सोशल वर्ल्ड में ओबामा और मोदी ज़्यादा पॉपुलर

बराक ओबामा
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आज किसी की शोहरत का एक ही पैमाना है, सोशल मीडिया पर उसकी पकड़. किसके कितने फ़ॉलोवर हैं? किसके फ़ेसबुक पेज को कितने लाइक मिलते हैं? इंस्टाग्राम पर किसी तस्वीर को सबसे ज़्यादा पसंद किया गया? किसके ट्वीट को सबसे ज़्यादा रिट्वीट मिले?

इन सवालों के जवाब से ही आज तय होती है, शोहरत और लोकप्रियता.

आम तौर पर लोग सोचते हैं कि शकीरा, बेयोंसे, टेलर स्विफ्ट या किम कर्दाशियां, या फिर देशी स्टार जैसे अमिताभ बच्चन या शाहरुख़-सलमान सोशल नेटवर्क पर सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं.

अगर आपका भी यही मानना है तो ये मुग़ालता हम दूर किए देते हैं. आज की तारीख़ में दुनिया के कई बड़े नेता सोशल नेटवर्क की दुनिया में छाए हुए हैं.

बराक ओबामा

इनमें अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक शामिल हैं. कुछ और नेता, जो सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव और लोकप्रिय हैं, उनमें तुर्की और इंडोनेशिया के पीएम भी शामिल हैं.

2004 के अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में जॉर्ज बुश की प्रचार टीम का हिस्सा रहे ब्रायन डोनाह्यू कहते हैं कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता का मतलब है आपकी झोली में ज़्यादा वोट गिरना.

लोग जिन नेताओं को फ़ॉलो करते हैं और उनकी बातों में दिलचस्पी लेते हैं, उनके चुनाव फंड के लिए मदद करते हैं. फ़ॉलोअर चार और लोगों को उनसे जोड़ते हैं. आज ये बहुत अहम हो गया है.

नेताओं के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की वजह चाहे जो भी हो, मगर वो आज की डिजिटल दुनिया पर छाते जा रहे हैं.

डोनल्ड ट्रम्प

अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों के उम्मीदवार डोनल्ड ट्रम्प को ही लीजिए. उन्होंने जमकर ऑनलाइन प्रचार किया. उन्हें ख़ूब चर्चा मिली. उनके ट्वीट लगातार रिट्वीट हो रहे हैं. उनके फ़ॉलोअर्स की तादाद दिनों-दिन बढ़ती जा रही है. सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के चलते ही आज वो सुर्ख़ियों में छाए हैं.

सबसे दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने ये काम बहुत कम पैसे में करके दिखाया है. जहाँ उनकी पार्टी के दूसरे नेताओं जैसे टेड क्रूज़ और जेब बुश ने प्रचार के लिए कई करोड़ डॉलर ख़र्च किए. वहीं ख़ुद ट्रम्प ने महज़ एक करोड़ डॉलर में सबसे ज़्यादा शोहरत हासिल कर ली.

किसी भी नेता के फ़ेसबुक पेज के लोकप्रिय होने की सबसे बड़ी वजह होती है, अपनी निजी ज़िंदगी की बातें साझा करना.

ओबामा फेसबुक

जैसे, बराक ओबामा का फ़ेसबुक पेज इसलिए ही सबसे ज़्यादा पसंद किया जाता है. वो नेताओं की सोशल मीडिया टीम की कामयाबी की सबसे बड़ी मिसाल हैं. वो बहुत सारे वीडियो अपने पेज पर डालते हैं. अपनी ज़िंदगी की तमाम कहानियाँ साझा करते हैं, लेकिन वो रोज़ाना कोई पोस्ट नहीं डालते. जब कोई अहम बात कहनी होती है, तभी वो फ़ेसबुक पेज पर कुछ लिखते हैं.

ओबामा, अक्सर पत्नी मिशेल और बेटियों के साथ छुट्टी की तस्वीरें या क़िस्से साझा करते हैं. इसी वजह से आम लोग उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं. इन्हीं पर ज़्यादा लोग दिलचस्पी लेते हैं और उनसे बातें करते हैं. इनका मक़सद एक सियासी कहानी कहना होता है.

ओबामा की टीम ने 2007 से ही फ़ेसबुक और ट्विटर का इस्तेमाल शुरू कर दिया था. उस वक़्त वो इलिनॉय के सीनेटर ही थे. उनकी कामयाबी के बाद तो दुनिया के कई नेताओं ने लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया की दुनिया में छलांग लगाई.

नरेंद्र मोदी फेसबुक

जैसे कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्होंने 2014 के आम चुनावों से पहले ही सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता काफ़ी बढ़ा दी थी. प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वो तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेहद सक्रिय हैं.

दुनिया के कई और नेताओं ने भी यू-ट्यूब से लेकर फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स की मदद से शोहरत बटोरी है. कई नेता तो नियमित रूप से अपने फ़ॉलोअर्स के साथ चैट करते हैं, उनके सवालों के जवाब देते हैं. इस मामले में भी ओबामा नंबर वन हैं.

अब तो कई सोशल नेटवर्किंग साइट्स हैं और दिनों-दिन इनमें इज़ाफ़ा भी हो रहा है. ऐसे में सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा लोकप्रिय नेता कौन है, इसका फ़ैसला करना बेहद मुश्किल है.

जैसे कि स्नैपचैट पर फ़ॉलोअर्स की संख्या और उनके कमेंट पब्लिक नहीं होते. ऐसे में कौन-कितना लोकप्रिय है, इसका पता लगाना मुश्किल है. लेकिन आज स्नैपचैट युवाओं के बीच सबसे तेज़ी से बढ़ रही सोशल नेटवर्किंग साइट है.

यही लोग आगे चलकर चुनावों में अहम वोटर के तौर पर नेताओं की किस्मत तय करने वाले होंगे. ऐसे में हर नेता चाहता है कि स्नैपचैट पर लोकप्रियता की रेस में वो सबसे आगे निकल जाए.

अर्जेंटीना राष्ट्रपति मॉरिसियो मैक्री

अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति मॉरिसियो मैक्री, स्नैपचैट की दुनिया के बेताज बादशाह हैं. वो राष्ट्रपति के तौर पर अपने पूरे दिन ब्यौरा अपने फ़ॉलोअर्स से साझा करते हैं. वो बातें भी जो मीडिया की नज़र में नहीं होतीं.

हालाँकि बहुत से नेताओं को नहीं पता कि स्नैपचैट का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं. अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मैक्री, फ़ेसबुक पर भी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं. उनके चालीस लाख़ फ़ैन हैं. उनकी किसी भी पोस्ट को पचास से सत्तर हज़ार तक लाइक मिल जाते हैं. अर्जेंटीना के टैंगो संगीतकार मारियानो मोरेस की मौत पर उनकी पोस्ट को पांच लाख़ से ज़्यादा लोगों ने लाइक किया था.

वैसे लोकप्रियता को देखते हुए, फ़ेसबुक का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल नेता कर रहे हैं. यहाँ तक कि तानाशाही राज चलाने वाले नेता भी.

जैसे कि कम्बोडिया के तानाशाह हुन सेन, जो फ़ेसबुक पर लोकप्रियता के मामले में नंबर दो माने जाते हैं. हुन सेन फ़ेसबुक पर अक्सर समंदर किनारे कभी बाथरोब में तो कभी अपने पोते-पोतियों के साथ खेलते हुए तस्वीरें साझा करते हैं.

पत्नी के साथ हुन सेन

हुन सेन की तानाशाही नीतियों से परेशान लोग, धीरे-धीरे उनसे उकता भी रहे हैं. इसलिए वो शोहरत बटोरने के लिए, जनता से जुड़ने के लिए फ़ेसबुक पर भरोसा कर रहे हैं.

सिडनी यूनिवर्सिटी के लेक्चरर एम सिनपेंग कहते हैं कि तानाशाह भी अपनी छवि को लेकर फ़िक्रमंद होते हैं. वो कहते हैं कि हुन सेन को अपनी तानाशाही जारी रखने के लिए आज के युवा, इंटरनेट से जुड़े लोगों की रज़ामंदी की ज़्यादा ज़रूरत है. इसलिए वो फ़ेसबुक के ज़रिए इमेज मेकओवर की कोशिश कर रहे हैं.

सिनपेंग कहते हैं कि सिंगापुर के नेता ली सिएन लूंग भी लोगों के बीच पैठ बनाने के लिए सोशल मीडिया की मदद ले रहे हैं. उनके पिता के मुक़ाबले लोग उन्हें कम पसंद कर रहे हैं. इसलिए अब वो फ़ेसबुक के ज़रिए छवि चमकाने में जुटे हैं. कई बार वो फ़ोटो डालकर लोगों से पूछते हैं कि वो कहाँ और किसके साथ टहल रहे थे.

सैम रेनसे

तो, ओबामा हों या मोदी या सिएन लूंग, हर नेता आज आम लोगों से जुड़ने के लिए सोशल नेटवर्किंग की मदद ले रहा है. इनमें से कुछ बादशाह साबित हुए हैं, तो कुछ की कोशिशें नाकाम भी रही हैं.

(अंग्रेजी में मूल लेख पढ़ने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.com/capital/story/20160519-meet-the-true-kings-and-queens-of-facebook-and-snapchat" platform="highweb"/></link>, जो बीबीसी <link type="page"><caption> कैपिटल</caption><url href="http://www.bbc.com/capital" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.)

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