'इस्लामी क़ानून के लिए जिहाद जारी रहेगा'

मुल्ला उमर
इमेज कैप्शन, अफ़ग़ान तालिबान के नए नेता के नाम पर मतभेद की ख़बरें आती रही हैं.
प्रकाशित

अफ़ग़ान तालिबान के नए नेता मुल्ला अख़्तर मंसूर ने अपने एक ऑडियो संदेश में एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा है कि उनका गुट अपनी लड़ाई जारी रखेगा.

मुल्ला उमर की मौत के बाद मुल्ला मंसूर को गुरुवार को अफ़ग़ान तालिबान का नया नेता चुना गया था.

लेकिन तालिबान के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा कि मुल्ला मंसूर को 'सभी तालिबान ने नहीं' चुना है और ये शरिया क़ानून के ख़िलाफ़ है.

मुल्ला अख़्तर मंसूर ने अपने ऑडियो संदेश में कहा है कि लड़ाकों को एकजुट होना चाहिए क्योंकि 'मतभेद से हमारे शत्रुयों को फ़ायदा होगा.'

इसमें ये भी कहा गया है कि तालिबान ''देश में इस्लामी क़ानून लाने के लिए अपनी जिहाद जारी रखेगा.''

बीबीसी पश्तो सेवा के इनायतुल्लाह यासिनी का कहना है कि अफ़ग़ान तालिबान में नेतृत्व को लेकर मतभेद पहली बार सामने आए हैं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>