पाकः ये 10 बातें इंटरनेट पर बर्दाश्त नहीं

सोशल मीडिया
    • Author, श्रुति अरोड़ा और अदिति माल्या
    • पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
  • प्रकाशित

पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली अगर 'द प्रीवेंशन ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स एक्ट, 2015' को पारित कर देती है, तो पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर नीचे बताई गई दस चीजें नहीं कर सकेंगे.

दस बातें

1. सोशल मीडिया या इंटरनेट पर मज़ाक उड़ाने वाले कार्टून या सियासी माखौल बनाने वाली चीज़ें पोस्ट करने पर दस हज़ार अमरीकी डॉलर तक जुर्माना लगाया जा सकता है.

पाकिस्तान, मस्जिद, इबादत

2. प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ जैसे मशहूर शख्सियतों की तस्वीरें मज़ाक उड़ाने वाले कैप्शन के साथ पब्लिश करने पर जिससे उनकी छवि खराब होती हो, दो साल तक की जेल या जुर्माना लगाया जा सकता है.

3. ऐसा कोई भी कमेंट जो 'इस्लाम की गरिमा' के खिलाफ़ हो, जिससे 'पाकिस्तान की सुरक्षा को खतरा' पहुंचता हो या 'कानून व्यवस्था' बिगड़ने की आशंका हो, सरकार उसे इंटरनेट पर से हटा सकती है.

4. फ़ेसबुक पर 'दोस्त देशों' या अमरीका या सऊदी अरब जैसे पाकिस्तान के सहयोगियों की आलोचना करने पर सरकारी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

पाकिस्तान फौज

5. ये कायदे कानून केवल वेबसाइटों और सोशल मीडिया पर लागू होंगे. इस तरह की चीज़ों को अख़बारों में पढ़ना या टीवी पर देखने से सरकार को कोई एतराज़ नहीं है लेकिन इंटरनेट पर शेयर करना क्राइम होगा.

6. ईमेल या एसएमएस या व्हॉट्स ऐप पर आपत्तिजनक कटेंट को फॉरवर्ड करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है. ये बिल इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन के दूसरे माध्यमों पर भी लागू होता है.

7. 'ख़राब नीयत' से किसी जानकारी या डेटा पर बिना अधिकार के पैठ बनाने पर छह महीने तक जेल की सजा हो सकती है.

पाकिस्तान की युवा पीढ़ी
इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी युवाओं में सोशल मीडिया का क्रेज बढ़ रहा है.

8. बिल के मसौदे में 'स्पैमिंग' या बड़े पैमाने पर मैसेज भेजने पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

9. रिसीवर की रजामंदी के बगैर मैसेज भेजना भी एक अपराध हो सकता है.

10. अगर ये कानून पारित हो जाता है तो इंटरनेट पर मौजूद किसी भी कंटेंट को सरकार बिना कोई कारण बताए हटा सकती है और अदालत में इसके खिलाफ कोई अपील नहीं होगी.

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