केंद्रीय मंत्री के हाथों अनशन तोड़ने पर सोनम की आलोचना, पत्नी बोलीं- 'पहले उनके त्याग को समझिए'

सोनम की पत्नी बोलीं, "सोनम वांगचुक की आलोचना करने से पहले यह समझने की कोशिश कीजिए कि उन्होंने अपने से बड़े मक़सद के लिए 26 दिनों तक अनशन किया है."

सारांश

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  • राहुल गांधी
  • केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास
  • पेपर लीक पर पीएम मोदी ने जारी किया वीडियो, कहा- सख्त कार्रवाई होगी
  • सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने के बाद क्या कहा
  • जंतर मंतर पर ऐसा है माहौल
  • पटना यूनिवर्सिटी में आंदोलन कर रहे टीचर्स ने क्या कहा
  • जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने आए पूर्व सैन्यकर्मी ने क्या कहा
  • जब रिया पुलिस की गाड़ी के सामने डटकर खड़ी रहीं

लाइव कवरेज

दीपक मंडल, अरशद मिसाल

  1. केंद्रीय मंत्री के हाथों अनशन तोड़ने पर सोनम की आलोचना, पत्नी बोलीं- 'पहले उनके त्याग को समझिए'

    सोनम और उनकी पत्नी

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    इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो (फ़ाइल फ़ोटो)

    सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने एक्स पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर लोगों से अपील की है कि वे उनके फ़ैसले की आलोचना करने से पहले उनके त्याग और संघर्ष को समझें.

    उन्होंने लिखा, "सोनम वांगचुक की आलोचना करने से पहले यह समझने की कोशिश कीजिए कि उन्होंने अपने से बड़े मक़सद के लिए 26 दिनों तक अनशन किया है."

    उन्होंने बताया कि वांगचुक इस समय आईसीयू में भर्ती हैं. उनके शरीर का 11 किलो वजन कम हो गया है, जिसमें मांसपेशियां भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि वांगचुक ने आराम की जगह त्याग का रास्ता चुना है.

    उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, "कम से कम एक दिन तो उन्हें दया और संवेदना दीजिए. उन पर अपनी उम्मीदों और राजनीतिक सोच का बोझ मत डालिए."

    दरअसल, सोनम वांकचुक ने 26 दिनों के अनशन के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हाथों अपना भूख हड़ताल तोड़ा. इसकी तस्वीर एक्स पर शेयर करते हुए, महुआ मोइत्रा ने आलोचना की और लिखा, "तोड़ना ही था तो किसी और के हाथ से तोड़ लेते."

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर सोनम वांगचुक 26 दिनों तक अनशन पर थे.

  2. जंतर-मंतर पहुंचे टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी, सरकार से की ये मांग

    कल्याण बनर्जी

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    इमेज कैप्शन, कल्याण बनर्जी ने कहा कि नीट-यूजी पेपर लीक मुद्दे को लोकसभा में उठाने की वजह से उन्हें लोकसभा के मानसून सत्र से निलंबित कर दिया गया (फ़ाइल फ़ोटो)

    तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी शुक्रवार शाम जंतर-मंतर पुहंचे. इन दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांगा.

    कल्याण बनर्जी ने कहा, "अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो देश रुक जाएगा. अगर हमारे बच्चों की मांगें नहीं सुनी गईं, तो पूरा देश रुक जाएगा. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए."

    कल्याण बनर्जी ने कहा कि इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने की वजह से उन्हें मानसून सत्र से निलंबित किया गया है.

    उन्होंने कहा, "जो लोग लड़ रहे हैं, वे हमारे देश के युवा हैं. इस लड़ाई में हम सब उनके साथ खड़े हैं. अभी मुद्दा नीट पेपर लीक का है, और आपके आंदोलन की बात करें तो हम लड़ने वाले लोग हैं और लड़ते रहेंगे. यह ज़मीन उन लोगों की है जो खड़े होकर लड़ते हैं."

    "हमारी एक ही मांग है, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए. आपको पीछे नहीं हटना है. जब तक वो पद नहीं छोड़ते, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी. कोई भी कानून से ऊपर या नीचे नहीं है. वे संविधान का ढांचा बदलना चाहते हैं."

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

  3. राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद रेल राज्य मंत्री पद से रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा

    बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू

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    इमेज कैप्शन, बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू (फ़ाइळ फ़ोटो)

    बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को केंद्रीय रेल राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है.

    उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था.

    राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.

    इस्तीफे के बाद बिट्टू ने एक्स पर लिखा, "मैं भारत सरकार में रेल राज्य मंत्री के तौर पर देश की सेवा करने का अवसर देने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं. भारत के लोगों, खासकर अपने पंजाब की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है."

    रवनीत सिंह बिट्टू अगस्त 2024 से जून 2026 तक राजस्थान से राज्यसभा सांसद रहे. उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब बीजेपी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है.

    रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता बेअंत सिंह के पोते हैं.

  4. पवन खेड़ा ने नए उच्च शिक्षा सचिव की ईमानदारी पर सवाल उठाया

    पवन खेड़ा

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    कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने नीट-यूजी विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.

    उन्होंने कहा, "क्या देश के युवाओं के सामने खड़े इस संकट पर कोई चर्चा हुई? प्रधानमंत्री ने कल देर रात जारी अपने वीडियो में बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन उन्होंने किया क्या? उन्होंने एक विवादित शिक्षा सचिव की जगह दूसरे विवादित शिक्षा सचिव की नियुक्ति कर दी."

    दरअसल, सरकार ने गुरुवार को नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव और टी के अनिल कुमार को स्कूली शिक्षा सचिव नियुक्त किया.

    खेड़ा ने आरोप लगाया, "गंगवार की ईमानदारी पर गंभीर सवाल हैं. पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग के सचिव रहते हुए उन्होंने अपने ही परिवार को उस विभाग की सब्सिडी दिलाई, जो उनके नियंत्रण में थी. क्या सरकार के पास अब कोई ईमानदार और साफ छवि वाला अधिकारी नहीं बचा है, या वे आपके साथ काम नहीं करना चाहते? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा कब देंगे? देश इन सवालों के जवाब चाहता है."

    उन्होंने आगे कहा, "लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. राहुल गांधी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ऐसे व्यक्ति को दिखाया, जिसकी आंख पेलेट गन लगने से चली गई. उन्होंने मांग की है कि राजधानी दिल्ली में अपने ही नागरिकों पर पेलेट गन चलाने का फैसला लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए."

  5. असम में बाढ़ का क़हर जारी, मरने वालों की संख्या हुई 41, दिलीप कुमार शर्मा, जोरहाट से बीबीसी हिन्दी के लिए

    असम में बाढ़ की स्थिति

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    इमेज कैप्शन, असम सरकार ने बुधवार देर शाम जारी रिपोर्ट में बताया कि राज्य के 11 ज़िलों के 939 गांव बाढ़ में डूबे हुए हैं

    असम में बाढ़ की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है. पिछले 24 घंटों में बाढ़ के कारण 10 और लोगों की जान गई है, जिससे राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 41 हो गई है.

    असम सरकार के आपदा विभाग की ओर से बाढ़ को लेकर बुधवार देर शाम जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस समय राज्य के 11 ज़िलों के 939 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं, जबकि बाढ़ के कारण 6 लाख 53 हज़ार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.

    आपदा विभाग की बाढ़ रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य के अलग-अलग ज़िलों में खोले गए राहत शिविरों में क़रीब 25 हज़ार विस्थापित लोगों ने शरण ले रखी है. बाढ़ ने ऊपरी असम में भारी तबाही मचाई है.

    शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट ज़िलों में बाढ़ से भारी नुक़सान हुआ है.

    बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के काम में जुटे एनडीआरएफ़ के डिप्टी कमांडेंट एन.के. तिवारी ने बीबीसी से कहा, "जोरहाट के कई इलाक़ों में फर्स्ट एनडीआरएफ़ की दो टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. बीते रविवार-सोमवार को यहां हालात बहुत ख़राब थे."

    उन्होंने कहा, "टियोक इलाक़े में कई गांव पूरी तरह पानी में डूब गए थे. हमारी 65 लोगों की दो टीमों ने रात-दिन लगातार 36 घंटे बिना रुके बचाव अभियान चलाया. अब तक कम से कम 470 से अधिक लोगों को बचाया गया है."

    एनडीआरएफ़ के डिप्टी कमांडेंट ने बताया कि अब भी इलाके़ में लगातार बारिश हो रही है और हालात काफ़ी नाज़ुक बने हुए हैं.

    राज्य के कई इलाक़ों में भारतीय सेना बचाव कार्यों में लगी हुई है. सेना के हेलीकॉप्टर अलग-थलग पड़े इलाक़ों में लोगों का पता लगाने के लिए हवाई निगरानी कर रहे हैं.

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ऊपरी असम के कई बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा करने के बाद कहा, "यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है कि कोई भी फंसा हुआ व्यक्ति पीछे न छूटे. ज़िला प्रशासन चौबीसों घंटे काम कर रहा है."

    मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को बाढ़ के हालात पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात कर इसकी जानकारी दी.

    मुख्यमंत्री के अनुसार, ऊपरी इलाक़ों में बादल फटने के कारण आई अचानक बाढ़ ने लोगों की ज़िंदगी में भारी तबाही मचाई है.

  6. सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा- 'सरकार हमारी दो मांगों पर सहमत हुई'

    सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत

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    इमेज कैप्शन, आशुतोष रांका ने बताया कि मीटिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को जनता के बीच बढ़ते गुस्से और नाराज़गी से अवगत कराया गया

    सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के साथ हुई बातचीत में दो मांगों पर सहमति बनी है.

    उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "सरकार ने नीट से प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा देने और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं करने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति जताई है."

    उन्होंने आगे बताया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जवाब देने के लिए सरकार ने कल तक का समय मांगा है.

    शुक्रवार को दिल्ली के विट्ठल भाई पटेल हाउस में सीजेपी के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के मंत्री जेपी नड्डा और जीतेंद्र सिंह के बीच बातचीत हुई.

    आशुतोष रांका ने बताया कि मीटिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को जनता के बीच बढ़ते गुस्से और नाराज़गी से अवगत कराया गया.

    उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक लोगों का गुस्सा और असंतोष थमने वाला नहीं है.

  7. हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से 13 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री सुक्खू ने क्या बताया

    लाहौल-स्पीति ज़िलों के सीमावर्ती क्षेत्र

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    इमेज कैप्शन, भूस्खलन में एक टाटा सूमो गाड़ी पर चट्टान गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई

    हिमाचल प्रदेश के पांगी और लाहौल-स्पीति ज़िले के सीमावर्ती क्षेत्र कड़ू नाला में शुक्रवार को हुए भूस्खलन से 13 लोगों की मौत हो गई.

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर पोस्ट कर इस घटना पर दुख जताया.

    उन्होंने लिखा, "एक टाटा सूमो गाड़ी पर चट्टान गिरने से 13 लोगों की मौके पर ही मृत्यु और दो लोगों के घायल होने का समाचार सुनकर मन बहुत ज़्यादा दुखी है. अपने प्रियजन को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता."

    "इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं. ईश्वर दिवंगत जनों की आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और शोक-संतप्त परिजनों को इस असहनीय पीड़ा को सहने का संबल एवं शक्ति प्रदान करें."

    मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने उपायुक्त लाहौल एवं स्पीति से बात कर दोनों घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं.

    उन्होंने बताया कि उपायुक्त स्वयं घटनास्थल पर पहुंच रही हैं.

    मुख्यमंत्री ने ईश्वर से घायलों के शीघ्र और पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की.

  8. कार्टून: चुपचाप पढ़ाई करो

    आज का कार्टून.
    इमेज कैप्शन, डीयू, जेएनयू की स्टूडेंट्स को जंतर-मंतर ना जाने की चेतावनी पर आज का कार्टून.
  9. बीजेपी सांसद हरभजन सिंह ने स्टूडेंट्स का समर्थन करते हुए क्या कहा?

    हरभजन सिंह

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    इमेज कैप्शन, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीजेपी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह (फ़ाइल फ़ोटो)

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीजेपी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स के समर्थन में अपनी बात रखी है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर खुशी हुई. गतिरोध पर बातचीत और विभाजन पर भरोसा हमेशा बेहतर रास्ता होता है."

    उन्होंने आगे लिखा, "बेहतर शिक्षा का सपना देखने वाला हर छात्र एक मज़बूत भारत का सपना देख रहा है. हमें उनकी बात सहानुभूति के साथ सुननी चाहिए, बातचीत के ज़रिए आगे बढ़ना चाहिए और मिलकर स्थायी समाधान तलाशना चाहिए. हमारे युवा इससे कम के हकदार नहीं हैं."

    उन्होंने आगे कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि हम सब मिलकर ऐसा समाधान निकालेंगे, जो हमारे युवाओं और देश, दोनों के हित में सबसे बेहतर होगा."

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया था.

    इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे.

  10. जेएनयू के बयान पर सीपीआईएमएल बोली- आप एक यूनिवर्सिटी हैं, बीजेपी के प्रवक्ता नहीं

    CPIML

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    इमेज कैप्शन, सीपीआई(एमएल) ने एक्स पर पोस्ट कर जेएनयू प्रशासन पर बीजेपी के प्रवक्ता की तरह काम करने का आरोप लगाया है (सीपीआईएमएल नेता दीपांकर भट्टाचार्य- फ़ाइल फ़ोटो)

    सीपीआई(एमएल) ने एक्स पर पोस्ट कर जेएनयू प्रशासन पर बीजेपी के प्रवक्ता की तरह काम करने का आरोप लगाया है.

    सीपीआई(एमएल) ने एक्स पर लिखा, "भारत का संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आज़ादी, शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने और संगठन बनाने का अधिकार देता है."

    "यह मत भूलिए कि आप एक विश्वविद्यालय हैं, बीजेपी के प्रवक्ता नहीं."

    पार्टी ने आगे कहा, "विश्वविद्यालयों का काम इन संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है, न कि उनके शांतिपूर्ण इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है."

    दरअसल, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने शुक्रवार को अपने स्टूडेंट्स और प्रोफ़ेसरों को दिल्ली के जंतर-मंतर या उसके आसपास आयोजित होने वाली किसी भी सभा में शामिल होने से बचने की सलाह दी.

    एक दिन पहले, गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी ऐसा ही एक बयान जारी किया था, जिसकी राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने आलोचना की थी.

  11. युवाओं के समर्थन में उतरीं सारा अली खान, बोलीं- स्टूडेंट्स की आवाज़ सुननी होगी

    सारा अली ख़ाना

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    इमेज कैप्शन, सारा ने लिखा, "उनके सपने हमारे सपनों से जुड़े हैं और हमारे सपने भी उन्हीं के सपनों में बसते हैं" (फ़ाइल फ़ोटो)

    बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान ने स्टूडेंट्स के समर्थन में अपनी बात रखी है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि देश के स्टूडेंट्स ही भारत का भविष्य हैं और उनका भविष्य पूरे देश से जुड़ा हुआ है.

    सारा अली ख़ान ने लिखा, "हमारे स्टूडेंट्स, हमारा भविष्य हैं. बेहतर और सुरक्षित भविष्य के लिए उनका हौसला और संघर्ष प्रेरित करने वाला है. वे जिस साहस के साथ अपनी बात रख रहे हैं, वह हम सभी को सोचने पर मजबूर करता है."

    उन्होंने कहा, "स्टूडेंट्स की बात खुले दिल से सुननी चाहिए, उनकी परवाह करनी चाहिए और उनके साथ खड़े रहना चाहिए."

    सारा ने लिखा, "उनके सपने हमारे सपनों से जुड़े हैं और हमारे सपने भी उन्हीं के सपनों में बसते हैं."

    सारा अली खान ने अपनी पोस्ट के आखिर में सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सरकार छात्रों को न्याय देगी.

    नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर स्टूडेंट्स पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया था.

    इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे.

    इसके बाद बॉलीवुड के कई अभिनेता और अभिनेत्रियों ने छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज़ उठाई है.

  12. प्रदर्शन के बीच अगले निर्देश तक नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद

    डीएमआरसी

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    इमेज कैप्शन, डीएमआरसी ने इस असुविधा के लिए खेद भी जताया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    शुक्रवार को नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को भी अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है.

    दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. डीएमआरसी ने यह भी बताया कि अगली सूचना तक इंटरचेंज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी. डीएमआरसी ने इस असुविधा के लिए खेद भी जताया है.

    दिल्ली में शुक्रवार को जंतर-मंतर के पास चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशन बंद कर दिए गए. यह जानकारी डीएमआरसी ने दी.

    सुबह 7:30 बजे 17 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे. इसके कुछ घंटे बाद न्यू दिल्ली मेट्रो स्टेशन को भी बंद कर दिया गया.

    न्यू दिल्ली के अलावा लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालन मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए गए.

  13. संजय मांजरेकर बोले, 'युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी'

    संजय मांजरेकर

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    इमेज कैप्शन, पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर (फ़ाइल फ़ोटो)

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''यह सिर्फ़ नीट पेपर लीक का मामला नहीं है. यह लोकतंत्र में अपनी आवाज़ दबाए जाने की भावना और मुख्यधारा के मीडिया की कथित ब्रेनवॉशिंग के ख़िलाफ़ एक विद्रोह है.''

    ''दो बच्चों का पिता होने के नाते मैं अपने अनुभव से जानता हूं कि आज के युवाओं की आवाज़ दबाने या उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी.''

    नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ दिल्ली के युवाओं का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है. युवाओं का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की उनकी मांग ख़त्म नहीं हुई है.

    हालांकि पेपर लीक के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर चुके हैं.

  14. अब तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप विस्तार से पढ़ सकते हैं.

    'हम कॉकरोच हैं, ऐसे पीछे हटने वाले नहीं': जय भीम के नारे, आज़ादी-आज़ादी के गाने, जेन-ज़ी धरना स्थल पर क्या कर रहा है?

  15. दिल्ली यूनिवर्सिटी के बाद अब जेएनयू ने भी कहा- 'स्टूडेंट्स जंतर-मंतर गए तो होगी कार्रवाई'

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है

    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने अपने स्टूडेंट्स और शैक्षणिक समुदाय के सदस्यों को दिल्ली के जंतर-मंतर या उसके आसपास आयोजित होने वाली किसी भी सभा में भाग लेने से बचने की सलाह दी है.

    इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी भी अपने स्टूडेंट्स को ऐसा ही निर्देश दे चुकी है.

    जेएनयू ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “जेएनयू के शैक्षणिक समुदाय से जुड़े सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ज़िम्मेदारी से व्यवहार करें और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दें. भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सार्वजनिक प्रदर्शनों से जुड़े निर्देशों के अनुसार, आपसे अनुरोध है कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर या उसके आसपास होने वाली किसी भी सभा में भाग लेने या वहाँ जाने से परहेज़ करें.”

    “सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी ज़िम्मेदारी के साथ करें. नियमों का उल्लंघन करने पर लागू क़ानूनों के तहत कार्रवाई के साथ-साथ विश्वविद्यालय की आचार संहिता के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.”

    आपसे यह भी अपेक्षा की जाती है कि आप शैक्षणिक ज़िम्मेदारी और ज़िम्मेदार नागरिकता के मूल्यों का पालन करें.

    इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने स्टूडेंट्स से कहा था कि वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाने से बचें. दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस निर्देश के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि यूनिवर्सिटी छात्रों को ‘धमकी’ नहीं दे सकती.

  16. डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी ज़हाजों के नुक़सान की भरपाई का तरीका बताया तो ईरान क्यों भड़का, योलांद नेल, मध्य पूर्व संवाददाता ओतिली मिशेल

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में मौजूद फ़्रीज़ ईरानी संपत्तियों का इस्तेमाल ज़हाजों, उनके माल या उनसे जुड़े किसी भी नुक़सान की भरपाई के लिए किया जाएगा.

    वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने ट्रंप के इस बयान पर पलटवार करते हुए इसे "भड़काऊ " बताया.

    जबकि ट्रंप ने अपने प्रस्ताव को "निष्पक्ष और न्यायसंगत" बताया.

    इस बीच, अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने लगातार 13वीं रात ईरान पर हमले किए हैं.

    ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ इन हमलों में चार लोगों की मौत हुई है और पांच अन्य घायल हुए हैं.

    ताज़ा हमले ऐसे समय हुए हैं जब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है.

    इस बीच, वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बढ़ते ख़तरे की आशंकाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज़ बढ़ोतरी हुई है. कच्चे तेल की क़ीमतें बढ़कर अब 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है.

  17. राहुल गांधी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कहा, 'आपकी स्टूडेंट्स को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई'

    राहुल गांधी

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    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के उस निर्देश पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें स्टूडेंट्स से जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन से दूर रहने को कहा गया है.

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने पर छात्रों को धमकाने की आपकी हिम्मत कैसे हुई? याद रखिए, समय आने पर आपको ही इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा.''

    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने स्टूडेंट्स को निर्देश देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा , ''आपकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सख़्ती से रेगुलेटेड है, कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकते हैं.''

    ''ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा को गंभीर ख़तरा हो सकता है.''

    ''साथ ही, इससे उनकी पढ़ाई और भविष्य के पेशेवर अवसरों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है.''

    ''इसलिए सभी स्टूडेंट्स से आग्रह है कि वे जंतर-मंतर से दूर रहें, अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और कानून का पालन करें.''

    नीट-यूजी परीक्षा पेपर के लीक होने के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग लेकर अब भी बड़ी तादाद में स्टूडेंट्स जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

    हालांकि उनके इस्तीफ़े की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अपना अनशन ख़त्म कर चुके हैं.

  18. सोनम वांगचुक पर बोलीं महुआ मोइत्रा,'अनशन तोड़ना ही था तो किसी और के हाथ से तोड़ लेते सर'

    महुआ मोइत्रा

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    सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.

    तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा ने वांगचुक की उस तस्वीर को शेयर करते हुए एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया है, जिसमें वांगचुक केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हाथ से जूस पीकर अपना अनशन तोड़ रहे हैं.

    महुआ मोइत्रा ने लिखा, ''अनशन तोड़ना ही था तो किसी और के हाथ से तोड़ लेते सर. ऑप्टिक्स नाम की भी कोई चीज़ होती है.’

    उन्होंने एक दूसरी पोस्ट में लिखा, ''प्रिय वांगचुक, हम आपका सम्मान करते हैं. लेकिन प्रदर्शनकारियों से देशभर में घूमकर प्रधानमंत्री जी को एक रिपोर्ट सौंपने का सुझाव काम नहीं करेगा. कृपया सरकार के जाल में न फँसें और 26 दिनों में हासिल की गई नैतिक बढ़त को कमज़ोर न करें. यह आंदोलन इससे कहीं आगे जा चुका है.''

    उन्होंने लिखा, ''आपको अनशन ख़त्म करते देखकर बहुत ख़ुशी हुई. कृपया आराम कीजिए और अपनी सेहत का ख़्याल रखिए. साथ ही, कृपया यह भी सुनिश्चित कीजिए कि सरकार अब आंदोलन को तोड़ने की कोशिश के लिए आपकी आवाज़ का इस्तेमाल एक औज़ार के तौर पर न कर सके. शुक्रिया.''

    गौरतलब है कि सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में गुरुवार मध्य रात्रि के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी भूख हड़ताल ख़त्म कर दी.

    एक्स पर हॉस्पिटल की तस्वीर साझा करते हुए सोनम वांगचुक ने लिखा, "अभी कुछ देर पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों बाद अपना उपवास तोड़ा."

  19. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 'इसराइल को मान्यता दे सऊदी अरब तभी लागू होगा न्यूक्लियर एग्रीमेंट', रॉबर्ट ग्रीनॉल

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और सऊदी अरब के बीच सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौता तभी लागू होगा जब सऊदी अरब इसराइल को एक संप्रभु राष्ट्र के तौर पर मान्यता दे दे.

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, " सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौते को मंजूरी दी जाएगी. यह समझौता सिर्फ़ सिविल मक़सद के लिए है. लेकिन इसकी मंजूरी पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि सऊदी अरब प्रतिष्ठित और सफल अब्राहम समझौतों में शामिल होता है या नहीं."

    हालांकि, यह तुरंत साफ़ नहीं हो पाया कि इसराइल को मान्यता देने और अब्राहम समझौतों में शामिल होने की यह शर्त उस परमाणु समझौते के मूल दस्तावेज़ का हिस्सा है या नहीं.

    इस समझौते का टेक्स्ट अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. ये भी अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि सऊदी अरब ने इस शर्त को स्वीकार किया है या नहीं.

  20. सोनिया गांधी ने कहा, 'छात्रों ने मोदी सरकार की पोल खोल कर रख दी'

    सोनिया गांधी

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    कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कहा कि स्टूडेंट्स ने जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है, लेकिन मोदी सरकार ने उनके साहस का जवाब "कायरता और बर्बरता" से दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उन्होंने कहा, ''सरकार ने छात्रों को देश के भविष्य का निर्माण करने वाले नागरिकों के बजाय राष्ट्र का दुश्मन समझकर उनके साथ व्यवहार किया है.''

    उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया है. उनका कहना था कि देश के छात्रों ने मोदी सरकार के दावों और दंभ की पोल खोल दी है.

    सोनिया गांधी ने कहा कि स्टूडेंट्स के साथ खड़ा होना और उनके भविष्य की रक्षा करना हमारी नैतिक, राजनीतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है.

    नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है.

    हालांकि इस मांग के समर्थन में अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अपना अनशन तोड़ चुके हैं.