मुसलमानों पर ट्रंप की टिप्पणी से अमरीका में बवाल

डोनाल्ड ट्रंप
इमेज कैप्शन, अरबपति उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप विवादित बयान देते रहे हैं.
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अमरीका के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल उद्योगपति डोनाल्ड ट्रंप की मुसलमानों के बारे में टिप्पणी से अमरीकी राजनीति में जैसे भूचाल आ गया है.

उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के नेता भी उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं. अब संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थियों के लिए एजेंसी ने भी इस बारे में चेतावनी दी है.

चुनावी अभियान के दौरान ट्रंप का बयान आया था कि जब तक अमरीकी प्रतिनिधि ये पूरी तरह समझ न लें कि दुनिया में क्या हो रहा है, तब तक मुसलमानों के अमरीका में दाख़िल होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा देना चाहिए.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार में चल रही बयानबाज़ी से अमरीका में सीरियाई शरणार्थियों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम को नुक़सान पहुँच रहा है.

यूएनएचसीआर की प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे बयानों से पुनर्वास का महत्वपूर्ण काम ख़तरे में पड़ सकता है. अमरीका में भी ट्रंप के बयान की कड़ी आलोचना हो रही है.

डोनाल्ड ट्रंप
इमेज कैप्शन, उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल जेब बुश ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है.

रिपब्लिकन पार्टी में ही राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए संघर्ष कर रहे जेब बुश ने डोनाल्ड ट्रंप को मानसिक रूप से परेशान बताया है.

पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा है कि यह टिप्पणी हर उस मूल्य के ख़िलाफ़ है जिसमें अमरीका विश्वास करता है.

जेब बुश ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप मानसिक रूप से परेशान हैं. उनके नीतिगत प्रस्ताव गंभीर नहीं हैं."

वहीं उनकी ही पार्टी के उनके प्रतिद्वंद्वी लिंडसे ग्राहम ने कहा, "ये बेहद ख़तरनाक़ है."

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ न्यू हैंपशयर की चेयरमैन जेनिफ़र हॉर्न ने कहा, "यह रिपब्लिकन पार्टी के ख़िलाफ़ है. असंवैधानिक है और अमरीकी मूल्यों के ख़िलाफ़ है."

कैलिफ़ोर्निया में हमला
इमेज कैप्शन, कैलिफ़ोर्निया में हुए हमले के संदिग्ध दंपति को कट्टरपंथ से प्रेरित बताया जा रहा है.

व्हाइट हाउस और मुसलमान नेताओं ने भी ट्रंप की टिप्पणी की आलोचना की है.

ट्रंप ने कहा था कि कई मुसलमानों के दिलों में अमरीका के प्रति नफ़रत है और उनके अमरीका में दाख़िल होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा देना चाहिए.

उनके चुनाव अभियान के प्रबंधक ने कहा था कि यह सभी पर लागू होगा जिसमें अप्रवासी और पर्यटक भी शामिल होंगे.

हालांकि ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ से कहा था कि यह अमरीका में पहले से रह रहे लोगों पर लागू नहीं होगा और अमरीकी सेना में सेवाएं दे रहे मुसलमानों के देश आने दिया जाएगा.

पिछले सप्ताह कैलिफ़ोर्निया में एक मुसलमान दंपति ने चौदह लोगों की हत्या कर दी थी. माना जा रहा है कि ये दंपति कट्टरपंथ से प्रेरित था.

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