अमरीकी सिख ने जीती पगड़ी की लड़ाई

गुरदीत सिंह, डिज़्नी वर्ल्ड के कर्मचारी
    • Author, रजनी वैद्यनाथन
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, वाशिंगटन
  • प्रकाशित

अमरीका में डिज़्नी वर्ल्ड में डाकिया का काम करने वाले गुरदीत सिंह को कंपनी के सभी रूट पर और सभी ग्राहकों को सामान पंहुचाने का हक़ दे दिया गया है.

उनके वकील का आरोप है कि कंपनी ने गुरदीत को दूसरे कर्मचारियों और ग्राहकों से अलग थलग कर दिया था ताकि लोगों को उनकी पगड़ी और दाढ़ी न दिखे.

गुरदीत ने फ़्लोरिडा के इस मनोरंजन पार्क पर यह आरोप लगाया था कि सिख होने और दाढ़ी मूंछ रखने की वजह से उन्हें ग्राहकों तक सामान पंहुचाने के उनके सामान्य काम से हटा दिया गया था.

डिज़्नी के ख़िलाफ़ शिकायत

अमरीका में रहने वाला एक सिख परिवार

शिकायत पर अमरीकी नागरिक स्वतंत्रता संघ (एसीएलयू) और सिख गठबंधन ने डिजनी को चिट्ठी लिख कर गुरदीत सिंह के साथ हुए व्यवहार पर चिंता जताई थी.

चिट्ठी में कहा गया कि कंपनी ने दूसरे कर्मचारी कंपनी के सभा ग्राहकों तक सामान पंहुचाते थे, पर सिंह को वहां से हटा दिया गया. इसकी वजह उनकी नस्लीय और धार्मिक पहचान थी और ऐसा करना अमरीका के नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है.

'भेदभाव नहीं'

लंगर में सिख

डिज़्नी का अब कहना है कि वह धर्म के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं करती है. गुरदीत सिंह अब सभी रूटों पर और सभी ग्राहकों तक सामान पंहुचा सकते हैं.

वकील गुरजोत कौर ने बताया कि गुुरदीत सिंह ने डिज़्नी में 2005 में नौकरी के लिए अर्ज़ी दी थी पर उनसे कहा गया था कि उन्हें किचन या कार पार्क में ही काम करना पड़ेगा.

गुरजोत कौर के मुताबिक इंटरव्यू लेने वाले ने इशारा किया था कि पगड़ी की वजह से वे लोगों के सामने काम नहीं कर सकते. गुरदीत सिंह ने ये नौकरी नहीं की लेकिन बाद में 2008 में फिर डोरमैन के पद के लिए अर्ज़ी दी.

वकील का कहना है कि ख़ासा अनुभव होने के बावजूद गुरदीत सिंह को पद पर नहीं दिया गया क्योंकि उनका पहनावा कंपनी के ज़रूरी पहनावे से नहीं मिलता था.

पर अब गुरदीत सिंह ने कहा है कि वे कंपनी के प्रति शुक्रगुज़ार हैं. उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इस फ़ैसले से सिख और दूसरे धर्म मानने वालों को अपना मजहब मानने की पूरी छूट मिले जाएगी. इससे यह भी साफ़ हो गया कि हम सभी बराबर हैं. यह एक अमरीकी मूल्य है.”

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