किसी का निकाह, किसी की ज़िंदगी का रास्ता

मौजूदा स्थिति में अपने माता-पिता के साथ आदिल
इमेज कैप्शन, मौजूदा स्थिति में अपने माता-पिता के साथ आदिल
    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, राँची से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
  • प्रकाशित

शादियां आमतौर पर जश्न का निमंत्रण होती हैं लेकिन निलोफ़र की शादी कुछ अलग थी. इस निकाह के न्यौते के साथ अपील की गई कि कोई मेहमान उपहार नहीं लाए, मन हो तो कुछ रुपए दान करें. यह दान उन्होंने 17 साल के आदिल के लिए मांगा जिसके लिवर ट्रांसप्लांट में 22 लाख रुपए खर्च होना है.

रांची के मणिटोला निवासी मोहम्मद यूसुफ़ कुवैत में रहते हैं. उनकी बेटी निलोफ़र का निकाह 5 दिसंबर को इमरान से हुआ.

आदिल के पिता ग़रीब हैं इसलिए इतनी बड़ी रकम जमा करना उनके लिए नामुमकिन जैसा है.

बीमारी का पता लगने से पहले आदिल
इमेज कैप्शन, बीमारी का पता लगने से पहले आदिल

मोहम्मद युसूफ़ ने बताया कि जब वह बेटी के निकाह के लिए रांची आए, तब उन्हें एक एनजीओ से जुड़ी फ़रीदा नुसरत ने आदिल के बारे में बताया.

जब मिलने गए तो पता चला कि आदिल हर माह पांच हज़ार रुपए की दवा पर ज़िंदा है, अगर लिवर ट्रांसप्लांट हो जाए तो उसकी ज़िंदगी बच सकती है.

यूसुफ़ ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने शादी के कार्ड के साथ डोनेशन की अपील का पर्चा भी भेजा. निकाह मंडप के पास डोनेशन बॉक्स रखवाए.

डोनेशन बॉक्स में पैसे डालते लोग
इमेज कैप्शन, डोनेशन बॉक्स में पैसे डालते लोग

शादी की रात डोनेशन बॉक्स से 43 हजार रुपए मिले. साढ़े तीन लाख रुपए उन्होंने दिए. अब 4 लाख रुपए जमा हो चुके हैं. इससे आदिल के इलाज की शुरुआत हो पाएगी.

मोबिन आलम और ज़ीनत बानो की 7 संतानों में आदिल इकलौता बेटा है. जब वह छठी क्लास में था तब बीमारी का पता चला.

आदिल के पिता मोबीन ने बताया, "एक दिन अचानक उसे बोलने में दिक्कत हुई. फिर हाथ-पैर ने काम करना बंद कर दिया. तब से वह बिस्तर पर पड़ा है."

क्रिश्चियन मेडिकल कालेज वेल्लोर के डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं. मोबिन मूलतः बिहार के जहानाबाद ज़िले के निवासी हैं. पिछले कई वर्षों से रांची में रहकर ऑटो चलाते हैं.

अलशम्स अलयासीन वेलफेयर सोसायटी की फरीदा नुसरत आदिल की मां के साथ
इमेज कैप्शन, अलशम्स अलयासीन वेलफेयर सोसायटी की फरीदा नुसरत आदिल की मां के साथ

अल शम्स अलयासीन वेलफेयर सोसायटी की फ़रीदा नुसरत ने बताया कि डॉक्टरों ने आदिल को विल्सन नामक बीमारी बताई है.

यह बीमारी मानव शरीर में कॉपर के असंतुलन के कारण होती है. उनका एनजीओ लोगों को डोनेशन के लिए जागरूक कर रहा है. मोहम्मद यूसुफ़ उनकी ही पहल पर आदिल को देखने आए थे.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>