यशवंत सिन्हा आर्थिक सामाजिक तौर पर पिछड़े!

यशवंत सिन्हा
    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित

भारत के पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा आर्थिक और सामाजिक तौर पर पिछड़े हैं. झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले के हुपाद गांव में 'ग़रीबों' की सूची में उनका नाम है.

इस कारण वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो कमरों के पक्के मकान की पात्रता भी रखते हैं.

ये सूची सरकार की वर्ष 2011 की जातिगत जनगणना पर आधारित है. इसमें आर्थिक और सामाजिक तौर पर पिछड़े लोगों का वर्गीकरण किया गया था.

हजारीबाग सदर की प्रखंड प्रमुख सरोजनी राम ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक के दौरान बीडीओ ने आईपीपीई-2 (इंटेंसिव पार्टिसिपेटरी प्लानिंग एक्सरसाइज-2) के बाद अंत्योदय योजना के लिए लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक की.

सूची में यशवंत सिन्हा का नाम

इस सूची से ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नामों का चयन किया जाना है. इस सूची में 252वें नंबर पर यशवंत सिन्हा, पिता विपिन बिहारी शरद और मां धाना देवी भी नाम लिखा था.

इसके बाद बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने सूची को संदेहास्पद बता दिया. एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त मुकेश कुमार से मिलकर इसकी शिकायत की.

यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा नरेंद्र मोदी की सरकार में वित्त राज्य मंत्री हैं. लोकसभा चुनाव के वक्त दिए हलफ़नामे में उन्होंने अपनी संपत्ति लगभग 55 करोड़ रुपए बताई थी.

वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव के वक्त यशवंत सिन्हा ने हलफ़नामे में अपनी संपत्ति 3 करोड़ रुपए से अधिक बताई थी.

हजारीबाग के उपायुक्त मुकेश कुमार

हज़ारीबाग के उपायुक्त मुकेश कुमार ने मीडिया को बताया कि वो इस मामले की जांच कराएंगे.

उन्होंने कहा कि 15 जून से पहले आर्थिक-सामाजिक तौर पर पिछड़े लोगों की मौजूदा सूची की खामियां दुरुस्त कर ली जाएंगी.

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