नेपाल में शांति, छिट-पुट प्रदर्शन जारी

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नेपाल में रविवार से लागू नए संविधान को लेकर विवाद जारी है लेकिन फ़िलहाल वहां शांति है.

राष्ट्रपति रामबरन यादव ने रविवार को नया संविधान लागू करने की घोषणा की थी. इसके बाद से हिंदू राष्ट्र नेपाल एक धर्मनिरपेक्ष गणतंत्र में बदल गया था.

बीबीसी संवाददाता सुरेंद्र फुयाल के मुताबिक़ दक्षिणी नेपाल में संविधान विरोधी प्रदर्शनों का दौर जारी है.

हिंसक प्रदर्शन

नेपाल के दक्षिणी तराई इलाक़े और पश्चिमी इलाक़ों में नेपाल को सात प्रांतों में बांटने के प्रस्ताव को लेकर हिंसक प्रदर्शन भी हुए हैं. इनमें अब तक कम से कम 40 लोग मारे गए हैं.

दक्षिणी नेपाल के मधेसी और थारू समुदाय के लोग अपने लिए अलग प्रांत की मांग कर रहे हैं. इसको लेकर वो पिछले काफ़ी समय से आंदोलन कर रहे हैं.

संविधान लागू होने पर नेपाल में लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है. एक तरफ़ जहां बहुत से लोग नए संविधान से ख़ुश हैं वहीं कई जातीय समूह अपनी अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं.

विरोध करने वालों का कहना है कि यह संविधान विभेद को संस्थागत करता है.

आठ साल की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद मंज़ूर किए गए नए संविधान में संघवाद और धर्मनिरपेक्षता को अपनाया गया है.

37 अध्याय वाले संविधान के तहत दो सदनों वाली संसद, एक सदन वाली विधानसभा और तीन ज़िला, प्रांतीय और संघीय स्तर पर तीन स्तरीय न्याय पालिका होगी.

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