सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के फ़्रांस में भव्य स्वागत पर क्यों उठे सवाल

मैक्रों और प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

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सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के फ़्रांस दौरे से, वहाँ के दक्षिणपंथी गुट नाराज़ हैं. सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या के बाद, प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पश्चिमी देशों से दोबारा रिश्ते बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं.

पश्चिमी देशों का आरोप है कि जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या में सऊदी सरकार हाथ था. प्रिंस ने हमेशा ही ख़ाशोज्जी की हत्या के लिए कोई आदेश देने की बात से साफ़ इंकार कर चुके हैं.

फ़्रांस में ऊर्जा की बढ़ती क़ीमतों और अन्य कई दिक्कतों के बीच गुरुवार को फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रिंस के साथ डिनर किया.

ख़ाशोज्जी की मंगेतर हेटिस चंगेज़ ने कहा है कि वे प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की यात्रा से बेहद ग़ुस्से में हैं. उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों पर, उनके मंगेतर के क़ातिल का सम्मान के साथ स्वागत करने का आरोप लगाया है.

मोहम्मद बिन सलमान पेरिस के दक्षिण में, ओर्ली हवाई अड्डे पर उतरे. और पेरिस के पश्चिम में स्थित एक पुराने शाही महल में ठहरे.

जमाल खाजोज्जी के कज़िन एमाद खाशोज्जी ने कहा है कि ये महल 17वीं सदी में फ़्रांस के सम्राट लुई चौहदवें के क्रूर कार्यकाल की याद दिलाता है.

गुरुवार को प्रिंस और राष्ट्रपति की बैठक से पहले तीन समूहों ने खाशोज्जी की प्रताड़ना और हत्या में शामिल होने के लिए, प्रिंस के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज करवाया.

शिकायत दर्ज करने वालों में डेमोक्रेस फॉर द अरब वर्ल्ड नाउ (DAWN) भी शामिल हैं. इस संस्था का कहना है कि प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के पास मुकदमे से बचने के लिए कोई इम्यूनिटी नहीं है क्योंकि वे कहीं के राष्ट्राध्यक्ष नहीं हैं.

इस संस्था का कहना है कि फ़्रांस ही एक ऐसी जगह है जहाँ इंसाफ़ मुमकिन है.

फ़्रांस

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इमेज कैप्शन, इसी भवन में प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ठहरे थे.

ह्यूमन राइट्स वॉच की बेनेडिक्ट ज्यांरोद ने कहा है कि मानवाधिकारों पर मज़ूबत और स्थाई प्रतिबद्धता हासिल किए बिना अगर मैक्रों प्रिंस के साथ दोस्ती बढ़ाते हैं तो ये उनकी इमेज पर लीपापोती करने जैसा होगा.

मीटिंग से पहले फ़्रांस के राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने वादा किया था कि वार्ताओं में मानवाधिकारों की बात को साधारण तरीके से उठाया जाएगा. सलाहकार ने कहा था कि समस्याओं के हल के लिए फ़्रांस को अपने सभी सहयोगियों से बात करनी चाहिए.

राष्ट्रपति और प्रिंस इससे पहले भी सऊदी शहर जेद्दाह में पिछले साल दिसंबर में मुलाक़ात कर चुके हैं.

फ़्रांस की प्रधानमंत्री एलीसाबेथ बोर्न ने कहा है कि फ़्रांसीसी लोग ये नहीं चाहेंगे कि रूस के साथ तनाव के बीच उनका राष्ट्रपति, दुनिया के सबसे प्रमुख तेल उत्पादकों से बात न करे.

उन्होंने कहा कि रूस ने गैस सप्लाई रोकी है और भविष्य में दोबारा रोक सकता है.

रूस की यूक्रेन पर चढ़ाई ने दुनिया में ऊर्जा की क़ीमतों में भारी इज़ाफ़ा किया है. राष्ट्रपति मैक्रों ने भी सऊदी अरब से तेल का उत्पादन बढ़ाने की गुज़ारिश की है.

दुनिया में तेल उत्पादकों के समूह - ओपेक+ है. इस गुट में रूस भी शामिल है. अगले हफ़्ते इस गुट की बैठक होनी है. इस समूह पर दुनिया के ऊर्जा संकट को कम करने का दबाव है.

जो बाइडन और प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

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इमेज कैप्शन, जो बाइडन और प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को इसी महीने प्रिंस सलमान के साथ गर्मजोशी से मिलते देखा गया था. ऐसा लग रहा था कि ये रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश है.

प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हमेशा ही पत्रकार जमाल खाशोज्जी की मौत में शामिल होने से इंकार किया है. सऊदी अरब के अभियोजकों ने खाशोज्जी की हत्या का दोष सऊदी अरब के बाग़ी एजेटों के सिर पर लगाया था.

अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियां कहती रही हैं कि दरअसल प्रिंस मोहम्मद बिन सलान ने ही खाशोज्जी को मारने वाले ऑपरेशन की हरी झंडी दी थी.

संयुक्त राष्ट्र की एक जांच ने सऊदी अरब को ही इस हत्या के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था.

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