तुर्कीः सड़कों पर लोकतंत्र बहाली का जश्न

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तुर्की में तख़्तापलट की कोशिश नाकाम होने के बाद सरकार समर्थक इस्तांबुल में तक़सीम चौराहे पर झंडे लहराते और नारे लगाते हुए.

सरकार समर्थक इस्तांबुल के तक़सीम चौराहे पर झंडे लहराते और नारे लगाते हुए.

इस दौरान सरकार के समर्थन में तक़सीम चौराहे पर केवल पुरूष ही नहीं बल्कि महिलाएं और युवतियां भी सड़कों पर निकल आईं.

इस्तांबुल में सेना के तख्तापलट के बाद टैंक पर चढ़े पुलिस के जवान और उसके सामने अपनी खुशी का इजहार करती तुर्की युवती.

तख्तापलट की कोशिशों के दौरान हुई हिंसा में 161 लोगों की मौत हुई है जिनमें आमलोग भी शामिल हैं. तस्वीर में सेना के जवानों को बेल्ट से पीटते राष्ट्रपति अर्दोआन के समर्थक.

बॉस्फ़ोरस पुल पर सेना के जवान को भीड़ की पिटाई और गुस्से से बचाती पुलिस.

तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिल्दरिम ने तख्तापलट की कोशिश को देश के लोकतांत्रिक इतिहास में काला धब्बा बताया है.

लोगों ने तख़्तापलट की कोशिश के नाकाम होने के बाद खुलकर ख़ुशियों का इज़हार किया.

सेना के टैंक के पास सेल्फी लेते तुर्की के युवा.

इस्तांबुल में तक़सीम चौराहे पर की सड़क पर तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयब अर्दोआन के समर्थक फोटो लेते हुए.

तुर्की के झंडे के साथ मार्च करते हुए लोग.

बॉस्फ़ोरस पुल को सेना की टुकड़ियों ने बंद कर दिया.

सरकार को जनता के बड़े हिस्से का समर्थन मिला.

तुर्की सेना के टैंक अतातुर्क हवाई अड्डे में प्रवेश करते हुए.

इस्तांबुल तक़सीम चौराहे पर तैनात सैनिक.

तक़सीम चौराहे पर विरोध रैली के लिए एकत्रित राष्ट्रपति अर्दोआन के समर्थक.

फेसटाइम के जरिए राष्ट्रपति रेचप तैयप अर्दोआन सीएनएन तुर्क से बात की.

राजधानी अंकारा में तुर्की सैन्य मुख्यालय के बाहर सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस.

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