सोनी सोरी ने कल्लुरी को निशाने पर लिया

सोनी सोरी
    • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
    • पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

आम आदमी पार्टी की आदिवासी नेता सोनी सोरी ने आरोप लगाया है कि बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक शिवराम प्रसाद कल्लुरी के इशारे पर उन पर बस्तर में हमला किया गया था.

इस बीच, इन आरोपों पर कल्लुरी के कथित रूप से सोनी सोरी को ‘बाज़ारू औरत’ कहे जाने पर विवाद शुरू हो गया है.

राज्य की महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री रमशिला साहू ने कहा है कि किसी महिला को लेकर इस तरह की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है.

इधर, सोनी सोरी के भतीजे लिंगाराम कोड़ोपी ने आशंका जताई है कि पुलिस उन्हें फर्ज़ी मुठभेड़ में मार सकती है.

आदिवासी नेता सोनी सोरी पर 20 फ़रवरी को बस्तर के बास्तानार इलाके में उस समय हमला किया गया था, जब वे अपनी एक सहयोगी के साथ अपने घर लौट रही थीं.

एस पी कल्लुरी
इमेज कैप्शन, पुलिस महानिरीक्षक एस पी कल्लुरी (फ़ाइल फोटो)

हमलावरों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और फिर उनके चेहरे पर कोई ज्वलनशील पदार्थ मल दिया था.

स्थानीय पुलिस ने दावा किया था कि उनके चेहरे पर कालिख पोती गई, लेकिन बाद में सोनी सोरी की हालत गंभीर होती चली गई और उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाना पड़ा.

शुक्रवार को जब सोनी सोरी दिल्ली से रायपुर पहुंची तो उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर के आईजी कल्लुरी के इशारे पर उन पर हमला किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बहन और बहनोई अजय मरकाम का अपहरण कर लिया था, जिन्हें देर रात छोड़ा गया.

सोनी सोरी ने कहा, “मेरे पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है. मेरी छोटी बहन और उनके पति को पुलिस ने घर से उठा लिया, जिन्हें बड़ी मुश्किल से शुक्रवार की रात को छोड़ा गया.”

उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके परिजनों को परेशान किया जा रहा है.

बीबीसी ने इस मुद्दे पर पुलिस महानिरीक्षक शिवराम प्रसाद कल्लुरी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई.

इधर, रायपुर से प्रकाशित ‘छत्तीसगढ़’ अख़बार के संपादक सुनील कुमार ने आरोप लगाया है कि जब उनके एक संवाददाता ने सोनी सोरी के मसले पर कल्लुरी से बात की तो उन्होंने कहा कि वे जनता की सेवा करने के लिए आईपीएस बने हैं. उन्हें नौकरी करने दिया जाए. किसी बाज़ारू औरत के आरोपों का जवाब देने के लिए उनके पास समय नहीं है.

सुनील कुमार ने कहा, “ये लोकतंत्र के लिए एक बहुत ही ख़तरनाक नौबत है, जिसमें नक्सलियों से मोर्चा लेने के नाम पर, एक व्यक्ति को लोकतंत्र को इस हद तक कुचलने की इजाजत दी जा रही है.”

हालांकि राज्य के गृहमंत्री अजय चंद्राकर का मानना है कि ये टिप्पणी कल्लुरी और सोनी सोरी के बीच का व्यक्तिगत स्तर का मामला लगता है.

उन्होंने कहा, “सोनी सोरी सीधे मुझसे बात करें, मैं हर संभव उनकी मदद करूंगा. मैं गृहमंत्री होने के नाते ये बात कह रहा हूँ.”

राज्य की महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री रमशिला साहू ने सोनी सोरी के लिए कथित रुप से ‘बाज़ारू’ शब्द के उपयोग पर कड़ी आपत्ति जताई है.

उन्होंने कहा, “किसी भी स्थिति में किसी महिला के लिए इस तरह की टिप्पणी नहीं की जा सकती है. यह किसी महिला को हतोत्साहित करने का काम है.”

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