जब सीएम के सामने लेट गए दलित विधायक

    • Author, सुब्रत कुमार पति
    • पदनाम, भुवनेश्वर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

ओडिशा विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस और भाजपा ने रिजर्वेशन ऑफ वेकेंसीज यानी ओआरवी एक्ट पर जमकर हंगामा किया.

राज्य में ओआरवी एक्ट लागू करने की मांग करते हुए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (भाजपा और कांग्रेस) विधायक मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के सामने लेट गए.

पूर्व मंत्री रघुनाथ पटनायक के निधन पर शोक प्रस्ताव के बाद अचानक ही विधायक उठ खड़े हुए और विरोध करना शुरू कर दिया.

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कांग्रेस विधायक प्रफुल्ल माझी ने कहा, "हमने ओडिया संस्कृति का पालन करते हुए अपनी मांग रखी. लेकिन माननीय मुख्यमंत्री कठोर दिल के हैं, उन्होंने हमारी मांग पर ध्यान नहीं दिया."

इसके बाद बीजू जनता दल (बीजद) प्रवक्ता शशिभूषण बहेरा ने कांग्रेस और भाजपा के विरोध के तरीके को ग़लत बताया.

उन्होंने कहा, “विधानसभा की पवित्रता को इस तरह से भंग नहीं किया जाना चाहिए. एक लोकतांत्रिक देश में विरोध का ये तरीका सही नहीं है.”

लंबे समय से राज्य में ओआरवी एक्ट को लागू करने की मांग की जा रही है. इस मसले को पहले भी विधानसभा में कई बार उठाया जा चुका है.

यहां तक कि मुख्यमंत्री को इस संदर्भ में ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है. लेकिन आज तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई.

उच्च शिक्षा मुहैया कराने वाले शैक्षणिक संस्थानों में एससी, एसटी के लिए 38% आरक्षण की व्यवस्था है लेकिन इंजीनियरिंग और मेडिकल के कोर्स में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है.

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