डिजिटल शराब जैसी इंटरनेट पर 'गंदी' गपशप!

मोनिका लेविंस्की
    • Author, जेन वेकफ़ील्ड
    • पदनाम, टेक्नोलॉजी रिपोर्टर
  • प्रकाशित

एक वक़्त था जब लोग अपने बारे में कानाफूसी बगीचे की झाड़ियों या फिर पर्दे के पीछे से सुन लिया करते थे. अब हमारे पासे इंटरनेट है और कानाफूसी वाली गपशप के तौर तरीके हमेशा के लिए बदल गए हैं.

इंटरनेट पर हम जिस तरह से बातें करते हैं, उसका जिक्र एक बार फिर से सुर्खियों में तब आया जब मोनिका लेविंस्की ने वैंकुवर में एक कॉन्फ्रेंस में खुद को इंटरनेट पर की जाने वाली गॉसिप का पहला शिकार बताया.

पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति से प्रेम संबंधों की वजह से चर्चित रहीं मोनिका के मुताबिक़, उन्हें इससे उबरने में दशक भर लग गए थे. उन्होंने एक उदार इंटरनेट की जरूरत पर भी ज़ोर दिया.

डिजिटल शराब!

गपशप

हम सभी ने इंटरनेट पर गंदे कमेंट्स देखे हैं, वो चाहे ट्विटर पर चल रही कोई बहस हो या फिर फ़ेसबुक पर चालाकी भरे जवाब.

कभी कभी तो इंटरनेट डिजिटल शराब की तरह बर्ताव करती है, जिनके वश में आकर हम अजनबियों से ऐसी बात कर देते हैं जो हम उनसे आमने सामने कभी भी न कह पाएं.

डेव हार्टे बर्मिंघम सिटी यूनीवर्सिटी में मीडिया संचार पढ़ाते हैं. उनका मानना है कि सोशल मीडिया हमें एक दूसरे से जुड़ने का मौका देता है जो हम सब लोग चाहते भी हैं.

ऑनलाइन चैट

गपशप

वे कहते हैं, "कई मायनों में देखा जाए तो यह मीडिया की गढ़ी गई छवि की तरह लगती है. किसी से मिलने जुलने में आने वाली परेशानी से बचने के लिहाज से इंटरनेट को एक सुरक्षित जगह माना जाता है."

यहां तक कि इंटरनेट के शुरुआती दिनों में भी ऑनलाइन चैट के दौरान बातचीत में किसी भी मोड़ पर खटास आ जाया करती थी.

इंटरनेट पर जो तर्क से शुरुआत करते हैं और अपनी असहमति जताते हैं, उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जाता है. यह अक्सर होता है. महिलाओं के लिए तो यह ख़ास तौर पर मुश्किल भरा होता है.

सोशल मीडिया

फ़ेसबुक

कॉस्मेटिक ब्रांड 'डव' और ट्विटर ने एक सर्वे कराया था जिससे पता चला कि खूबसूरती और शरीर के बारे में 2014 में 50 लाख नकारात्मक ट्वीट किए गए थे. इनमें से हर पांच में से चार ट्वीट महिलाओं ने पोस्ट किए थे.

माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च में रिसर्चर के तौर पर काम कर रहीं डाना ब्वॉयड सोशल मीडिया से जुड़े मुद्दों की जानकार हैं. वे कहती हैं, "मैंने देखा कि नौजवान लड़कियां तकनीक का इस्तेमाल ख़ुद को और एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए करती हैं."

उन्होंने कहा, "किसी सार्वजनिक बहस में जब हम किसी पर अंगुली उठाते हैं तो हमें यह देखने की ज़रूरत है कि हम क्या कह रहे हैं और क्या पोस्ट कर रहे हैं."

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