फ़लूजा पर मानवीय आपदा का ख़तरा

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इराक़़ी सेना के फ़लूजा शहर पर क़ब्ज़े के बाद भारी संख्या में नागरिकों के पलायन से मानवीय आपदा का ख़तरा पैदा हो गया है.

संयुक्त राष्ट्र संघ के सहायता कार्यकर्ताओं ने ये चेतावनी जारी की है.

फलूजा को इस्लामिक स्टेट यानी आईएस के क़ब्ज़े से छुड़ाने के लिए इराक़ की सरकार ने चार हफ़्तों तक सैन्य अभियान चलाया था.

संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार इस संघर्ष के बाद क़रीब 80,000 लोग फ़लूजा छोड़ कर चले गए.

संस्था के अनुसार अभी अतिरिक्त 25,000 नागरिकों के भी पलायन करने की आशंका है.

सहायता कार्यकर्ताओं को शहर से बाहर बने शिविरों में रह रहे लोगों तक खाना, पानी और दवाइयां पहुंचाने में काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ये शिविर लोगों से ठसाठस भरे हुए हैं.

नार्वे रिफ़्यूजी काउंसिल (एनआरसी) के नासर मुफलाही का कहना है, "फलुजा से भारी संख्या में लोगों के पलायन के कारण उनकी ज़रूरतों को पूरा करने में हम पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं."

वे कहते हैं, "हम इराक़ की सरकार से विनती करते हैं कि वे आने वाले मानवीय आपदा को संभालने की ज़िम्मेदारी लें."

सेना के फ़लूजा शहर को अपने अधिकार में लेने के बावजूद अभी भी शहर के कुछ हिस्सों में संघर्ष जारी है.

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