ने पूरे सऊदी अरब में सैकड़ों हमले किए हैं.
रियाद के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज़्यादा लोग ज़ख़्मी हो गए. जिसके बाद इन एयरलाइन्स ने यह फैसला लिया है.
राहुल गांधी ने आज विपक्षी नेताओं को चाय पर बुलाया, क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने बताया कि चाय के बाद सभी नेता मीडिया से बात भी करेंगे (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी नेताओं को चाय पर बुलाया है.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर बताया, "आज मैंने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के साथियों को अपने घर चाय पर बुलाया है."
उन्होंने आगे कहा, "लोकतंत्र की रक्षा के इस जनांदोलन में हम सब एक साथ हैं और ये आंदोलन लगातार जारी रहेगा."
राहुल गांधी ने बताया कि चाय के बाद सभी नेता मीडिया से बात भी करेंगे.
राहुल गांधी समेत विपक्षी दल, कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनवा आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.
यह मांग 'द इंडियन एक्सप्रेस' की उस रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में उठाई गई है, जिसमें बताया गया है कि पिछले साल स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न यानी एसआईआर अभियान के दौरान चुनाव आयुक्तों को कई फ़ैसलों की जानकारी नहीं दी गई थी और दोनों चुनाव आयुक्तों ने इन फ़ैसलों पर बार-बार आपत्ति जताई थी.
बीजेपी ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर विपक्ष को घेरा, कांग्रेस पर लगाए आरोप
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इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को ईमानदारी से काम करने की स्वतंत्रता मिली है
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करने की पूरी स्वायत्तता दी है.
पीयूष गोयल ने कहा, "मौजूदा सरकार के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों को किसी तरह के राजनीतिक लाभ का प्रस्ताव नहीं दिया गया और उन्हें ईमानदारी से काम करने की स्वतंत्रता मिली है."
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राष्ट्रीय और जनहित को ध्यान में रखकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है.
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया का ज़िक्र करते हुए गोयल ने कहा, "पहले चुनाव आयुक्तों के चयन का अधिकार सरकार के पास होता था और सरकार अपनी पसंद के व्यक्ति को मुख्य चुनाव आयुक्त बना सकती थी."
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2023 में कानूनी प्रावधान कर चयन प्रक्रिया में बदलाव किया, जिसके तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को चयन समिति का सदस्य बनाया गया. उनके अनुसार अब प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष दोनों मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया में भाग लेते हैं.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गोयल ने कुछ पूर्व चुनाव अधिकारियों के उदाहरण भी दिए.
उन्होंने कहा, "टीकाराम मीणा केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रहे थे, लेकिन एक वर्ष बाद उन्हें कांग्रेस की राजस्थान घोषणा-पत्र समिति में शामिल कर लिया गया. इसी तरह उन्होंने दावा किया कि मई 2026 में केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रहे रतन यू. केलकर को चुनाव के तुरंत बाद राज्य सरकार में महत्वपूर्ण पद दिया गया."
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेता ने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को मज़बूत करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं, जबकि विपक्ष आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है.
दिवाली तक यूपीआई लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, एनपीसीआई ने किया फ़ैसला
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यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने मंगलवार को फैसला किया कि त्योहारों को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा.
कमेटी ने कहा कि एमडीआर लागू करने की तारीख की घोषणा अलग से की जाएगी.
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशंस ऑफ़ इंडिया (एनपीसीआई) ने घोषणा की थी कि उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई को पूरी तरह निःशुल्क रखते हुए, कुछ चुनिंदा मर्चेंट (व्यापारिक) लेनदेन पर एक संशोधित यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) ढांचा पेश किया गया है, जो 15 अक्तूबर 2026 से लागू होना था.
एनपीसीआई के मुताबिक कि इस ढांचे के तहत दो हज़ार रुपये से कम के 95 फ़ीसदी से कम मूल्य वाले यूपीआई लेनदेन और छोटे व्यापारियों के लेनदेन को पूरी तरह से मुफ्त रखा गया है, और छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई स्वीकार्यता के विस्तार का समर्थन करने के लिए एक नए फंड का प्रस्ताव किया गया है.
राहुल गांधी की याचिका सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने लौटाई, ख़ामियां दूर कर फिर करनी होगी दाख़िल, विनीत भल्ला, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वकीलों को ख़ामियों को दूर कर संशोधित याचिका दोबारा दाख़िल करनी होगी (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा में नेता, प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार शाम सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल की थी.
कोर्ट ने याचिका में कुछ "डिफेक्ट्स" (त्रुटियां) चिह्नित करते हुए उसे वापस कर दिया है.
अब उनके वकीलों को उन त्रुटियों को दूर करके याचिका दोबारा दाखिल करनी होगी, ताकि वो रजिस्टर हो सके.
उनके वकील प्रसन्ना एस ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "यह एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया है और संशोधित याचिका जल्द ही रजिस्ट्री में फिर से जमा कर दी जाएगी."
"सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाएं अक्सर पहली बार में स्वीकार नहीं की जातीं और रजिस्ट्री उनमें आवश्यक संशोधन करवाती है."
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि चुनाव आयोग के एसआईआर से जुड़े सभी निर्णयों का रिकॉर्ड अदालत के समक्ष पेश किया जाए और यह जांच की जाए कि एसआईआर के फैसले संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप लिए गए थे या नहीं.
साथ ही, याचिका में मांग की गई है कि एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाए, जो एसआईआर के कारण मतदाता सूचियों में किए गए संशोधनों का ऑडिट करे. देशभर में जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनके नाम और संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाए. किसी भी मतदाता का नाम बिना सूचना और नोटिस दिए मतदाता सूची से न हटाया जाए और एसआईआर पर अंतरिम रोक लगाई जाए.
बिहार: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर आइसा का प्रदर्शन, देखें तस्वीरें, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता
इमेज कैप्शन, स्टूडेंट संगठनों का यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कर रहे हैं
बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) राजभवन मार्च निकाल रहे हैं.
यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से मार्च की शुरुआत की. इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.
वहीं, आइसा कार्यकर्ताओं के इकट्ठा होने से डाक बंगला चौराहे पर जाम लग गया है.
प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं-
अमित शाह ने कहा- भारत मतभेदों को शांति से सुलझाने में भरोसा करता है
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इमेज कैप्शन, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत ने हमेशा हर देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने का काम किया है (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली में बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संबोधित किया.
गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत ने हमेशा हर देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने का काम किया है. साथ ही कहा कि भारत मतभेदों को शांति से सुलझाने में विश्वास किया है.
उन्होंने कहा, "पहली बिम्सटेक गृह मंत्रियों की मीटिंग की मेज़बानी करना भारत के लिए बहुत गर्व और सौभाग्य की बात है. बिम्सटेक, एक तरह से क्षेत्रीय एकीकरण, आर्थिक सहयोग और सामूहिक सुरक्षा के लिए एक ज़रूरी प्लेटफ़ॉर्म बन गया है."
"वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ भारत आज आगे बढ़ रहा है. हम हमेशा शांति, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं. हम आज भी इनके लिए प्रतिबद्ध हैं."
शाह ने कहा, "भारत ने कभी किसी देश पर हमला करने या उन पर दबदबा बनाने में विश्वास नहीं किया है. भारत ने हमेशा हर देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने और मतभेदों को शांति से सुलझाने में विश्वास किया है."
बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फ़ॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) एक क्षेत्रीय संगठन है जिसमें सात सदस्य देश शामिल हैं. ये सात देश- बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड हैं.
यह क्षेत्रीय संगठन कृषि और खाद्य सुरक्षा, कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, पर्यावरण और स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए काम करता है.
पाकिस्तान: लैंडमाइन विस्फोट में चार युवकों की मौत, भारत पर क्या आरोप लगाया
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पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में लाइन ऑफ़ कंट्रोल (एलओसी) के पास लैंडमाइन विस्फोट में चार युवकों की मौत हो गई.
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के सूचना विभाग ने दावा किया है कि भारत की ओर से आए एक लैंडमाइन में विस्फोट होने से चारों युवकों की जान गई.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, सूचना विभाग की ओर से सोमवार शाम जारी बयान में बताया गया कि यह घटना महेंदला मदारपुर गांव में हुई, जो एलओसी के नज़दीक स्थित है.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों युवक गांव के पास पानी की पाइपलाइन की मरम्मत करने गए थे. इसी दौरान वहां अचानक ज़ोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें चारों की मौके पर ही मौत हो गई.
पुंछ डिवीज़न के आयुक्त सरदार वहीद ख़ान ने आरोप, "जिस जंगल से होकर युवक गुज़रे थे, वहां भारतीय सेना ने लैंडमाइन बिछा रखी थीं."
ज़िला प्रशासन के एक अधिकारी ने बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक को बताया कि चारों युवकों ने खुदाई शुरू करने से पहले वहां तैनात सैनिकों से संपर्क किया था.
अधिकारी के मुताबिक़, सैनिकों ने युवकों को बताया था कि इलाक़ा एलओसी के बेहद क़रीब है, इसलिए खुदाई से पहले क्षेत्र की सफ़ाई के लिए एक दिन का समय दिया जाना चाहिए.
हालांकि, ज़िला प्रशासन का दावा है कि युवकों ने सैनिकों की सलाह नहीं मानी और खुदाई शुरू कर दी. इसी दौरान विस्फोट हुआ और चारों की मौत हो गई.
इस घटना पर भारत की ओर से फ़िलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.